कैमरे के सामने जाने से डरने वाली अभिनेत्री कृष्णा मुखर्जी को आज किसी भी बात से डर नहीं, क्योंकि उन्होंने इस डर को संगीत थिएटर एश्टन लोबो में काम कर काबू में कर लिया है. इसके अलावा उन्होंने धारावाहिक ‘ये है मोहब्बतें’ में आलिया गोनी की भूमिका निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया. हंसमुख और विनम्र कृष्णा मुख़र्जी के चेहरे की तुलना मौनी रॉय से दी जाती है, पर वह इसे ऐसा नहीं मानती. शायद उनका बंगाली होना ही सबको ऐसा एहसास करवाती है. छोटी अवस्था से उन्हें प्रसिद्ध होने की चाहत थी, फिर चाहे वह एक्टिंग हो या कोरियोग्राफी, किसी भी क्षेत्र में अच्छा काम करना चाहती थी. उनकी वेब सीरीज ‘लाइफ नवरंगी’ में उनके भूमिका को काफी तारीफे मिल रही है, जिससे वह बहुत खुश है और उन्होंने ख़ास गृहशोभा के लिए बात की.

सवाल – एक्टिंग में आना एक इत्तफाक था या पहले से सोचा था, परिवार का सहयोग कैसा था?

जवाब – मैंने कभी एक्ट्रेस बनने के बारें में नहीं सोचा था, क्योंकि मैं एक डांसर हूं और कोरियोग्राफर बनना चाहती थी. मैं कंटेम्पररी और बैले डांस दिल्ली में सीखी थी और उसमे कुछ अच्छा करना चाहती थी. दिल्ली में एक निर्देशक ने मेरी डांस को परफॉर्म करते हुए देखा और मुंबई आने के लिए कहा. मैं मुंबई आ गयी और यहाँ किसी को जानती नहीं थी, लेकिन कठिन परिश्रम के बाद मुझे कुछ काम मिले. मैंने बहुत सारे ऑडिशन दिए, मुझे एक्टिंग आती नहीं थी. ऑडिशन से ही मैंने एक्टिंग सीखा है. एक दो महीने तो कुछ भी नहीं मिला, लेकिन उसके बाद काम मिलने लगा.

सवाल – पहला ब्रेक कैसे मिला? परिवार का सहयोग कैसा रहा?

जवाब – मुंबई आने के बाद मुझे एकता कपूर और बालाजी नाम ही याद रहा. मैं उस प्रोडक्शन हाउस के तहत काम करना चाहती थी. ये मेरा ड्रीम था और शो ये है मोहब्बते में काम मिला. मेरा सपना पूरा हुआ. परिवार का सहयोग बचपन से ही था. उन्होंने कुछ करने से मना नहीं किया, जबकि कई लोग छोटे कपडे को पहनना गलत मानते थे. मेरे पेरेंट्स ने हमेशा कहा है कि जब तक आप किसी को हर्ट नहीं करते आप अपने मन की कर सकते है.

सवाल – इस वेब सीरीज में क्या खास है? आपकी भूमिका क्या थी?

जवाब – इस वेब शो से लोग खुद को रिलेट कर सकेंगे, क्योंकि भोपाल में जब हम सभी शूट कर रहे थे, वहां नालियों के गंदे माहौल में काम करना मुश्किल हो रहा था, लेकिन वहां के लोगों पर इसका असर कुछ नहीं था, वे इस गंदगी को छुपा रहे थे. जबकि इसके सुधार के लिए कुछ किया नहीं जाना चाहिए. ये एक रीयलिस्टिक समस्या है, जो अधिकतर शहरों में है.

मैंने इस सीरीज में सलोनी की भूमिका निभाई है, जो एक सोशल मीडिया इन्फ़्लुएन्सर है. उसे खुश रहना और प्रसिद्ध होने के लिए साफ़-सफाई अभियान के लिए चैनल बनाती है.

सवाल – इसमें आपके लिए चुनौती क्या थी?

जवाब – अधिकतर फिल्में सेट पर की जाती है, लेकिन गांव जाकर रियल परिवेश में जाकर शूटिंग करना आसान नहीं था, क्योंकि गंदे नालियों की बदबू में काम करना बहुत कठिन था, पर मैं उन लोगों के बारें में सोचती थी कि जो असल में यही रहते है, उनकी जिंदगी कैसे कटती होगी. इस समस्या के लिए लोग कुछ करते क्यों नहीं. साफ-सफाई पर काम होना चाहिए, क्योंकि गंदगी से ही बीमारियाँ फैलती है. बरसात में बारिश की पानी से नालियों के भर जाने पर ये गंदगी घर तक पहुँच जाती है. छोटे शहरों के लोग इसे समझ नहीं पाते. इसमें खासकर डेंगू और मलेरिया के मच्छर जन्म लेते है.

सवाल – ऐसी जगहों पर जाने पर आप के अनुभव किस प्रकार के हुए?

जवाब – अनुभव बहुत ही ख़राब थी, एक 90 साल की महिला बता रही थी, कि मेरे घर के पास नाला है और मैंने बचपन से ही नालों में मल को जाते हुए देखा है. उन्होंने कभी सेफ्टी टैंक देखा नहीं है और उनके लिए ये नई बात है. इसके अलावा उनका कहना था कि इस परिवेश से हम सब आदी हो चुके है, इसलिए किसी प्रकार की बीमारी भी नहीं होती. सभी ने इस परिस्थिति से सामंजस्य कर लिया है.

सवाल – इंटिमेट सीन्स करने में आप कितनी सहज होती है?

जवाब – मैंने एक बार ही इंटिमेट सीन किये है, लेकिन इसे करने में कुछ लोग सहज तो कुछ असहज होते है. एक कलाकार को हर तरह के सीन्स करने पड़ते है. एक्टिंग एक जॉब है और स्क्रिप्ट के अनुसार काम करना पड़ता है. ऐसे सीन को करने में निर्देशक का बहुत सहयोग होता है.

सवाल – कितनी बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा?

जवाब – रिजेक्शन का सामना बहुत बार करना पड़ा, लेकिन उसे मैंने अपने काम का एक पार्ट समझा.

सवाल – क्या कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा ?

जवाब – इसमें सिंपल बात NO कहना पड़ता है. इसे सीख जाने पर कोई मुश्किल नहीं होती, क्योंकि ऐसी बातों को लेकर ढिंढोरा पीटने की आवश्यकता नहीं, केवल ‘ना’ बोलकर व्यक्ति निकल सकता है. इंडस्ट्री को जान लेने के बाद, काम की कोई कमी नहीं होती.

सवाल – इस वेब सीरीज के करने के बाद जिंदगी कितनी बदली है?

जवाब – डेली सोप में एक्टिंग करना और वेब में एक्टिंग अलग होती है. पहले टेक में थोड़ी मुश्किल आई थी, क्योंकि मेरी एक्टिंग डेली सोप की तरह हो रही थी, जबकि इसमें नेचुरल एक्टिंग करना था. निर्देशक देवात्मा मंडल को काफी काम मुझ पर करने पड़े. एक्टिंग करने पर वे तुरंत ‘कट’ कहते थे और दुबारा नेचुरल एक्टिंग करवाते थे. अभिनेता आमिर अली ने भी मुझे सेट पर काफी सहयोग दिया है.

सवाल – इस शो से आपमें कितना बदलाव आया है?

जवाब – इस शो से मुझमें बहुत बदलाव आया है, अगर कोई मेरे सामने बोतल या कचरा फेंकता है तो मैं उन्हें उसे उठाकर घर ले जाने या डस्टबीन में फेंकने को कहती हूं, जिसे पहले मैंने अधिक महत्व नहीं दिया था. हर व्यक्ति को केवल घर नहीं, अपने आसपास को भी स्वच्छ रखने की जरुरत है और ये काम उन्हें खुद से ही करना है.

सवाल – मानसून में सेहत की देखभाल कैसे करती है?

जवाब – मानसून में मुझे घर पर रहना बहुत पसंद है, लेकिन काम की वजह से बहर जाना पड़ता है. एक्ट्रेस की लाइफ में जो काम मिले, उसे करना पड़ता है, जैसे बारिश में पानी में भीगना, कीचड़ में चलना आदि दृश्य के अनुसार परफॉर्म करने पड़ते है. मैं स्किन को हमेशा हाईड्रेट रखना पसंद करती हूं, इसके लिए मोयास्चराइजर हमेशा लगाती हूं. फैशन मुझे बहुत पसंद है और खुद ही उसे क्रिएट करती हूं, किसी डिज़ाइनर को फोलो नहीं करती.

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