क्या कोरोना के लिए दस सेकंड का ‘सेल्फ चेक’ सही है ? गलत है. हाल ही में वायरल कोरोना वायरस में “सरल स्व-जांच परीक्षण,” के लिए विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह से गलत है. आईफोन नोट्स ऐप से पता चल सकता है कि क्या लोगों के पास केवल 10 सेकंड से अधिक समय तक सांस लेने से कोरोना वायरस हो सकता है या नहीं ?
यदि कोई खाँसी के बिना अपनी सांस रोक सकता हैं, तो परीक्षण(टेस्ट) का दावा है कि उनको वायरस नहीं है.
पिछले हफ्ते ट्विटर, फेसबुक और ईमेल पर प्रसारण शुरू करने वाले पोस्ट पर “स्टैनफोर्ड हॉस्पिटल बोर्ड” के एक सदस्य को गलत तरीके से श्रेय दिया गया था. “स्टैनफोर्ड हेल्थ केयर की प्रवक्ता ‘लिसा किम’ ने सी.एन.एन को बताया कि “डर या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट” स्टैनफोर्ड मेडिसिन से संबद्ध नहीं है और इसमें गलत जानकारी है. ”
क्या अस्पतालों में सभी सतहों को कीटाणुशोधन की आवश्यकता होती है ?
अमेरिकन हॉस्पिटल एसोसिएशन ने कहा कि जब लगातार सफाई प्रमुखता से होती है, तो अस्पतालों की “हाई-टच सतहों जैसे कि इन-रूम फोन, टीवी/नर्स कॉल, लाइट स्विच, डोरियों, हैंडल, दराज, बेड, और ट्रे-टेबल पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
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क्या कोरोना संक्रमण में क्लोरोक्वीन बहुत जरूरी है ?
पुरानी जेनेरिक मलेरिया दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन (प्लाक्वेनिल, सनोफी-एवेंटिस, अन्य के बीच), जिसका उपयोग गठिया की बीमारी के इलाज के लिए भी किया जाता है, COVID-19 के लिए एक आवश्यक उपचार हो सकता है.
मार्सिले में आईएचयू मैडिटैरनी(IHU Mediterranee) संक्रमण के प्रोफेसर डिडिएर राउल्ट सहित कुछ लोगों द्वारा सामने रखी गई इस बात को अन्य जाने-माने संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने गलत घोषित कर दिया और हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा फर्जी समाचार के रूप में खारिज कर दिया.
फिर भी इसे बिना क्रम वाले और गैर-जांचे हुए 24 रोगियों में उपयोग किया गया और प्रोफेसर राउल द्वारा यूट्यूब पर प्रस्तुति के साथ जारी किया गया.
पेइचिंग यूनिवर्सिटी थर्ड हॉस्पिटल, बीजिंग, चीन से ‘जूईटिंग याओ’ के नेतृत्व में एक चीनी टीम के द्वारा संक्रमण रोग को एक नैदानिक यानि (क्लीनिकल) जर्नल द्वारा ऑनलाइन प्रकाशित किया गया था.
इसके अलावा, क्लोरोक्वीन को चार उपचारों में नहीं बांटा गया है. इसे हाल ही में शुरू किए गए यूरोपीय क्लीनिक टेस्ट के रूप में चलाया जा रहा हैं, जिसमें चीन के 3200 गंभीर मरीज़ और 800 फ्रांसीसी मरीज़ शामिल हैं.
संक्रमित रोगियों में सामान्य स्तर पर अन्य दवाओं के साथ क्लोरोक्वीन को खारिज कर दिया गया था क्योंकि यह रिकवर करने वाले रोगियों में प्रभाव नहीं दिखा पा रही थी.
जीवाणु नाशक साबुन का एक फायदा क्या है ?
उसका कोई दूसरा इस्तेमाल नहीं हो सकता है.
क्या शरीर में विटामिन- सी का होना ज़रुरी है ?
नहीं, सर्दी और फ्लू में विटामिन – सी ने लगातार लाभ नहीं दिखाया है. इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए जिंक, ग्रीन-टी और इचिनेशिया जैसे विटामिन- सी सप्लीमेंट्स फायदेमंद हैं.
क्या सभी को मास्क पहनना चाहिए ?
नहीं, वह लोग जो स्वस्थ हैं और जिन लोगों में कोरोना लक्षण नहीं हैं, उन लोगों को हम मास्क पहनने की सलाह नहीं देते और उन लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य नहीं है लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों और संक्रमित रोगियों की देखभाल करने वालों के लिए यह अनिवार्य है.
सर्जिकल मास्क का उद्देश्य वायरल संक्रमण होने से रोकना नहीं है क्योंकि उनमें से ज्यादातर मास्क बहुत ढीले होते हैं. ये मास्क मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जनता के लिए नहीं.
क्या लिफ्ट बटन और सब-वे पोल जैसी सामान्य सतहों को छूने पर दस्ताने पहनें ?
शायद, पहन सकते हैं. दस्ताने पहनना वायरस के फैलाव को रोकने में प्रभावी नहीं हो सकता क्योंकि दस्ताने स्वयं दूषित हो जाते हैं. बस, साधारण तौर पर साबुन से हाथ धोना सबसे प्रभावी कदम है.
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क्या फ्लू का टीका लगाएं ?
हां, लगा सकते हैं, लेकिन कोरोना वायरस के लिए नहीं. सामान्य रूप से अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए फ़्लू का टीका मददगार है.
क्या टोसीलिज़ुमाब, एक नई कोरोना दवा है ?
चीन गंभीर स्थितियों में कुछ कोरोना वायरस रोगियों का इलाज करने के लिए एक रोच होल्डिंग एजी गठिया दवा का उपयोग कर रहा है.
टोसीलिज़ुमाब, एक दिग्गज स्विस फार्मा द्वारा बेची जाने वाली दवाई है. कोरोना वायरस रोगियों के फेफड़ों के गंभीर नुकसान पहुंचाता है और इंटरलेयुकिन 6 का ऊंचा स्तर दिखाता हैं, जो सूजन या रोग प्रतिरोधक क्षमता संबंधी बीमारियों का संकेत दे सकता है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि इसके उपचार के लिए दिशानिर्देश ऑनलाइन प्रकाशित किए गए हैं. रोचे के अनुसार एक्टेम्रा, इंटरलेकिन 6 से संबंधित सूजन को रोकने में मदद कर सकता है.
क्या घर पर रहने से मैं किसी प्रकार नज़रबंद हूं ?
नहीं, लेकिन होम क्वारंटाइन(घर पर रहने) या घर पर खुद को नज़रबंद करने वाले लोगों के लिए निर्देश हैं जिनका उन्हे पालन करना चाहिए :
एक ऐसे कमरे में रहें जहां अलग और एकल शौचालय के साथ-साथ हवा आने-जाने का रास्ता हो. यदि परिवार के किसी अन्य सदस्य को भी एक ही कमरे में रहना है, तो दोनों के बीच कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखना उचित है.
बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और घर के भीतर किसी प्रकार के रोग वाले व्यक्तियों से दूर रहने की आवश्यकता है.
घर के भीतर लोगों का आना-जाना प्रतिबंधित(बंद) करें.
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किसी भी परिस्थिति में किसी भी सामाजिक/धार्मिक सभा, शादी, शोक सभा में भाग न लें.
डॉ. के.के.अग्रवाल,प्रमुख संपादक, मैडटॉक्स और अध्यक्ष, हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया से बातचीत पर आधारित