साइकिल के प्रति दीवानापन फिर से बढ़ता जा रहा है. कुछ साल पहले जहां लोग साइकिल से चलने में अपने को हीन समझतेे थे, वहीं अब जिनके घरों में लक्जरी कारें हैं वो भी साइकिल चला रहे हैं. युवा वर्ग में लड़के जहां चुस्त रहने के लिए साइकिल चला रहे हैं, वहीं युवतियां काया को छरहरी बनाने के लिए साइकिल का  उपयोग कर रही हैं. इसके अलावा लोग अपनी सेहत को मजबूत करने के लिए भी साइकिल का प्रयोग कर रहे हैं. तो आइए हम बताते हैं साइकिल चलाने के फायदे. इन फायदों को जानने के बाद भी आप भी हैरान हो जाएंगे कि बस तीस मिनट  साइकिल चलाने से शरीरिक, मानसिक के अलावा, आत्मविश्वास  भी बढ़ता है.

ये हैं फायदे

1. अगर आप प्रतिदिन दो किमी या 30 मिनट तक साइकिल चलाते हैं तो ज्यादा समय तक जवान दिखेंगे. इसका कारण यह है कि रक्त संचरण बेहतर होता है और स्फूर्ति दिनों दिन बढ़ती जाती है .

2. आधे घंटे तक साइकिल चलाने से शरीर के सभी अंग एक्टिव हो जाते हैं एेसे में रात को बेहतरीन नींद आती है.

3. आधा घंटा साइकिल चलाने से बॉडी की इम्यून सेल्स ज्यादा एक्टिव होती हैं और लोग कम बीमार पड़ते हैं.

4. साइकिल चलाने से शरीर की तमाम मांस पेशियाँ स्वस्थ और मजबूत हो जाती हैं.और इससे आंतरिक आत्मविश्वास भी बढ़ता है.

5. साइकित चलाने से दिमागी ताकत तेज होती है, निरंतर साइकिल चलाने वालों की निर्णय क्षमता पर गौर कीजिये यह सामान्य लोगों से अधिक ही होती है.

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6. आधे घंटे साइकिल चलाने से व्यक्ति इतनी कैलोरी नष्ट करता है कि उसके शरीर की अतिरिक्त ऊर्जा कम हो जाती है.

7. नियमित रूप से साइक्लिंग करने से इम्यून सिस्टम मज़बूत बनता है. यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैरोलाइना में एक रिसर्च के बाद पाया गया कि जो लोग सप्ताह में कम से कम पांच दिन आधा घंटा साइकिल चलाते हैं, उनके बीमार पड़ने की संभावना 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में साइकिल चलाना बहुत लाभदायक है .

8. साइकिल चलाते समय दिल की धड़कने बढ़ जाती हैं, जिससे शरीर में रक्तसंचार ठीक हो जाता है. इसके चलते दिल के दौरे जैसी समस्याएं नहीं आतीं. दिल से जुड़ी दूसरी बीमारियां होने का ख़तरा काफ़ी कम हो जाता है.

9. विभिन्‍न अध्ययनों में पाया गया है कि नियमित रूप से साइकिल चलानेवाले तनाव और अवसाद का शिकार दूसरों की तुलना में काफ़ी कम होते हैं.

10. साइक्लिंग करने से ब्‍लड सेल्‍स और स्‍किन में ऑक्‍सीजन की पर्याप्‍त आपूर्ति होती है. इससे आपकी त्‍वचा ज्‍यादा अच्‍छी और चमकदार दिखती है. आम हमउम्र लोगों की तुलना में अधिक जवां दिखते हैं.सिर्फ़ जवां दिखते ही नहीं, आपका शरीर वास्तव में और जवां बन जाता है. आप महसूस कर सकते हैं कि स्टैमिना बढ़ गया है और शरीर में नई ऊर्जा और ताक़त आ गई है.

11. जो लोग साइक्लिंग के मुरीद हैं उनके पैर और तलवे काफ़ी मज़बूत होते हैं,  दरअसल, साइक्लिंग से पैरों की अच्छी एक्सरसाइज़ हो जाती है. वैसे देखा जाए तो साइक्लिंग से पूरे शरीर का अच्छा व्यायाम हो जाता है.

12. साइक्लिंग का एक बड़ा फ़ायदा यह भी है कि इससे शरीर के सभी अंगों के बीच अच्छा समन्वय स्थापित हो जाता है. हाथ, पैर, आंखें इन सभी के बीच अच्छा कॉर्डिनेशन होना शरीर के ओवरऑल संतुलन को बेहतर करता है. इतना ही नहीं, यदि आपको बाइक या स्कूटी चलाना सीखना है तो साइक्लिंग की जानकारी आपके बड़े काम आ सकती है.साइकिल चलाने से मन मे यह अपार खुशी बनी रहती है कि पर्यावरण के  हित में काम किया और जो भी योगदान दिया वह प्रकृति के  अनुकूल है .  यानि साइकिल चलाने का एक अर्थ यह भी हुआ कि हम अपनी धरती को प्रेम करते हैं .

कैसी साइकिल खरीदें:

साइकिल कैसी हो यह भी एक महत्त्वपूर्ण पहलू है . अगर रोजाना साइक्लिंग करते हैं तो कुछ इस तरह की  साइकिल खरीदें , जिससे लंबी दूरी तक साइकिल चलाने के बावजूद थकान नहीं होती है .

अगर आप अपनी दिनचर्या में हर काम साइक्लिंग से ही पूरा करना चाहते हैं और अपने इस शौक को पूरा करने के लिए एक साइकिल खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. शोरूम में कई तरह की फैंसी साइकिल होती हैं, जिसकी चकाचौंध में लोग ऐसा खोते हैं कि अपनी जरूरतों को पीछे छोड़कर महंगी साइकिल खरीद लेते हैं. इससे उन्हें बाद में पछताना पड़ता है. आमतौर पर बाजार में चार से पांच तरह की साइकिल होती हैं. कौन सी साइकिल खरीदनी है, ये उसके मकसद पर निर्भर है. सड़क पर चलानी है या पार्क में दो घंटे या चार घंटे बाजार मे काम है  या  ऊंचे नीचे पहाड़ों में. रेसिंग करनी है या नॉर्मल साइक्लिंग करनी है.

रोड बाइक

इसे रेसिंग साइकिल भी कहते हैं. यह बहुत ही हल्की होती है और इसके पहिए पतले होते हैं. आमतौर पर इसका इस्तेमाल वे लोग करते हैं, जिन्हें बहुत ज्यादा साइक्लिंग करनी होती है. खासतौर पर जो प्रोफेशनल साइक्लिस्ट होते हैं. इस साइकिल से कुछ ही घंटे में सौ से सवा सौ किमी की दूरी तय की जा सकती है. इसकी कीमत तीस हजार रुपये से शुरू होकर लाखों में है. हालांकि इसका रखरखाव भी काफी महंगा है. रेसिंग वर्कआउट में यह साइकिल सबसे मुफीद मानी जाती है. ये बाइक बाहर से आती हैं. अधिकतर साइकिलें चीन व वियतनाम से आती हैं. हालांकि इस समय इसकी काफी लंबी वेटिंग चल रही है. यदि आज बुक करवाते हैं तो अगले साल तक आपके पास पहुंच पाएगी. यदि आप शहर में रहते हैं और रोजाना बीस से तीस किलोमीटर तक साइक्लिंग करना चाहते हैं तो ये साइकिल आपके लिए नहीं है. लेकिन रोजाना सौ किलोमीटर तक चलाना चाहते हैं तो आप इसे खरीद सकते हैं. इनकी बनावट ऐसी होती है कि लंबी दूरी तक साइकिल चलाने के बावजूद व्यक्ति में थकान नहीं होती.

मोटे टायर वाली साइकिल

आजकल यह साइकिल काफी ट्रेंड में है. मोटे टायर होने की वजह से इसे फैट टायर बाइक भी कहते हैं. आमतौर इसका इस्तेमाल रेतीली और बर्फीली जगहों पर किया जाता है. उन जगहों पर यह बहुत अच्छी चलती हैं. आम सड़क पर यह बाइक सक्सेसफुल नहीं होती. दरअसल इन बाइक को सड़क पर चलाने में काफी ताकत लगानी पड़ती है. छोटी दूरी के लिए ये साइकिलें चल जाती हैं. हालांकि किसी को वजन कम करना है तो वह इस साइकिल को खरीद सकता है. बाजार में इसकी कीमत 10 से 20 हजार के बीच है. देखने में यह बहुत ही खूबसूरत लगती है और इसे लेकर निकलने पर सभी की नजरें इस पर टिक जाती है. स्कूल जाने वाले बच्चों में इसे लेकर काफी उत्सुकता होती है.

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माउंटेन साइकिल : इसको कहीं भी चला सकते हैं

ये साइकिलें सबसे ज्यादा बिकती हैं. आमतौर पर रोजाना साइक्लिंग करने वाले इसी का इस्तेमाल करते हैं. ये साइकिल सड़क के साथ-साथ पहाड़ों व पगडंडी वाली जगहों पर भी खूब अच्छी चलती हैं. अच्छी पकड़, आरामदायक व गेयर की वैराइटी होने के कारण लोग इसे सबसे ज्यादा तवज्जो देते हैं. इसे एडवेंचर वाली साइकिल भी कहते हैं. इसके टायर भी मोटे होते हैं. इस साइकिल को चंडीगढ़ की साइकिल ट्रैक के साथ आसपास पहाड़ी व गांवों के रास्तों पर भी आराम से चला सकते हैं. हालांकि जो साइक्लिंग की शुरुआत करना चाहते हैं, वे इसे धैर्यपूर्वक चलाएं. खासकर पहाड़ी रास्तों में, क्योंकि इसमें बैलेंसिंग या डिस्क ब्रेक तेजी से लगाया तो गिरने का खतरा रहता है. इसके ब्रेक भी दो उंगुलियों के बजास सिर्फ एक उंगुली से दबाए जाते हैं. एडवेंचर्स रास्तों के लिए यह सबसे आइडियल साइकिल मानी जाती है. इसमें गेयर और बिना गेयर दोनों तरह के विकल्प मौजूद है. इसकी कीमत करीब दस से बीस हजार रुपये के बीच में होती है.

जब आप अपने लिए कालोनी आदि में हल्की सैर की साइकिल खरीदते हैं, तो उन्हें टायर की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए. टायरों में एक स्पष्ट पैटर्न होना चाहिए और आंतरिक ट्यूब अच्छी गुणवत्ता का होना चाहिए. इस तरह, पहली बार साइकिल पर सवार होने पर आपको गिरने और साइकिल  को बार- बार  गिरने से बचा सकता है, और आंतरिक ट्यूब की गुणवत्ता साइकिल की सवारी करते समय टायर को विस्फोट से रोक सकती है. विशेष रूप से गर्म गर्मी में, एक्सपोजर आसानी से टायर विस्फोट का कारण बन सकता है, इसलिए शुरुआती साइकिल सवार को टायर के बारे में पूछने और पूछने के लिए ध्यान देना चाहिए. इसके अलावा,  साइकिल पर सवारी करने से पहले, चालक को यह जांचना चाहिए कि साइकिल के टायर अच्छे हैं, चाहे गैस हो, गैस न हो, तो यह सुनिश्चित करने के लिए समय में फुलाया जाना चाहिए कि टायर सामान्य स्थिति में हैं.

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