अधिकतर ऐसा माना जाता है कि जिस खाने की चीज का स्वाद अच्छा न हो, वह ज्यादातर हेल्दी ही होती है, लेकिन पके हुए केले के साथ ऐसा नहीं है, क्योंकि बच्चे से लेकर व्यस्क सभी तकरीबन केला खाना पसंद करते हैं. केला स्वाद में जितना अच्छा लगता है उससे कहीं ज्यादा अच्छे उसके फायदे होते हैं.
इस बारें में मुंबई की कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल की चीफ डायटीशियन, भक्ति सामंत कहती है कि मुख्य रूप से दक्षिण पूर्व एशिया का फल केला, दुनिया भर में सभी उष्णकटिबंधीय प्रदेशों में उगाया जाता है. आसानी से मिलने वाले फलों में केले को अपने आहार में कई तरह से इस्तेमाल में लाया जा सकता है. पोषक तत्वों का एक ऐसा किफायती पैकेज, जिसके लाभ सभी ले सकते हैं. अगर आप अपने आहार को बेहतर बनाने, उसमें पोषण और स्वाद जोड़ने के पॉकेट फ्रेंडली तरीके खोज रहे हैं, तो उसके लिए केले को एक बेहतरीन आहार कहा जा सकता है, रोज एक केला खाने से हमारे शरीर को रोगों से लड़ने में काफी मदद मिल सकती है और ये हानिकारक नहीं होता, साथ ही एक सप्लीमेंट का काम करता है.
केला सामयिक पेट भर सकता है, इसलिए राह चलते लोग भूख लगने पर इसे खाना उचित समझते है, क्योंकि छिलके के अंदर पके केले को हायजिनकली भी साफ माना जाता है, लेकिन इसमें इस बात का ध्यान अवश्य रखे कि केला किसी बीमारी का इलाज नहीं है. इसका सेवन बीमारी से बचाव करने और उसके लक्षणों के प्रभाव को कम करने में कुछ हद तक सहायक हो सकता है.
इसके फायदे निम्न है,
- यह फल फाइबर, पोटेशियम, विटामिन बी 6, विटामिन सी, विभिन्न एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत है.
- केला स्वादिष्ट होने के साथ ही स्वास्थ्य की कई समस्याओं में फायदा पहुंचाने वाला होता है, केले में भारी मात्रा में पोटेशियम होने के कारण यह रक्तचाप को कम करने में मदद करता है.
- केला खाने से हृदय प्रणाली पर तनाव कम होने की वजह से हाइपरटेंशन होने का खतरा कम हो सकता है.
- मधुमेह मरीज़ को आमतौर पर केले से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी जाती है, जो वास्तव में गलत है, केले में प्रोटीन और फाइबर काफी ज़्यादा होता है, उसे कभी – कभी खाने में कोई हर्ज नहीं. इसके अलावा एक मेडिकल रिसर्च की मानें, तो केले को मधुमेह के इलाज के लिए के ट्रेडिशनल मेडिसिन के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है, साथ ही बनाना स्टेम (डंठल) और इसके फूल भी मधुमेह की स्थिति में कुछ हद तक राहत पहुंचा सकता है.
- केला फाइबर युक्त होता है, इसलिए यह वजन घटाने में भी सहायक होता है. यह शरीर में बिना कैलोरी बढ़ाये पेट भर सकता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है. इसके अलावा केले में रेजिस्टेंस स्टार्च भी रहता है, जो वजन को नियंत्रित कर सकता है.
- आपने सुना होगा कि पुरानी पीढ़ी के लोग केला खाने से रोकते हैं, खासकर जब खांसी और सर्दी हो. वे कहते हैं कि इससे लक्षण और अधिक बढ़ जाते हैं, लेकिन अध्ययनों के अनुसार केले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट अस्थमा से पीड़ित बच्चों में घरघराहट के प्रभाव को कम करने में मदद करता हैं.
- केले का सेवन कैंसर के विकास के जोखिम को कम करने में भी मदद करता है, क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन सी और ल्यूसीन के उच्च स्तर के कारण ये मजबूत एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो कैंसर विरोधी प्रभाव डालने का काम करते हैं.
- BRAT आहार में ‘बी’ का मतलब केला है, जो दस्त के इलाज के लिए उपयोग में लाया जाने वाला आहार है. लगातार दस्त होने पर कई बार डॉक्टर्स बच्चे या वयस्कों को पके केले खाने की सलाह देते है. इसमें काफी ज़्यादा फाइबर और पानी होता है, जो पाचन तंत्र को नियमित करने में मदद करते हैं और दस्त के दौरान होने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स के नुकसान को पूरा करने में मदद करके व्यक्ति को तुरंत ऊर्जा देता हैं.
- इसमें पेक्टिन भी प्रचुर मात्रा में होता है जो मल को नरम करने और कब्ज को रोकने में मदद करता है.
- केले में अमीनो एसिड- ट्रिप्टोफैन होने के कारण यह तुरंत मूड बूस्टर भी है, जो यादाश्त, सीखने की क्षमता और मूड में सुधार करने के लिए जाना जाता है.
- कार्बोहाइड्रेट और फाइबर से भरपूर होने के कारण, केला भूख मिटाने का भी अच्छा स्त्रोत है. यह तुरंत ऊर्जा देता है और इसे स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर एथलीटों तक सभी के लिए एक बहुत ही अच्छा स्नैक विकल्प है.
- यही नहीं स्वस्थ और चमकती त्वचा भी केले के सेवन के कई लाभों में से एक है, क्योंकि केला एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन C और विटामिन A का एक समृद्ध स्रोत है.
कुल मिलाकर, पॉकेट फ्रेंडली केला पर्याप्त पोषक तत्वों, स्वास्थ्य लाभ और सुविधा के साथ एक उत्कृष्ट विकल्प है. इसे नियमित अपने डाइट में शामिल करें.