आधुनिकता और आजादी ने स्त्रियों की जीवनशैली को पूरी तरह बदल दी है. अब उन की पहली प्राथमिकता शादी नहीं बल्कि शानदार करियर को आगे बढ़ाने की होती है. ऐसे में शादी और बच्चा पीछे छूट जाता है. लेकिन विज्ञान भी पीछे कहां है? एक नई मेडिकल टेक्नीक के तहत अब वे अपने अंडे फ्रीज करवा कर कुछ सालों के लिए मां बनना टाल सकती हैं. यानी कोई महिला अगर चाहे तो वह गर्भधारण की अपनी जैविक उम्र ( 20 -35 ) में अपने अंडे को सहेज कर रखवा सकती है और कुछ सालों बाद इसी अंडे से गर्भधारण कर सकती है.
वैसे देखा जाए तो लुभावने विज्ञापनों से लोगों को शानदार वादों के साथ बेवकूफ बनाने का एक लंबा इतिहास रहा है. झुर्रियों को बनने से पहले ही मिटा देने वाली परफेक्ट क्रीम से लेकर, चंद महीनों में रंगत बदलने और 10 दिनों में आपके पूरे शरीर को टोन करने वाले वर्कआउट गैजेट तक कितने ही चीजों के विज्ञापन दिखा कर हमारे दिमाग से खेला जाता रहा है. हमें उन समस्याओं के बारे में बताया जाता है जिनके बारे में हम ने कभी ध्यान ही नहीं दिया था. उन्हें हल करने के लिए हमें तरह तरह के समाधानों के ऑप्शन बताए जाते हैं.
आजकल महिलाओं को समझाया जा रहा है कि वे युवावस्था में ही अपने अंडों को फ्रीज कर लें ताकि बड़ी उम्र में शादी कर के भी मां बन सकें. देश भर में अंडों को फ्रीज करने के लाभों का गुणगान हो रहा है. हम इस बात से इंकार नहीं कर सकते कि कुछ हालातों में और कुछ महिलाओं के लिए यह उपयोगी साबित हो सकता है. मगर इसे हम अपनी आम जिंदगी में शामिल कर लें इस बात पर अभी विचार करने की जरूरत है.
क्या है एग फ्रीजिंग
एग फ्रीजिंग एक आधुनिक प्रजनन तकनीक है जो महिलाओं को भविष्य में उपयोग के लिए अपने अंडों को फ्रीज कर के और स्टोर करके अपनी प्रजनन क्षमता को संरक्षित करने की अनुमति देती है. इस तकनीक का उपयोग दशकों से कैंसर जैसी चिकित्सा स्थितियों से पीड़ित महिलाओं की मदद करने के लिए किया जाता रहा है जो उनकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं. हालांकि अब अधिक से अधिक महिलाएं गैर-चिकित्सा कारणों से अपने अंडों को फ्रीज करना चुन रही हैं.
बॉलीवुड जगत से एकता कपूर, मोना सिंह के बाद काजोल की बहन तनीषा मुखर्जी ने भी खुलासा किया है कि वो भी 39 साल की उम्र में अपने एग्स फ्रीज करवा चुकी हैं. बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं की प्रजनन शक्ति घटने लगती है. एग फ्रीजिंग महिलाओं की फर्टिलिटी को बनाए रखने का एक तरीका है.
एग फ्रीजिंग को ओसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन के नाम से भी जाना जाता है. यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक महिला के अंडे (ओसाइट्स) निकाले जाते हैं, उन्हें फ्रीज किया जाता है और भविष्य में उपयोग के लिए सब जीरो टेंपरेचर पर स्टोर किया जाता है ताकि वह बाद में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) के माध्यम से गर्भधारण का प्रयास कर सके.
एग फ्रीजिंग के स्टेप्स
प्रारंभिक परामर्श:
अंडे को फ्रीज करने की प्रक्रिया में पहला कदम डॉ के साथ प्रारंभिक परामर्श करना है. इस परामर्श के दौरान डॉक्टर आपके मेडिकल इतिहास की समीक्षा करेंगे, शारीरिक जांच करेंगे और अंडे को फ्रीज करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करेंगे.
डिम्बग्रंथि उत्तेजना:
एक बार जब आप अंडे को फ्रीज करने का फैसला कर लेते हैं तो आपको अपने अंडाशय को कई अंडे बनाने के लिए उत्तेजित करने के लिए दवाओं का एक कोर्स शुरू करना होगा. ये दवाएँ खुद से ली जाने वाली इंजेक्शन या मौखिक दवाएँ हो सकती हैं और ये आम तौर पर 8-14 दिनों तक चलती हैं.
निगरानी:
डिम्बग्रंथि उत्तेजना प्रक्रिया के दौरान आपका डॉक्टर आपके हार्मोन के स्तर की निगरानी करेगा और आपके अंडाशय में में मौजूद अंडे की वृद्धि और विकास को ट्रैक करने के लिए अल्ट्रासाउंड परीक्षाएं करेगा.
एग निकालना :
परिपक्व हो जाने पर आपका डॉक्टर अंडे निकालने की प्रक्रिया करेगा. इसमें आमतौर पर एक ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड-निर्देशित सुई शामिल होती है जिसमें परिपक्व अंडों को निकालने के लिए योनि की दीवार के माध्यम से और प्रत्येक रोम में एक पतली सुई डाली जाती है. प्रक्रिया आमतौर पर बेहोश करने की दवा दे कर की जाती है और इसमें लगभग 20-30 मिनट लगते हैं.
एग फ्रीज करना :
एक बार जब अंडे निकाल लिए जाते हैं तो उन्हें विट्रीफिकेशन नामक प्रक्रिया का उपयोग करके तुरंत जमा दिया जाता है. इस प्रक्रिया में अंडों को निर्जलित किया जाता है और फिर बर्फ के क्रिस्टल के गठन को रोकने के लिए तेजी से जमाया जाता है जो अंडों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. जमे हुए अंडों को ऐसे पात्र में स्टोर किया जाता है जो बहुत कम तापमान (-196 डिग्री सेल्सियस) बनाए रखता है.
कुल मिलाकर इस पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 2-4 सप्ताह लगते हैं. अंडों को अनिश्चित काल के लिए स्टोर किया जा सकता है और इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) के माध्यम से गर्भावस्था को प्राप्त करने के लिए बाद की तारीख में शुक्राणु के साथ पिघलाया और निषेचित किया जा सकता है.
किन कारणों के मद्देनजर किया जा सकता है एग फ्रीजिंग
मेडिकल कारण :
कैंसर के उपचार से गुजर रही महिलाएं जैसे कि कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी, जो उनकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है. अंडे को फ्रीज करने से उनकी प्रजनन क्षमता को बनाए रखने में मदद मिल सकती है ताकि वे उपचार के बाद जैविक बच्चे पैदा कर सकें.
समय से पहले डिम्बग्रंथि विफलता :
समय से पहले डिम्बग्रंथि विफलता से पीड़ित महिलाएं अपनी प्रजनन क्षमता को बनाए रखने के लिए अंडे को फ्रीज करने का विकल्प चुन सकती हैं.
एंडोमेट्रियोसिस:
एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाएं अपनी प्रजनन क्षमता को सुरक्षित रखने के लिए अंडे को फ्रीज करने का विकल्प चुन सकती हैं.
आनुवंशिक विकार :
जिन महिलाओं में आनुवंशिक विकार हैं जैसे टर्नर सिंड्रोम तो वे अपनी प्रजनन क्षमता को बनाए रखने के लिए अंडे को फ्रीज करने का विकल्प चुन सकती हैं.
सामाजिक कारण :
जो महिलाएं सामाजिक कारणों से गर्भधारण में देरी करना चाहती हैं जैसे उच्च शिक्षा या कैरियर संबंधी लक्ष्य तो वे अपनी प्रजनन क्षमता को बनाए रखने के लिए अंडे को फ्रीज करने का विकल्प चुन सकती हैं.
सही पार्टनर न मिलना :
जिन महिलाओं का कोई पार्टनर नहीं है या जिन के पुरुष साथी में शुक्राणुओं की संख्या कम है या शुक्राणु की गुणवत्ता खराब है वे अपनी प्रजनन क्षमता को बनाए रखने के लिए अंडे को फ्रीज करने का विकल्प चुन सकती हैं.
एग्स फ्रीज कराने की सही उम्र
एग्स को फ्रीज कराने के लिए 30-35 साल से पहले का समय आमतौर से ठीक होता है क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ महिला की प्रजनन क्षमता और अंडाणुओं की गुणवत्ता कम होती चली जाती है. हालांकि अंडों को 40 साल की आयु तक फ्रीज कराया जा सकता है लेकिन इस मामले में सफलता की संभावनाएं कम हो जाती हैं.
फ्रीज एग्स को काफी लंबे समय तक के लिए रखा जा सकता है लेकिन इस मामले में कोई निश्चित जवाब देना मुश्किल है क्योंकि यह टेक्नॉलॉजी अभी नई है. हालांकि मौजूदा प्रमाणों से पता चला है कि एग्स को 10 सालों तक रिजर्व करके रखा जा सकता है. कुछ क्लिनिक इससे भी लंबे समय तक एग्स को रिजर्व कर सकते हैं.
एग फ्रीजिंग के नुकसान और जोखिम
एग फ्रीजिंग के साथ आपको किसी भी उम्र में माँ बनने की आजादी मिलती है. नई तकनीक हमारी जिंदगी आसान करती है लेकिन हम इस प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं के बारे में बहुत कम जानते हैं.
अंडों को फ्रीज करने की लागत
भारत में अंडा फ्रीज करवाने में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करना पड़ता है. बहुत कम कंपनियां अपनी स्वास्थ्य योजनाओं के हिस्से के रूप में गैर-चिकित्सा कारणों से ऐच्छिक एग फ्रीजिंग के लिए भुगतान करती हैं. इसलिए अधिकांश एग फ्रीजिंग लागतों का भुगतान जेब से करना पड़ता है.
अगर यह प्रक्रिया एक बार में सफल नहीं होती तो इसके लिए कुछ और दौर की आवश्यकता होती है यानी लागत और बढ़ती जाती है. साथ ही फ्रीज एग्स को स्टोर करने की लागत भी काफी होती है. जब कोई महिला बाद में अपने फ्रीज अंडों द्वारा गर्भधारण करने के लिए तैयार होती है तो उसे IVF की आवश्यकता होगी. इसका मतलब है कि अंडों को शुक्राणु से निषेचित करना, भ्रूण को विकसित करना, आनुवंशिक असामान्यताओं की जांच करना और अंत में उपलब्ध भ्रूणों में से एक या अधिक को गर्भ में प्रत्यारोपित करना. इन पर काफी अतिरिक्त खर्च आता है.
सफलता की गारंटी नहीं
एग फ्रीजिंग भविष्य में गर्भधारण की गारंटी नहीं देती है. सबसे अच्छी परिस्थितियों में IVF केवल 50 प्रतिशत मामलों में ही काम करता है और फ्रीज्ड अंडों का उपयोग करने से ये संभावनाएं और भी कम हो सकती हैं. वैसे भी अधिक उम्र में गर्भपात की संभावना भी अधिक होती है. यह भी हो सकता है कि कई साल बाद जब महिला मां बनना चाहे तो बढ़ती उम्र में उसे कोई ऐसी समस्या निकल आये कि वह मां न बन सके. इसलिए एग फ्रीज कर के सालों मां बनने का सपना देखना सही नहीं. अगर सपना टूटा तो दिल को गहरी चोट लगेगी.
स्वास्थ्य जोखिम
अंडे को फ्रीज करने से जुड़ी मुख्य चिंताओं में से एक है संभावित स्वास्थ्य जोखिम. एग फ्रीजिंग असुविधाजनक भी हो सकता है. एक महिला को इस के लिए इंजेक्शन वाली दवाएँ लेने की ज़रूरत होती है और बार-बार रक्त परीक्षण और अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ते हैं. इस प्रक्रिया में कई अंडे बनाने के लिए हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते हैं. इस से कई समस्याएं हो सकती हैं;
1. ओवेरियन हाइपरस्टिम्यूलेशन सिंड्रोम (OHSS): इस स्थिति के कारण अंडाशय में सूजन और दर्द हो सकता है.
2. संक्रमण: संक्रमण का जोखिम होता है.
3. रक्तस्राव: अंडे निकालने की प्रक्रिया के दौरान रक्तस्राव का जोखिम हो सकता है.
अंडे को फ्रीज करने का निर्णय लेने से पहले इन स्वास्थ्य जोखिमों पर सावधानीपूर्वक विचार किया जाना चाहिए.
भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव
अपने अंडों को फ्रीज करने का निर्णय भावनात्मक रूप से बहुत भारी पड़ सकता है. महिलाओं को प्रक्रिया की सफलता और भविष्य में प्रजनन क्षमता के परिणामों के बारे में तनाव और चिंता का अनुभव हो सकता है.
सफलता दर : हालांकि पिछले कुछ वर्षों में अंडा फ्रीजिंग की सफलता दर में सुधार हुआ है, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि फ्रीज किए गए अंडे से आप 10- 15 साल बाद सफलतापूर्वक गर्भ धारण कर ही पाएंगी.
सीमित शेल्फ जीवन : एग को कई वर्षों तक संग्रहित करने की एक सीमा है. समय जितना लंबा होगा अंडे की क्वालिटी खराब होने का खतरा उतना ही अधिक होगा.
पार्टनर से सेपरेशन :
यह भी संभव है कि जब एक शादीशुदा महिला करियर की खातिर एग फ्रीज कराती है और 8 -10 बाद बच्चा पैदा करने का फैसला लेती है. मगर इस बीच उस का पार्टनर के साथ तलाक हो जाता है. तब उस महिला की स्थिति अजीब हो जाएगी और बच्चे को दुनिया में लाने का सपना जिंदगी की उलझनों में उलझ जाएगा.
अंडों को फ्रीज करने का विकल्प कुछ महिलाओं के लिए मूल्यवान और जीवन बदलने वाला हो सकता है लेकिन यह विकल्प हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है, खासकर इसलिए क्योंकि अंडे को फ्रीज करना किसी भी तरह से आसान प्रक्रिया नहीं है और इससे भविष्य में गर्भधारण की गारंटी नहीं मिलती है. महिलाओं को अपने स्वास्थ्य और प्रजनन लक्ष्यों के साथ ही अंडे को फ्रीज करने की प्रक्रिया और लागत समेत कई अन्य कारकों पर सावधानीपूर्वक विचार किए बिना अपने अंडों को फ्रीज करने का निर्णय नहीं लेना चाहिए.
इसी के साथ महिलाओं को अगर एग फ्रीज कराना ही है तो छोटी अवधि के लिए कराएं. जैसे 4 – 5 साल. इस से ज्यादा समय के लिए फ्रीज करना समझदारी नहीं. उस से अच्छा है मां बनने की उम्र में माँ बन जाना और बाकी चीजें आगे के लिए छोड़ना ताकि जिंदगी में बाद में पछताना न पड़े.