अधिकांश बच्चे खाने को ले कर चूजी होते हैं. चाहे मां कितना भी अच्छा खाना बना दे लेकिन उन्हें तो जंक फूड ही पसंद आता है. अपने बच्चों की इसी आदत से पेरैंट्स परेशान रहते हैं, फिर क्योंकि यह उम्र बच्चों की ग्रोथ के लिए अहम जो होती है. ऐसे में अगर बच्चों को सही पोषण नहीं मिलता तो उन के शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ता है जो आगे चल कर कई बीमारियों का कारण भी बन सकता है. यह आप की जिम्मेदारी है कि आप अपने बच्चे को हर जरूरी न्यूट्रिऐंट्स दें, जो उस के विकास में अहम रोल निभाए.
कौन-कौन से न्यूट्रिऐंट्स हैं जरूरी
1. प्रोटीन:
प्रोटीन ऊतकों को बनाने व उन्हें रिपेयर करने का काम करता है. खाने को ऊर्जा में बदलने के साथ इंफैक्शन से भी बचाता है. बढ़ते बच्चों को सही मात्रा में प्रोटीन मिलना बेहद जरूरी है. ऐसे में आप अपने बच्चे को प्रोटीन से भरपूर डाइट दें. इस के लिए आप उस की डाइट में डेरी प्रोडक्ट्स, दाल, अंडे, फिश, नट्स, बींस आदि को शामिल करें.
ये भी पढ़ें- गरमी में ऐसे बनें स्लिम ट्रिम एंड ब्यूटीफुल
2. कार्बोहाइड्रेट्स:
आज का ट्रैंड है ‘कट द कार्ब्स इन योर डाइट’. जबकि आप को बता दें कि बच्चों को बढ़ती उम्र में ऊर्जा और कैलोरीज की खास आवश्यकता होती है. जो उन्हें कार्बोहाइड्रेट्स से ही मिल सकती है. बता दें कि फैट्स व प्रोटीन की मदद से ऊतकों का निर्माण व रिपेयर का कार्य सुचारु रूप से चलता रहता है. इसलिए अपने बच्चों को जरूरत के अनुसार कार्बोहाइड्रेट्स युक्त डाइट जैसे ब्रैड, आलू, हरे चने, ब्राउन राइस, अनाज, राजमा, केला आदि दें. इस उम्र में उन की डाइट से कार्ब्स को कट करने के बारे में न सोचें.
3. फैट्स:
अकसर जब भी फैट्स का जिक्र होता है तो हम उन्हें सेहत के लिए खराब मान कर उन्हें बच्चों की डाइट से हटाना ही बेहतर समझते हैं. जबकि सभी फैट्स खराब नहीं होते. आप अपने बच्चे को गुड फैट्स दें, क्योंकि ये शरीर में ऊर्जा देने के साथसाथ हड्डियों को मजबूत बनाने व हैल्दी सैल्स का निर्माण करने में सहायक होते हैं. साथ ही ये बच्चे के शरीर में आसानी से स्टोर हो कर जरूरत पड़ने पर शरीर को सही ढंग से जरूरी न्यूट्रिऐंट्स के इस्तेमाल में भी मदद करते हैं. इस के लिए आप अपने बच्चे को मीट, फिश, डेरी प्रोडक्ट्स, नट्स, ओमेगा 3 फैटी ऐसिड युक्त फूड दें.
4. कैल्सियम:
बच्चों में कैल्सियम दांतों व मजबूत हड्डियों के निर्माण के लिए अतिआवश्यक है. साथ ही ये मसल्स और हार्ट फंक्शन के लिए भी जरूरी होता है. यह मेटाबौलिज्म को सुचारु रखने के लिए सहायक माना जाता है. इसलिए बढ़ती उम्र में सही मात्रा में बच्चे को कैल्सियम देना जरूरी है. इस के लिए आप कैल्सियम रिच फूड जैसे दूध, दही, पनीर, सोया, हरी सब्जियों, अनाज व दालों को उन के आहार में शामिल करें.
5. आयरन:
आयरन खून बनाने के लिए महत्त्वपूर्ण खनिज होता है. जो पूरे शरीर में आक्सीजन को पहुंचाने का काम करता है. साथ ही शरीर में आयरन की पूर्ति होने से बच्चे की एकाग्रता भी बढ़ती है. कंस्ट्रेशन लेवल भी बढ़ता है. इस के लिए आप अपने बच्चे को साबूत अनाज, बींस, नट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां दें. ये चीजें आप के बच्चे के शरीर में आयरन की कमी को दूर करने का काम करेंगी.
6. फौलेट:
यह माओं के लिए जितना जरूरी होता है उतना ही बच्चों के लिए भी. यह बच्चों में सैल्स के हैल्दी ग्रोथ और विकास में सहायक है. फौलेट एक प्रकार का विटामिन बी है, अगर शरीर में इस की कमी हो जाए तो बच्चा एनीमिया से भी ग्रस्त हो सकता है. इसलिए अपने बच्चों को फौलेट रिच फूड जिस में साबूत अनाज, दाल, पालक आदि जरूर दें.
ये भी पढ़ें- कोरोनावायरस के साइलैंट कैरियर्स
7. फल व सब्जियां:
फलों व सब्जियों में विटामिंस व खनिज की मात्रा काफी अधिक होती है. आप को बता दें कि ये विटामिंस व खनिज आप के बच्चे की हैल्दी स्किन, ग्रोथ व उसे बीमारियों से बचाने का काम करते हैं. क्योंकि ये फाइबर व ऐंटिऔक्सीडेंट्स से भरपूर जो होते हैं. फलों में विटामिन ए और सी होता है, जिस से आप के बच्चे में कैंसर और दिल की बीमारियां होने का खतरा कम होता है. इस के लिए आप अपने बच्चे को फल व सब्जियां खाने की आदत डालें.
विटामिंस: इन विटामिंस को भी बच्चों के आहार में जरूर शामिल करें.
विटामिन ए: यह इम्युनिटी बढ़ाने के साथसाथ आंखों के लिए काफी जरूरी होता है.
विटामिन सी: यह इम्युनिटी को बढ़ाने के साथ रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने का काम करता है.
विटामिन बी 3: यह नर्वेस सिस्टम, हैल्दी स्किन, हेयर, आइज के लिए जरूरी विटामिन है.
इस तरह आप के बच्चे तक जरूरी न्यूट्रिऐंट्स भी पहुंच जाएंगे और आप भी टैंशन फ्री हो जाएंगे.