हर महिला की चाहत होती है कि उस के सुंदर, घने, काले बाल हों जो उस की खूबसूरती को बढ़ा जाएं. जब ये बाल उम्र से पहले ही झड़ने लग जाएं तो दिल पर क्या बीतती है यह तो कोई युवा महिला ही बता सकती है. सिर्फ औरतें ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी इस मुसीबत का सामना करना पड़ता है. वर्तमान समय में हर दूसरा व्यक्ति बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहा है. इस समस्या से

निजात पाने के लिए कोई घरेलू नुस्खों को अपनाता है तो कोई आयुर्वेदिक तेल और तरह तरह के शैंपू आजमाता है. कोई सप्प्लिमेंट्स लेने लगता है तो कोई बालों की कटिंग ही करा लेता है. लेकिन समस्या जस की तस बनी रहती है. औसत वयस्क के सिर में लगभग 100,000 से 150,000 बाल होते हैं. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार प्रतिदिन 50 से 100 बालों का गिरना सामान्य है. अगर आप के बाल इस से ज्यादा गिरते हैं और गुच्छों में निकलते हैं तो समझ जाइए कि आप के बाल झड़ने लगे हैं.

समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो परिणाम के रूप में गंजेपन की सौगात मिल सकती है. वैसे महिलाओं में गंजापन कम ही देखा जाता है. मगर ज्यादा समय तक बाल झड़ने की समस्या बने रहने से उन के बाल पतले और छोटे हो जाते हैं. साथ ही बालों की खूबसूरती भी चली जाती है. इसलिए समय रहते अपने बालों की चिंता करें, उन का ख़याल रखें और अगर बाल ज्यादा संख्या में गिर रहे हैं तो कारण समझने का प्रयास करें. दरअसल बालों के गिरने की समस्या अक्सर खराब हेयर केयर रूटीन, सही डाइट न लेने और स्कैल्प से जुड़ी बीमारियों के कारण होता है. मन में किसी तरह का तनाव हो तो भी बाल कम हो जाते हैं.

बाल झड़ने के पैटर्न

सिर के ऊपर धीरे धीरे बालों का कम होना – यह बालों के झड़ने का सब से आम प्रकार है. बाल झड़ने की यह समस्या बढ़ती उम्र के साथ लोगों को प्रभावित करता है. पुरुषों में अक्सर माथे पर हेयरलाइन पर बाल झड़ने लगते हैं मगर महिलाओं के साथ ऐसा नहीं होता. उन के पूरे बाल कम होने लगते हैं. चकत्तों में बालों का झड़ना – कई लोगो में गोलाकार में बाल झड़ने की समस्या होती है. इस में लोग अपने सिर पर सिक्के के आकार के गंजेपन के चकत्ते महसूस करते हैं.

हल्के से छूने से गुच्छों में बालों का झड़ना – कुछ लोगों को एक साथ काफी बाल टूटने की समस्या का सामना करना पड़ता है. ऐसे में बाल गुच्छे में टूटते हैं जिस की वजह से गंजापन तेजी से होता है. लेकिन यह समस्या जल्द ही ठीक भी हो जाती है. बालों से जुड़ी यह समस्या तब होती है जब कोई व्यक्ति किसी गंभीर और लंबे समय तक किसी शारीरिक समस्या से जूझता रहता है.

पूरे शरीर से बाल झड़ना –  कई लोगों को पूरे शरीर में बाल झड़ने की समस्या होती है. ऐसे में अचानक से शरीर से बाल झड़ने लग जाते हैं. कुछ चिकित्सीय उपचारों जैसे कि कैंसर के लिए कीमोथेरेपी से भी पूरे शरीर के बाल झड़ सकते हैं. बाद में आमतौर पर बाल फिर से उग आते हैं. कोई भी समस्या होने के पीछे कोई न कोई कारण जरूर जरूर होता है. इसी प्रकार बाल झड़ने की समस्या होने के पीछे भी कई कारण होते हैं जिन की पहचान कर बाल झड़ने की समस्या से बच सकते हैं.

आइए जानते हैं बाल झड़ने के कुछ संभावित कारणों के बारे में ;

  • तनाव या डिप्रेशन के कारण – जब कोई व्यक्ति लगातार काफी लंबे समय से डिप्रेशन की समस्या जूझता है तो उस दौरान उसे बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. वैसे तो डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है लेकिन समय पर उपचार न होने से यह एक शारीरिक समस्या के रूप में भी सामने आने लगती है. ऐसे में केवल बाल ही नहीं झड़ते बल्कि बाल सफ़ेद भी होने लगते हैं.
  • पोषण की कमी – शरीर में पोषण की कमी भी बाल झड़ने का एक सब से मूल कारण है. खासकर महिलाएं अपने पोषण का ख़याल नहीं रखतीं. अगर आप संतुलित आहार नहीं लेते तो आप को बाल झड़ने की समस्या संभावित रूप से हो सकती है. इसलिए अपने खाने में हमेशा विटामिन ई, आयरन, जिंक और सबसे जरूर प्रोटीन को जरूर शामिल करना चाहिए.
  • हेयर स्टाइलिंग या हेयर स्टाइल –  जरूरत से ज्यादा हेयर स्टाइलिंग करने की वजह से भी बाल झड़ने की समस्या का करना पड़ सकता है. जब आप ज्यादा हेयर स्टाइलिंग करवाते हैं तो इस की वजह से आप के बालों को कस कर खींचा जाता है और केमिकल्स लगाए जाते हैं जिस से ये कमजोर हो सकते हैं.
  • कैंसर रोग के कारण – कैंसर होने के कारण रोगी को बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. इस गंभीर रोग के दौरान रोगी को अक्सर काफी गंभीर और जटिल उपचारों से गुजरना पड़ता है और साथ ही काफी दवाएं भी लेनी पडती है जिसकी वजह से रोगी के पूरे शरीर से बाल झड़ने लगते हैं.
  • डैंड्रफ या रूसी- डैंड्रफ या रूसी के कारण आमतौर पर हर किसी के बाल झड़ते हैं. डैंड्रफ कई कारणों से होता है जैसे कि ड्राई स्कैल्प के कारण, ऑयली बालों के कारण, गंदगी के कारण, मौसम बदलने के कारण या फिर खराब हेयर केयर रूटीन के कारण.
  • आनुवांशिकता – बाल झड़ने की समस्या पारिवारिक भी हो सकती है.  अक्सर यह देखा गया है अगर किसी  को बाल झड़ने की समस्या है तो उस की आने वाली पीढ़ी में भी यह समस्या होती है.
  • लूपुस डिसऑर्डर – ऑटोइम्यून डिसऑर्डर की वजह से भी अक्सर लोगो को बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है जिस मे लूपुस भी एक है. लूपुस ऑटोइम्यून डिसऑर्डर होने पर शरीर के कई हिस्सों में लंबे समय तक सूजन आ जाती है जिस की वजह से उस हिस्से में ब्लड ठीक से नहीं पहुँच पाता और फिर बाल झड़ने की समस्या हो जाती है.
  • हार्मोन बदलने के कारण – अगर शरीर में हार्मोन अचानक से बदलने लग जाए या हार्मोन असंतुलित हो जाए तो इस की वजह से भी बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है.  यह समस्या अक्सर महिलाओं में मासिक धर्म और गर्भवस्था के दौरान देखी जाती है.
  • प्रसव के बाद– महिलाओं में बाल झड़ने का एक कारण गर्भावस्था भी है. गर्भावस्था के बाद ज्यादातर महिलाओं के बाल झड़ने लगते है. कई नई माताओं को गर्भावस्था के बाद अत्यधिक बाल झड़ने का अनुभव होता है. बाल झड़ना आमतौर पर जन्म देने के लगभग चार महीने बाद होता है.
  • दवाओं के कारण – मधुमेह, खून पतला करने की दवाएं, थायरॉइड , आर्थराइटिस, ब्लड प्रेशर और दिल की दवाएं लेने की वजह से व्यक्ति को बाल झड़ने की समस्या का समाना करना पड़ सकता है.
  • एनॉरेक्सिया और बुलिमिया – बाल झड़ने की यह समस्या किशोरों में दिखाई देती है. अक्सर किशोर स्लिम फिट बॉडी की चाहत में अक्सर डाइटिंग करते हैं जिस की वजह से उन्हें एनॉरेक्सिया और बुलिमिया जैसे ईटिंग डिसऑर्डर की समस्याहो जाती है. इन डिसऑर्डर्स से ग्रसित युवा  कुपोषण का भी सामना करना पड़ता है जिस की वजह से बाल झड़ने की समस्या होने लगती है. एलोपेसिया यूनिवर्सलिस एलोपेसिया यूनिवर्सलिस एक ऐसी बीमारी है जिस में आप के शरीर के बाल भी झड़ने लगते हैं. जिन लोगों के बाल पूरी तरह झड़ जाते हैं वह एलोपेसिया टोटलिस के शिकार हो जाते हैं लेकिन जिन लोगों के शरीर के बाल धीमे धीमे झड़ते हैं उन्हें एलोपेसिया यूनिवर्सलिस कहते हैं. आमतौर पर एलोपेसिया डॉक्टरों के द्वारा ट्रीटमेंट करने पर कुछ महीनों में ठीक हो सकता है. टेलोजेन एफ्लुवियम   टेलोजेन एफ्लुवियम के कारण भी लोगों के बाल तेजी से झड़ने लगते हैं.  ये तब होता है जब आप का शरीर तनाव, सदमा, आघात या बीमारी से गुजरता है. इस से आप के सिस्टम को नुकसान पहुंचता है. सर्जरी, कुछ दवाओं के इस्तेमाल, क्रैश डाइटिंग, अत्यधिक तनाव, थायराइड आदि के कारण आप के बाल टेलोजन की स्थिति तक पहुंच जाते हैं और बाल पतले हो कर टूटने लगते हैं. ऐसे में डॉक्टरी उपचार की जरूरत हो सकती है.

टिनिआ केपिटिस (tinea capitis)

टिनिआ केपिटिस का मतलब है एक दाद संक्रमण जो त्वचा पर और खोपड़ी पर बालोंके रोम के अंदर विकसित होता है.  यह एक तरह का फंगल इंफेक्शन है जो त्वचा की अलगअलग जगहों पर बनता है. यह सिर में हो जाए तो आप के बाल तेजी सेटूटने और गिरने लगते हैं. स्कैल्प इंफेक्शन स्कैल्प इंफेक्शन स्कैल्प में बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन के कारण होताहै. इस में फंगस या बैक्टीरिया बालों के रोम या क्षतिग्रस्त त्वचा के  माध्यम से खोपड़ी में प्रवेश करते हैं तो खोपड़ी संक्रमित हो सकती है. इस से बाल तेजी से टूटने लगते हैं.

रक्तचाप की समस्या के कारण – रक्तचाप की समस्या होने से बाल झड़ने शुरू हो सकते हैं. जब कोई व्यक्ति ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहा होता है तो ऐसे में ब्लड का प्रेशर बाधित हो जाता है. साथ ही ब्लड में सोडियम की मात्रा अधिक हो जाती है. इस की वजह से ब्लड बालों तक ठीक से पोषण नहीं पहुंचा पाते और व्यक्ति के बाल तेजी से गिरने लगते हैं.

बालों का गिरना कैसे रोकें

अगर आप बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं तो निम्नलिखित उपायों को अपना कर इस से बच सकते हैं अपने बालों को सही तरीके से धोएं पतले या झड़ते हुए बाल ज्यादा नाजुक होते हैं. ये आसानी से टूट जाते हैं.

ऐसे में आप को बाल धोते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए. जैसे कि एक सौम्य शैम्पू का प्रयोग करें. हर शैंपू के बाद मॉइस्चराइजिंग कंडीशनर लगाएं. कंडीशनर आप के स्ट्रैंड्स को कोट करता है जिस से टूटना और स्प्लिट एंड्स कम हो जाते हैं. अपने बालों को माइक्रोफाइबर टॉवल में लपेटें ताकि ये अधिक तेजी से सूख सके. कोशिश करें कि अपने बालों को प्राकृतिक  तरीके से सूखने दें. केमिकल स्ट्रेटनिंग और कलरिंग से बचें जितना हो सके अपने बालों को नेचुरल रूप में रहने दें क्योंकि केमिकल स्ट्रेटनिंग और कलरिंग आप के बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. अगर आप ये करवा भी रहे हैं तो सैलून में करवाएं और बाद में एक मॉइस्चराइजिंग कंडीशनर का उपयोग करें. बालों में अलग अलग तरह के कलर, शैम्पू, हेयर मास्क आदि का प्रयोग न करें. कोशिश करें कि आप एक ही ब्रांड के उत्पादों का प्रयोग करें.

बालों को हौले से ब्रश करें

अपने बालों को धीरे से ब्रश करें. इस से बालों का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और उन्हें नुकसान भी नहीं पहुँचता. ब्रश या कंघी करते समय अपने बालों की मालिश करें. बालों को हमेशा प्यार से संभाले. बारीक़ कंघी की जगह चौड़ी कंघी का इस्तेमाल करें और बालों को खींचे नहीं. अगर बाल गीलें हैं तो उन्हें भी प्यार से ही संभालें. अपने बालों को कस कर न बांधें. बालों का हेयर स्टाइल ऐसा रखें जिस से बालों पर जोर न पड़े क्योंकि यह बालों के झड़ने का कारण बन सकता है.

डाइट सही रखें

अपनी डाइट को सही रखें ताकि बाल मजबूत बनें. आयरन और प्रोटीन से भरपूर चीजें खाएं जो बालों को मजबूत बनाते हैं. बहुत कम कैलोरी वाले खाने  से भी बाल झड़ सकते हैं. बालों के रोम ज्यादातर प्रोटीन से बने होते हैं जिन्हें केराटिन कहा जाता है. आहार में आयरन और प्रोटीन को जरूर शामिल करें. इन दोनों की कमी की वजह से बाल झड़ने की समस्या सब से ज्यादा होती है और बाल सफ़ेद भी होते हैं. अपने आहार में विटामिन बी को भी शामिल करें.

विटामिन बी की से बाल झड़ने की समस्या तेजी से बढ़ती है. गाजर खाने से बालों का झड़ना कम हो जाता है क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन ए हमारे बालों को नरिश करता है और स्कैल्प को भी हेल्दी रखता है. इसी तरह हेयरफॉल हो रहा हो तो आप को वॉलनट्स का सेवन करना चाहिए. इस में विटामिन बी, प्रोटीन, जिंक और आयरन की मौजूदगी होती है जो बालों की सेहत के लिए फायदेमंद है.  विटामिन बी-12, आयरन, जिंक और ओमेगा 6 फैटी एसिड्स की कमी होने से भी बाल बहुत ज्यादा झड़ने लगते हैं. अंडे को बालों के लिए काफी अच्छा माना जाता है.लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स भी आप के बालों की ग्रोथ के लिए बेहतर विकल्प है. इस में कैल्शियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो बालों की मजबूती के लिए जरूरी है. डाइट में ताजे फल और सब्जियों को शामिल करें. अंकुरित अनाज खाएं और दही को दैनिक आहार में शामिल करें. रोजाना 6 से 8 गिलास पानी पिएं. नींबू पानी और फलों और सब्जियों के ताजा निकाले गए जूस  भी पीएं. नियमित रूप से एक्सरसाइज करें.

सिगरेट शराब पीना कर दें बंद

वैसे ही नशे की लत बहुत खतरनाक है उस पर बालों के मामले में इस का नतीजा और भी बुरा होता है. शराब और सिगरेट के सेवन से प्रोटीन सिंथेसिस प्रभावित होता है. इस से बाल पतले और कमजोर हो जाते हैं. धूम्रपान करने से सिगरेट में मौजूद टॉक्सिन बालों में मौजूद हार्मोन को नष्ट भी कर सकते हैं. इस से बालों का विकास रुक जाता है. इसलिए जितनी जल्दी हो सके इस नशे को अपने जीवन से दूर करें.

शुगर से करें परहेज

मीठा खाने के शौकीन लोगों के लिए चीनी छोड़ना मुश्किल जरूर है लेकिन ऐसा करने से आपके बालों का झड़ना कम हो सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार चीनी खा कर आप अपने शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ा रहे हैं जो आप के बालों को सिर से अलग करता है. साथ ही यह मेल हार्मोन एंड्रोजन का भी उत्पादन करती है. इस से आपके हेयर फॉलिकल्स भी सिकुड़ जाते हैं और बाल झड़ने का कारण बन जाते हैं. कई लोग इसे नजरअंदाज करते हैं और बाल झड़ने के बाद भी चीनी के सेवन पर रोक नहीं लगाते.

हेड मसाज से बचें

जब आप के बाल झड़ने हैं तो हेड मसाज करने से बचना चाहिए क्योंकि इस से बालों का गिरना बढ़ सकता है. दरअसल मसाज करने से बालों की जड़ें कमजोर होती हैं और स्कैल्प मसाज करने पर ज्यादा बाल टूट सकते हैं. आप स्कैल्प पर तेल लगा कर रातभर इसे छोड़ सकती हैं. इस के लिए शुद्ध नारियल का तेल, ऑलिव ऑयल, बादाम का तेल और तिल का तेल यूज़ करें. गर्म किया हुआ तेल आप को ज्यादा फायदा पहुंचाएगा. आप तेल को स्कैल्प पर लगाने के बाद हल्के हाथों से उंगलियों का इस्तेमाल करते हुए सर्कुलर मोशन से मसाज कर सकते हैं लेकिन अधिक जोर न दें.

माइल्ड शैंपू का यूज करें

बाल झड़ने की परेशानी से बचने के लिए स्कैल्प को अच्छी तरह से साफ करना बहुत जरूरी है, इस के लिए माइल्ड शैंपू का यूज करें. बस इस बात का ध्यान रखें कि स्कैल्प और बालों को हफ्ते में दो या तीन बार बहुत कम शैंपू से धोना चाहिए. आप शिकाकाई, आंवला, रीठा, ब्राह्मी, भृंगराज जैसे हर्बल हेयर टॉनिक के साथ समय से पहले बालों के झड़ने का इलाज कर सकते हैं. ये सभी चीजें  बालों की मजबूती के लिए जानी जाती हैं.

खींचने वाले हेयर स्टाइल ना करें

बाल कोमल होते हैं.  टाइट ब्रैड और पोनीटेल या इस तरह के दूसरे हेयर स्टाइल आप के बालों को खींचते हैं जो आप के बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए ऐसे हेयर स्टाइल से तौबा कर लें.

केमिकल्स और ब्लीच का प्रयोग न करें

बालों के उपचार के केमिकल्स बालों के रोम को नुकसान पहुंचाते हैं. बाल झड़ रहे है तो हाइलाइट्स, पेरोक्साइड उपचार, रंगों और पर्म के उपयोग को रोक दें.

प्राकृतिक चीजों का उपयोग –  प्याज का रस निकाल लें. बालों की जड़ों में इस से मसाज करें. आधे घंटे बाद पानी से धो लें. बालों के झड़ने की समस्या में आराम मिलेगा. एलोवेरा हेयर फॉल को कंट्रोल करने में कारगर है. एलोवेरा की पत्तियों के गूदे को निकाले और उसे बालों की जड़ों में मसाज करें. आधे घंटे बाद पानी से धो दें. हेयर फॉल कम हो जाएगा. बालों की हर तरह की समस्या को रोकने में आंवला बहुत असरदार है. आंवले के पाउडर में शिकाकाई, रीठा डालकर उस का पेस्ट बालों पर लगाएं और सूखने दें. इस के बाद बालों को पानी से धो लें.

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