अनचाहे गर्भ को रोकने के लिये अक्‍सर महिलाएं बर्थ कंट्रोल पिल्‍स यानी गर्भ निरोधक गोलियों पर विश्‍वास रखती हैं. अगर इन्‍हें सही समय पर लिया जाए तो यह अपना काम असरदार तरीके से करती हैं.

किसी किसी चीज का फायदा है तो उसका नुकसान भी जरुर होगा इसलिये बर्थ कंट्रोल के भी कुछ साइड इफेक्‍ट होते हैं, जैसे मतली, यौन रुचि में बदलाव, वजन का बढ़ना, सिरदर्द, चक्कर आना, स्तन में सूजन आना आदि, जैसी बातें हर महिला को पता होती हैं. लेकिन कुछ ऐसे भी साइड इफेक्‍ट हैं, जो डॉक्‍टर आपको नहीं बताएगा.

बर्थ कंट्रोल पिल शरीर में हार्मोन को कंट्रोल करता है, इसलिये इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. आइये जानते हैं इनके बारे में.

1. सिरदर्द और माइग्रेन

शरीर में हार्मोन के उतार चढाव की वजह से सिरदर्द या माइग्रेन हो सकता है. कई बर्थ कंट्रोल पिल एस्‍ट्रोजन के लेवल को घटा देते हैं जिससे सिरदर्द होने लगता है. अगर आपको भी ऐसा साइडइफेक्‍ट होता है, तो अपनी पिल डॉक्‍टर से कह कर बदल लें.

2. मतली

अगर इसे खाने के बाद मतली महसूस हो तो, पिल को खाना खाते समय या सोने से पहले लें. इसे कई दिनों तक एक ही समय पर लें, जिससे इसका साइड इफेक्‍ट कम हो जाए.

3. ब्रेस्‍ट में सूजन या कड़ापन आना

पिल लेने से महिलाओं के ब्रेस्‍ट में सूजन आ जाती है, जो कि पिल लेने के कई हफ्तों बाद ठीक भी हो जाती है. यह केवल हार्मोन के बदलाव की वजह से होता है. इस दौरान कॉफी और नमक का सेवन कम कर दें और सपोर्ट वाली ब्रा ही पहनें. अगर आपको छाती में दर्द, सांस लेने में दर्द हो, तो आपको डाक्टरी सलाह लेनी ही चाहिए.

4. पीरियड के दरमियान असामान्य ब्लीडिंग

पिल लेने के दो या तीन महीने कें अंदर महिलाओं को पीरियड के दरमियान असामान्य ब्लीडिंग से जूझना पड़ता है. हार्मोनल पिल लेने से यूट्रस में एंडोमेट्रियल की लाइनिंग कमजोर हो कर गिरने लगती है और इसी वजह से ब्‍लीडिंग शुरु हो जाती है. अगर आपको पिल लेते वक्‍त 5 या उससे अधिक दिनों तक ब्‍लीडिंग हो तो डॉक्‍टर से मिलना ना भूलें.

5. वजन बढ़ना

गोलियां लेने के हफ्ते-महीने बाद शरीर का वजह बढ़ने लगता है, लेकिन यह केवल वॉटर रिटेंशन की वजह से होता है जो कि बाद में चला जाता है. बर्थ कंट्रोल में भारी मात्रा में एस्‍ट्रोजन होता है, जो भूख खतक कर के वजन बढाने का काम करता है. इससे जांघों, हिप्‍स और ब्रेस्‍ट पर चर्बी बढ़ जाती है.

6. वेजाइनल यीस्‍ट इंफेक्‍शन

इस दौरान योनि में खुजली, जलन, तथा यीस्‍ट इंफेक्‍शन होने की संभावना बढ़ जाती है. यह रोग तब और ज्‍यादा बढ सकता है अगर महिला को मधुमेह है या फिर वह बहुत ज्‍यादा शक्‍कर या शराब का सेवन करती हो या फिर उसका इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर हो.

7. मूड में बदलाव

मूड स्‍विंग या फिर डिप्रेशन भी हो सकता है क्‍योंकि सिंथेटिक हार्मोन दिमागी नसों पर असर डालते हैं. अगर आपके घर में किसी को डिप्रेशन था, तो अपने डॉक्‍टर को यह बात जरुर बतलाएं.

8. आंखों की रौशनी में परिवर्तन

वे महिलाएं जो शुरु से ही चश्‍मा लगाती है, उन्‍हें गर्भ निरोधक गोली खाने पर आंखों की रौशनी में फरक देखने को मिल सकता है. हार्मोन की वजह से आंखों की पुतलियों में सूजन आ जाती है, जिसकी वजह से यह पेशानी होती है. लंबे समय तक ओरल पिल लेने से ग्‍लूकोमा जैसी बीमारी भी हो सकती है.

9. रक्‍त के थक्‍के जमना

ओरल पिल लेने के साइड इफेक्‍ट में, रक्‍त के थक्‍के जमना एक आम पर गंभीर समस्‍या है. महिलाएं जो ओवरवेट, 35 की उम्र पार कर चुकी है या फिर हाल ही में बच्‍चे को जन्‍म दिया है, वे इसके रिस्‍क पर सबसे ऊपर रहती हैं. अगर आपको सांस लेने में दिक्‍कत, सीने में दर्द या पैरों में सूजन महसूस हो तो यह फेफड़े या दिल में रक्‍त जमने का संकेत हो सकता है.

10. यौन रुचि में कमी

कई महिलाओं में यह गोलियां, यौन रूचि में कमी डाल सकती हैं. यह हार्मोनल गोलियां, टेस्‍टोस्‍ट्रोन का प्रॉडक्‍शन रोक देती हैं, जिससे आपकी सेक्‍स लाइफ पर असर पड़ सकता है. इससे सेक्‍स के दौरान दर्द भी होता है.

जरुरी टिप्‍स

– ओरल पिल्‍स को रोजाना एक ही समय पर लें.

– ये गोलियां आपको यौन संक्रमित बीमारियों से नहीं बचाएंगी.

– यह गोलियां उनको सूट नहीं करेंगी, जो स्‍मोकिंग करती हैं या फिर जिन्‍हें ब्‍लड क्‍लॉटिंग की बीमारी है.

– जैसे ही लगे कि आप प्रेगनेंट हो सकती हैं, वैसे ही यह गोली खाएं.

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