मधुमेह पीड़ित लोगों के लिए छुट्टियां एक मुश्किल समय हो सकती हैं. जैसा कि सभी जानते हैं, मधुमेह वाले लोगों के लिए विशिष्ट आहार आवश्यकताएं होती हैं. लेकिन छुट्टी के दौरान आप सुस्वादु खाने का लोभ नहीं संभाल पाती. आप शानदार होटल बुफे, स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेना चाहती हैं.

खाने के इस प्रलोभन से लड़ना असंभव नहीं है और आप अच्छा खा कर भी एक बेहतर छुट्टी बीता सकती हैं. इसके लिए हम यहां आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं-

मैं खाना देखती हूं और मैं इसे खाती हूं – सबसे आम छुट्टी प्रलोभनों में से एक. होटल बुफे में रखे गए स्वादिष्ट भोजन आपकी लालच बढा देती हैं. भोजन से पहले और बाद में रेस्तरां से दूर रहना सबसे अच्छा है क्योंकि जो चीज दिखेगा नहीं, उसे खाने का मन भी नहीं करेगा.

अपने हेल्दी भोजन के साथ प्रयोग करें और इसे अधिक मजेदार बनाए- एक प्लेट फल खाएं, सब्जियों को स्टिक में डाल कर दही में डिप कर खाए या फल कबाब बना सकती हैं.

– जब आप किसी शहर की सैर कर रही हैं तो अपनी ऊर्जा स्तर को बनाए रखने के लिए बहुत सारा पानी पीएं. हालांकि, चीनी और एरेटेड ड्रिंक से बचें.

– अपने खून में चीनी का स्तर गिरने से रोकने के लिए, नियमित अंतराल पर छोटे-छोटे भोजन खाते रहें. न तो अधिक मात्रा में खाए और न ही पूरे दिन भूखे रहें.

– वेफर्स, फ्रेंच फ्राइज या समोसा जैसे तले स्नैक्स की जगह काजू, अखरोट, हेजलनट आदि जैसे सूखे फलों का स्नैक्स ले. ऐसे समूह में रहना इस काम में मदद कर सकता है जो इस तरह के स्नैक्स लेते हो.

– यदि आप मांसाहारी हैं, तो ऐसे भोजन ले, जो या तो ग्रील्ड हो या बेक्ड हो या कम तेल में पकाया जाता हो. लाल मांस और ज्यादा तले भोजन से बचें.

– खाली पेट कभी ड्रिंक न करें. यह आपके रक्त शर्करा स्तर को कम करेगा.

– यदि आप किसी रेस्तरां में जा रही हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप रेस्तरां में पहले कौल करें ताकि यह जांच सके कि आपका भोजन अनुकूलित किया जा सकता है या नहीं. वे आपके अनुरोध के हिसाब से काम कर के प्रसन्न होंगे.

– इसका मतलब यह नहीं है कि आप मीठा नहीं खा सकती हैं. आप स्किम्ड मिल्क वाला कस्टर्ड या बिना लिड वाला पाई खा सकती हैं. अगर लोभ संभालना बहुत मुश्किल है, तो फिर आप ताजी हवा में जा कर एक ब्रिस्क वाक लें. इससे खाने को ले कर आपका लोभ संभल जाएगा. ऐसा माना जाता है कि शारीरिक गतिविधि से एंडोर्फिन और सेरोटोनिन हार्मोन बढ़ता है, जिसे हैप्पी हार्मोन कहा जाता है.

– सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रक्त शर्करा की निगरानी के लिए नियमित रूप से अपने डाक्टर से परामर्श लें और निर्धारित दवा या इंसुलिन लें. छुट्टियों के दौरान खुद की निगरानी करना मत छोडे.

छुट्टियों के दौरान अतिसंवेदनशीलता कोई वर्जित नहीं है. एक या दो मौकों पर रक्त शर्करा में वृद्धि दीर्घकालिक रूप से हानिकारक नहीं होगा. लेकिन, लगातार उच्च रक्त शर्करा बने रहना आपके स्वास्थ्य से समझौता कर सकता है.

भारत में मधुमेह लगभग खतरनाक स्तर पर है. इससे लड़ना हम पर निर्भर है. मधुमेह प्रबंधनीय है. बशर्ते हम सतर्कता और निगरानी करते रहें तो यह हमारी जिंदगी की गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा. इस छुट्टी के मौसम को एक उदाहरण बनाए. यह आपके आस-पास के अन्य मधुमेह रोगियों को प्रेरित कर सकता है.

– डा. वर्षा खत्री, हेड-मेडिकल एंड साइंटिफिक अफेयर्स, रोशे डायबिटीज केयर इंडिया

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