1990 से 2015 के बीच हाई बीएमआई  की वजह से विश्व में होने वाली मौतों की संख्या में 28.3 % का इजाफा हुआ है. भारत, चीन के बाद दुनिया में दूसरा ऐसा देश है जहां मोटापे से ग्रस्त बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है.

आज के समय में लोग अपने मोटापे को ले कर काफी परेशान रहते हैं. मोटापा कोई रोग नहीं है बल्कि एक चिकित्सीय स्थिति है जो कई रोगों का कारण बन सकती है. मोटापा लगभग 53 बीमारियों की वजह बन सकता है. इस की वजह से डायबिटीज़, हाइपरटेंशन, हार्ट फेलियर, अस्‍थमा, कोलेस्ट्राल, अत्‍यधिक
पसीना आना, जोड़ों में दर्द, बांझपन आदि का खतरा बढ़ जाता है.

हृदय रोग
मोटापा बढ़ने से उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ जाती है, ये दोनों ही स्थितियां हृदय को बीमार बनाती हैं.

डायबिटीज
शरीर में वसा की मात्रा अधिक होने पर शरीर इंसुलिन के प्रति रेज़िस्‍टेंट हो जाता है यही टाइप टू डायबिटीज की मुख्‍य वजह है.

कैंसर
कईं अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि मोटापे का 13 प्रकार के कैंसरों से गहरा संबंध है.

बांझपन
मोटापे के कारण महिलाओं का मासिकचक्र गड़बड़ा जाता है जिससे बांझपन की समस्या हो सकती है.

जोड़ों का दर्द
वजन बढ़ने से जोड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे उनमें दर्द होने लगता है. वजन जितना अधिक होगा जोड़ों की हड्डियों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका उतनी अधिक बढ़ जाएगी.

जानिये आप मोटे हैं या नहीं

सर गंगा राम हौस्पिटल के डौक्टर तरूण मित्तल बताते हैं कि आप अपना आदर्श भार और बी एम आई पता कर के यह जान सकते हैं कि आप मोटापे के शिकार हैं या नहीं.

ऐसे निकालें अपना आदर्श भार

लंबाई (से.मी. में) – 100 = आदर्श भार (किलोग्राम में)

अगर आप की लंबाई 164 से.मी. है तो आपका आदर्श भार होगा , 164 – 100 = 64
(किलोग्राम).

अगर आपका वजन इस से अधिक बढ़ रहा है तो समझें कि आप मोटापे का शिकार हो रहे हैं

बीएमआई

अपने  भार (किलोग्राम में) को अपनी  ऊंचाई (मीटर में) के वर्ग से भाग दें।

उदाहरण के लिये किसी व्यक्ति  का भार 80 किलोग्राम है और  उस की ऊंचाई 1.8 मीटर है. 1.8 मीटर का वर्ग 3.24 होता है. 80 को 3.24 से भाग दें. इस से बीएमआई 24.69 निकलकर आएगा.

जिन लोगों का बीएमआई 18.5 से कम है उन का भार सामान्‍य से कम है. जिन का बीएमआई 18.5 से 25 के बीच है उन का भार आदर्श है. जिन का बीएमआई 25 से 30 के बीच है उन का भार औसत से अधिक है. जिन का बीएमआई 30 से अधिक है वह मोटे हैं.

कमर-नितंब का अनुपात (डब्‍ल्‍युएचआर)

अगर किसी महिला के कमर का माप 28 इंच है और नितंब का माप 36 इंच तो डब्‍ल्‍युएचआर 28 को 36 से भाग देने पर आएगा जो 0.77 होगा.

अगर डब्‍ल्‍युएचआर 1 या उस से अधिक होगा तो कार्डियोवस्‍क्‍युलर बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. डब्‍ल्‍युएचआर को आदर्श शारीरिक माप का सबसे बेहतर इंडिकेटर माना जाता है.

एक पुरूष जिस की ऊंचाई 6 फीट (72 इंच, 183 से.मी.) है उसे अपनी कमर का माप
36 इंच से कम रखना चाहिये.

एक महिला जिस की लंबाई 5 फीट 4 इंच है (64 इंच, 163 से.मी.) उसे अपनी कमर की माप 32 इंच से कम रखना चाहिये. अर्थात अपने कमर के घेरे को अपनी लंबाई के आधे से कम रखें।

मोटापे पर कैसे लगाएं ब्रेक

  • संतुलित और पोषक भोजन का सेवन करें जिसमें फाइबर की मात्रा अधिक लेकिन कार्बोहाइड्रेट और वसा की मात्रा कम हो.
  • दिन में तीन बार मेगा मील खाने की बजाय 5-6 बार मिनी मील खाएं.
  • अपने डाइट प्लान में रोटी और चावल कम, तथा दाल, सब्जियां और फल अधिक
    मात्रा में शामिल करें.
  • चावल और आलू का सेवन भी कम करें, क्योंकि इनमें एम्पटी कार्बोहाइड्रेट होता है.
  • अंकुरित अनाजों का सेवन करें. ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इनमें फाइबर भी काफी मात्रा में होता है.
  • जंक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन न करें या कम करें.
  • आम और केले जैसे हाई कैलोरी वाले फलों का सेवन कम करें.
  • पूरी नींद लें; क्योंकि नींद की कमी से मेटाबौलिज्म धीमा हो जाता है.
  • रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं.
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें.

उपचार

गैस्ट्रिक बायपास और दूसरी वजन कम करने वाली सर्जरियां तब की जाती हैं जब आप अपनी डाइट में सुधार करके और नियमित रूप से एक्सरसाइज करके अपना वजन नहीं कम कर पाएं हों. इस सर्जरी के बाद आपका पेट जल्दी भरा हुआ लगेगा. यह सर्जरी न केवल आपकी भोजन से कैलोरी और पोषक तत्व अवशोषित करने की क्षमता कम कर देती है, अपितु उस भोजन की मात्रा कम हो जाती है जो आप एक बार में खाते है.

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