सवाल
मैं 41 साल की हूं. मैं सेना में काम करती थी. मैं सेहत और खानपान को ले कर काफी सतर्क हूं. इस के बावजूद मुझे पीठ में दर्द रहता है. क्या यह कोई बड़ी समस्या है?
जवाब
यह कोई बड़ी समस्या नहीं है, पर भविष्य में बड़ी मुश्किल का सबब बन सकती है. आप सेना में थीं, तो व्यायाम का महत्त्व जरूर जानती होंगी. बढ़ती उम्र के साथ यह समस्या आम है, पर व्यायाम पीठ में दर्द से छुटकारे के लिए किए जाने वाले किसी भी इलाज का जरूरी हिस्सा है. दर्द के लिए दवाएं भी उपलब्ध हैं. हीट या कोल्ड थेरैपी (आइस पैक्स) भी सूजन कम कर पीठ का दर्द कम करने में काफी मददगार होती है.
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पीठ दर्द ‘इलाज है न’
पीठ के निचले हिस्से का दर्द बेहद आम है. लेकिन हम में से ज्यादातर लोगों का ध्यान इस की तरफ तब जाता है जब हम झुक कर अथवा हाथ ऊपर की ओर बढ़ा कर कोई चीज उठाने की कोशिश करते हैं और तब दर्द महसूस करते हैं. पीठ का तेज दर्द हमारी रोजमर्रा की गतिविधियों, मनोरंजन और व्यायाम आदि में बाधा उत्पन्न कर सकता है. कभीकभी इस के चलते काम करना भी मुश्किल हो जाता है.
एक अध्ययन में यह पाया गया है कि पीठ के निचले हिस्से में होने वाले इस दर्द का इलाज शुरुआत में ही कराना चाहिए, क्योंकि ज्यादातर मामलों में इलाज न कराने पर यह गंभीर रूप ले सकता है. जागरूकता की कमी के चलते ज्यादातर लोग डाक्टर के पास ही नहीं जाते. वे पारंपरिक तरीकों से अथवा कैमिस्ट से दवा ले कर मनमरजी से उपचार कराने की कोशिश करते हैं. ऐसा करना स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना है.
पीठ के निचले हिस्से में होने वाले दर्द के लक्षणों और गंभीरता के आधार पर इसे 3 प्रकारों में बांटा गया है :
एक्यूट लो बैक पेन : दर्द 6 सप्ताह से कम अवधि तक रहता है.
सब क्रौनिक लो बैक पेन : दर्द 6 से 12 सप्ताह तक रहता है.
क्रौनिक लो बैक पेन : दर्द 12 सप्ताह से ज्यादा रहता है, हालांकि इस स्थिति के कारण अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन हर स्थिति में सही निदान बेहद महत्त्वपूर्ण है.
दर्द को गंभीरता से लें
पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना यों तो कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन कईर् कारण इस में योगदान देते हैं और गंभीरता का स्तर अलगअलग हो सकता है. ज्यादातर मामलों में इस का कोई स्पष्ट कारण नहीं होता. लेकिन ऐसा माना जाता है कि यह मांसपेशियों या हड्डियों में किसी प्रकार के खिंचाव, तनाव या मोच के कारण हो सकता है. पीठ के निचले हिस्से का दर्द दुनिया भर में करीब 80% लोगों को प्रभावित करता है.
आमतौर पर दर्द किसी विशेष गति के बाद होता है. जैसे मुड़ना, झुक कर कुछ उठाना आदि. इस के लक्षण गति के तुरंत बाद शुरू हो जाते हैं, जब आप सुबह सो कर उठते हैं. लक्षण मध्यम से ले कर गंभीर रूप ले सकता है. लेकिन कई बार हम लंबे समय तक इस की उपेक्षा करते हैं, जिस के चलते यह गंभीर दर्द में बदल जाता है.
पीठ के निचले हिस्से का दर्द आम बीमारी बन चुका है. इस के बारे में 3 मुख्य बिंदुओं को समझ कर आप इस का यथासंभव प्रबंधन कर सकते हैं.
यह क्यों होता है
इस के 2 कारण हो सकते हैं- विशिष्ट और गैर विशिष्ट. विशिष्ट कारण 20% से भी कम होते हैं. ऐसे में एक विशेष मामले में दर्द का विशिष्ट कारण होने की संभावना 0.2% तक होती है. कुछ मामलों में यह भौतिक कारणों का परिणाम भी होता है. युवाओं में वाहन से लगी चोट और बुजुर्गों में औस्टियोपोरोसिस के साथ हड्डी टूटना इस के मुख्य कारण हो सकते हैं. गैर विशिष्ट कारण पीठ दर्द के मामलों की अधिक प्रतिशतता बनाते हैं
यह कैसे होता है
यह कारण की विशिष्टता और गैर विशिष्टता पर निर्भर करता है.
यह कब होता है
नीचे दिए गए कारक पीठ दर्द की संभावना को बढ़ाते हैं. इन मामलों में पीठ में दर्द हो सकता है:
अभिव्यक्तियां : सीधे खड़े होने में परेशानी, टांगों की ओर जाता हुआ दर्द, बुखार, लगातार पीठ दर्द, शरीर के निचले हिस्सों का सुन्न होना आदि.
जोखिम के कारण : चिंता, व्यायाम न करना, गतिहीन जीवनशैली और काम, धूम्रपान, मोटापा या औबेसिटी, नींद ठीक से न लेना, सामान्य से अधिक शारीरिक व्यायाम, उम्र बढ़ना आदि.
इस के कारण हैं : मांसपेशियों और स्नायु में खिंचाव, कटिस्नायुशूल या स्किऐटिका, औस्टियोपोरोसिस, रीढ़ का कैंसर, औस्टियो और्थ्राइटिस, डिस्क का डिजनरैशन, गद्दे जो पीठ को सीधा रखते हैं और आराम नहीं देते, पीठ दर्द का कारण बन सकते हैं.
उचित उपचार
बहुत से लोग इंटरनैट पर इस के लक्षण और उपचार खोजने की कोशिश करते हैं. इस के बाद वे कुछ गलत व्यायाम करते हैं और बिना कारण को समझे पेन किलर दवा लेने लगते हैं, जो स्थिति को और अधिक बदतर बना देता है. कई बार इस से कुछ देर के लिए राहत तो मिल सकती है, लेकिन आने वाले समय में हालात बिगड़ जाते हैं. समस्या के कारण अलगअलग हो सकते हैं, इसलिए हमेशा डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए, जो सही निदान करे और सही उपचार दे. लगातार और तेज दर्द का मतलब है कि आप को अच्छे निदान की जरूरत है. इसलिए सही इलाज कराएं.
इन तरीकों को अपना कर आप पीठ के निचले हिस्से के दर्द को काफी हद तक रोक अथवा कम कर सकते हैं :
– आरामदायक और धीमी गतिविधियां.
– पूल थेरैपी यानी पानी में व्यायाम.
– सहारा ले कर बैठने से पीठ पर दबाव कम होता है और राहत मिलती है.
– हीट एवं कोल्ड पैक आमतौर पर दर्द और सूजन में भी राहत देते हैं.
लगातार दर्द आप के लिए परेशानी का कारण बन सकता है. हो सकता है कि आप इस के चलते ठीक से काम भी न कर पाएं. दर्द से राहत पाने के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें. खुद दवा ले कर अपनेआप को कष्ट न दें.
– डा. शंकर आचार्य (और्थोपैडिक एवं स्पाइन सर्जन, सर गंगाराम अस्पताल, दिल्ली)