लिवर सिरोसिस एक पुरानी और बढ़ने वाली बीमारी है जिसमें स्वस्थ लिवर टिशू की जगह स्कार टिशू (फाइब्रोसिस) ले लेते हैं. इससे लिवर का फंक्शन खराब हो सकता है और स्थिति लिवर फेल्योर तक पहुंच जाती है. शरीर में लिवर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, ये रक्तप्रवाह से विषाक्त पदार्थों को फिल्टर करता है, आवश्यक प्रोटीन का उत्पादन करता है, और ब्लड क्लौट को रेगुलेट करता है. सिरोसिस का अगर इलाज न कराया जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है और जान को खतरा भी हो सकता है.
फरीदाबाद सेक्टर 81 स्थित डौक्टर81 क्लिनिक में सीनियर गैस्ट्रोएंटरोलौजिस्ट डौक्टर विशाल खुराना ने इस विषय पर विस्तार से जानकारी साझा की. उन्होंने लिवर सिरोसिस होने के कारण, लक्षण, इलाज और बचाव के बारे में बताया.
सिरोसिस क्या है?
जब किसी लंबी चोट के कारण लिवर पर स्थायी रूप से असर आ जाता है तो ये कंडीशन सिरोसिस कहलाती है.
डौक्टर विशाल खुराना ने हमें बताया कि लिवर एक री-जनरेटिव अंग होता है जिसमें खुद को ठीक करने की एक अद्भुत क्षमता होती है, लेकिन जब बार-बार लिवर को क्षति पहुंचती है, तो खराब टिशू स्वस्थ लिवर कोशिकाओं की जगह ले लेते हैं. समय के साथ, जैसे-जैसे लीवर का ज्यादा हिस्सा खराब होता जाता है, उसे महत्वपूर्ण काम करने में परेशानी होती है. इस हालत में लिवर से ब्लड फ्लो भी बाधित हो सकता है जिससे लिवर की डिस्फंक्शनिंग बढ़ जाती है. जब डैमेज ज्यादा हो जाता है तो सिरोसिस के कारण लिवर फेल होने का भी खतरा रहता है.
सिरोसिस के कारण
डौक्टर विशाल खुराना ने ऐसे कई स्थितियों के बारे में बताया जो सिरोसिस का कारण बन सकती हैं. सबसे आम कारणों में से है-
1. शराब का सेवन. जो लोग लंबे समय से शराब का सेवन करते आ रहे हों, उन्हें सिरोसिस होने का रिस्क रहता है. दरअसल, शराब सीधे लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है, और समय के साथ-साथ ज्यादा पीने से सूजन हो जाती है और स्कार टिशू पनप जाते हैं.
2. हेपेटाइटिस बी और सी: हेपेटाइटिस बी और सी जैसे वायरल संक्रमण भी सिरोसिस होने के महत्वपूर्ण कारण हैं. दोनों वायरस लिवर को टारगेट करते हैं, जिससे सूजन हो जाती है. अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो यही सूजन सिरोसिस में बदल सकती है.
3. नौनएल्कोहौलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी): एनएएफएलडी तेजी से सिरोसिस का एक आम कारण बनता जा रहा है, खासकर जिन देशों में मोटापे और डायबिटीज मामलों की संख्या बढ़ रही है, वहां स्थिति ज्यादा सोचनी है. इस स्थिति में लिवर में फैट जमा होने से इन्फ्लेशन और स्कार टिशू बढ़ने का रिस्क रहता है.
4. आटोइम्यून डिजीज: जहां शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से लिवर कोशिकाओं पर हमला करता है, वहां क्रोनिक इन्फ्लेशन हो सकता है और बाद में ये स्थिति सिरोसिस का कारण बन सकती है.
5. विल्सन डिजीज: ये एक दुर्लभ जेनेटिक डिसऔर्डर है जिसमें शरीर के विभिन्न अंगों में कॉपर जमा होता है. ज्यादा कौपर होने से लिवर टिशू को डैमेज हो सकता है और ये समस्या सिरोसिस में बदल सकती है.
6. दवाएं और विषाक्त पदार्थ: कुछ दवाओं के लंबे समय तक उपयोग और विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने से भी लिवर की क्षति और सिरोसिस हो सकता है. ये पदार्थ लिवर की डिटौक्सीफाई करने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे लिवर पर निशान आ सकते हैं.
सिरोसिस के लक्षण
सिरोसिस के शुरुआती चरणों पर किसी का ध्यान नहीं जा सकता है क्योंकि क्षति के बावजूद लिवर अपना काम करता रहता है. हालांकि, जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, लक्षण स्पष्ट होते जाते हैं. डौक्टर विशाल खुराना ने लक्षणों के बारे में विस्तार से बताया.
1. कमजोरी और थकान: मरीजों को अक्सर थका हुआ और कमजोर महसूस होता है, खाने या नियमित गतिविधियों में मन नहीं लगता है.
2. वेट लौस: भूख की कमी, उल्टी या मतली के कारण बिना किसी वजह के वजन कम होना भी इसका एक लक्षण है.
3. फ्लूड रिटेंशन: जब लिवर फ्लूड और ब्लड प्रोटीन को रेगुलेट कर पाने में सक्षम नहीं रहते हैं, तब एडिमा (पैरों में सूजन) और एसाइट्स (पेट में पानी जमा होना) जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं.
4. पीलिया: त्वचा और आंखों का पीला पड़ जाना. ऐसा तब होता है जब लिवर रक्तप्रवाह से बिलीरुबिन को सही तरीके से साफ नहीं कर पाता है.
5. ब्लीडिंग और चोट लगना: ब्लड क्लॉटिंग के लिए लिवर आवश्यक प्रोटीन प्रोड्यूस करता है, ऐसे में लिवर पर डैमेज होने से ब्लीडिंग बढ़ सकती है, यहां तक कि मल में ब्लड आ सकता है या खून की उल्टियां हो सकती हैं.
6. मानसिक भ्रम और कंपकंपी: जब लिवर खून से विषाक्त पदार्थों को फ़िल्टर करने में कामयाब नहीं रहता है, तो इसके कारण लिवर एन्सेफैलोपैथी हो सकता है. इसके परिणामस्वरूप कंफ्यूजन, झटके (एस्टेरिक्सिस) और गंभीर मामलों में कोमा की स्थिति भी पनप जाती है.
7. मल का रंग बदलना और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग: अगर किसी को गहरा, टेरी मल आता है तो वराइसेस के कारण होने वाली गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है. दरअसल, सिरोसिस होने पर एसोफेगस या पेट में बड़ी नसें टूटने का खतरा होता है.
सिरोसिस से जुड़ी जटिलताएं
डौक्टर विशाल खुराना ने बताया कि जैसे-जैसे सिरोसिस बढ़ता है कई जानलेवा कौम्प्लिकेशंस भी हो सकते हैं.
पोर्टल हाइपरटेंशन: लिवर पर निशान आने से ब्लड फ्लो सुचारू नहीं रहता, जिससे पोर्टल वेन पर दबाव आ जाता है. इससे वराइसेस और एसाइट्स हो सकते हैं.
हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा (एचसीसी): सिरोसिस वाले लोगों में लिवर कैंसर आम है.
लिवर फेल्योर: जब लिवर अपने महत्वपूर्ण काम करने बंद कर देता है तो आखिरकार लिवर ट्रांसप्लांट का विकल्प चुनना पड़ता है.
सिरोसिस का इलाज
डौक्टर विशाल खुराना के अनुसार, सिरोसिस का इलाज काफी हद तक इसके अंतर्निहित कारणों और डायग्नोज की स्टेज पर निर्भर करता है. हालांकि, सिरोसिस का कोई इलाज नहीं है, लेकिन कई तरह की रणनीतियां अपनाकर इसे मैनेज किया जा सकता है, जटिलताओं को कम किया जा सकता है और इसकी प्रगति को धीमा किया जा सकता है.
1. शराब का सेवन न करें: शराब की लत को पूरी तरह से छोड़ देने पर सिरोसिस की प्रगति को धीमा किया जा सकता है या रोका सकता है.
2. एंटी वायरल दवाएं: हेपेटाइटिस बी या सी के कारण होने वाले सिरोसिस के लिए जो एंटीवायरल दवाएं ली जाती हैं उनकी मदद से लिवर की सूजन और डैमेज को कम किया जा सकता है.
3. फैटी लिवर डिजीज: नौन एल्कोहौलिक वाले फैटी लिवर के मरीजों में डायबिटीज को मैनेज करके, वेट लौस करके, कोलेस्टेरौल को कंट्रोल करने से लिवर की क्षति को रोकने में मदद मिल सकती है.
4. स्टेरायड और इम्यूनोसप्रेसेन्ट्स: आटोइम्यून हेपेटाइटिस के मामले में, इम्यून सिस्टम को दबाने के लिए कौर्टिकोस्टेरौइड्स जैसी दवाएं सूजन को कम कर सकती हैं.
5. विल्सन डिजीज: इसके इलाज में दवाएं शामिल होती हैं जो शरीर में कॉपर को नियंत्रित करती हैं.
6. लिवर ट्रांसप्लांट: सिरोसिस या लिवर फेल्योर के एडवांस स्टेज में मरीज की जान बचाने के लिए लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है.
रोकथाम बेहद महत्वपूर्ण
डौक्टर विशाल खुराना कहते हैं कि सिरोसिस को रोकने में इसके रिस्क फैक्टर्स से बचना जरूरी है जो लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं. शराब का सेवन सीमित करना, हेपेटाइटिस के खिलाफ टीकाकरण, स्वस्थ वजन बनाए रखना और लिवर की रेगुलर जांच कराना महत्वपूर्ण है. सिरोसिस को मैनेज करने और लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए समय पर डायग्नोज और हस्तक्षेप आवश्यक है. लिवर सिरोसिस के कारणों, लक्षणों और उपलब्ध इलाज के बारे में जागरूकता बढ़ाकर, हम लोगों को स्वस्थ लिवर के साथ जीवन गुजारने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.