आप कितनी मेहनत करके वेतन पाते हैं और उसको बैंक मे जमा करते हैं यही मानकर कि बैंक सबसे सुरक्षित जगह है और आपकी यह खून पसीने की  कमाई आडे़  वक्त में आपके काम आयेगी. मगर आप जरा गौर फरमाइये  कि आपके एकाउंट पर कोई है जो बराबर नजर रख रहा है. सावधान हो जाइये क्योंकि रोज ऐसी वारदात हो रही हैं कि लोगों के बचत  खाते से तगडी़  रकम गायब हो रही है.

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बताते हैं कि मौजूदा समय में फ्रॉड करने वाले बैंक खातों से पैसे चुराने के लिए के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करते हैं. इसमें एटीएम क्लोनिंग, व्हाट्सऐप कॉल के जरिए फर्जीवाड़ा, कार्ड के डाटा की चोरी, यूपीआई के जरिए चोरी, लॉटरी के नाम पर ठगी, बैंक खातों की जांच के नाम पर ठगी प्रमुख है. अब सवाल उठता है कि आखिर, इस तरह की धोखाधड़ी आखिर होती कैसे हैं. इस पर साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बताते हैं कि मौजूदा समय में फ्राड करने वाले बैंक खातों से पैसे चुराने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करते हैं.इसमें एटीएम क्लोनिंग, व्हाट्सऐप कॉल के जरिए फर्जीवाड़ा, कार्ड के डाटा की चोरी, यूपीआई के जरिए चोरी, लॉटरी के नाम पर ठगी, बैंक खातों की जांच के नाम पर ठगी प्रमुख है.

आपको ये जानकार हैरानी होगी कि पिछले दस  साल मे पचास हजार से अधिक लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई है.इसमें दो लाख लाख करोड़ रुपये की चपत आम ग्राहकों को लगी. आरबीआई की ताजा रिपोर्ट बताती है कि डिजिटल लेनदेन के चलते पिछले दो सालों  में ही  नब्बे हजार करोड़ रुपये का बैंकिंग फर्जीवाडा़  हुआ जब ग्राहक को भनक तक न लगी और उसके अकाउंट से रूपया निकल गया. सावधान हो जाइये अगर व्हाट्सऐप पर किसी अनजान नंबर से वॉइस कॉल आती है तो आप सावधान हो जाइए क्योंकि फोन करने वाला आपको ठग सकता है. इस वारदात को अंजाम देने के बाद आपके नंबर को ब्लॉक कर सकता है.वॉइस कॉल करने वाला अपनी ट्रिक में फंसाकर आपके पैसे हड़प सकता है.

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इसके अलावा एटीएम कार्ड की क्लोनिंग करके भी ठग आपको लूट सकते हैं. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बताते हैं कि पहले सामान्य कॉल के जरिए ठगी होती थी लेकिन अब डाटा चोरी कर पैसे खाते से निकाले जा रहे हैं. ठग हाईटेक होते हुए कार्ड क्लोनिंग करने लगे हैं. एटीएम कार्ड लोगों की जेब में ही रहता है और ठग पैसे निकाल लेते हैं. एटीएम क्लोनिंग के जरिए आपके कार्ड की पूरी जानकारी चुरा ली जाती है और उसका डुप्लीकेट कार्ड बना लिया जाता है. इसलिए एटीएम इस्तेमाल करते वक्त पिन को दूसरे हाथ से छिपाकर डालें.

एक और तरीका है ठग  बैंक खातों की जांच के नाम पर ठगी करते हैं. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बैंक खातों की जांच आपको समय-समय पर करनी चाहिए और अस्वीकृत लेनदेन के बारे में तुरंत अपने बैंक को जानकारी देनी चाहिए.

आजकल नौकरी के नाम पर भी फर्जी तरीके से पैसा निकाला जाता है. ऑनलाइन फ्रॉड-कई जॉब पोर्टल संक्षिप्त विवरण को लिखने, विज्ञापित करने और जॉब अलर्ट के लिए फीस लेते हैं, ऐसे पोर्टलों को भुगतान करने से पहले, वेबसाइट की प्रमाणिकता और समीक्षाओं की जांच करना जरूरी है.और तो और  शादी की वेबसाइट पर लोगों के साथ ठगी होने लगी है. अगर आप ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट पर पार्टनर की तलाश कर रहे हैं तो जरा सावधान रहिए, क्योंकि इसके जरिए भी ठगी हो रही है चैटिंग के जरिए फ्राड करने वाले आपके बैंक खाते से जुड़ी जानकारियां मांगते हैं. ऐसे में बैंक खाते से रकम उड़ा ली जाती है. गृह मंत्रालय के साइबर सुरक्षा विभाग के मुताबिक ऑनलाइन वैवाहिक साइट पर चैट करते वक्त निजी जानकारी साझा ना करें ,और साइट के लिए अलग से ई-मेल आईडी बनाएं और बिना किसी पुख्ता जांच किए निजी जानकारी साझा करने से बचें.

लॉटरी, बंपर  ड्रा आदि के  झांसे मे कभी न आयें ,  पेट्रोल पंप डीलरशिप के नाम पर ऑनलाइन ठगी हो रही है. साइबर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बीते दिनों टीवी प्रोग्राम कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर लाखों रुपये की लॉटरी निकालने का झांसा देकर कई लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है.वहीं, पिछले साल, देश की सबसे बड़ी ऑयल मार्केंटिंग कंपनी IOC ने अपनी वेबसाइट पर पेट्रोलपंप की डीलरशिप के नाम पर धोखाधड़ी से जुड़ी जानकारी दी थी.

ई-मेल स्पूफिंग भी एक और तरीका है. ई-मेल स्पूफिंग के जरिए ठग ऐसी ई-मेल आईडी बना लेते हैं जो नामी गिरामी कंपनियों से मिलती-जुलती होती हैं और फिर सर्वे फॉर्म के जरिए लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर डाटा चुरा लेते हैं. गूगल सर्च के जरिए भी ठगी के मामले सामने आए हैं. जालसाज सर्च इंजन में जाकर मिलती जुलती वेबसाइट बनाकर अपना नंबर डाल देते हैं और अगर कोई सर्च इंजन पर कोई खास चीज तलाशता है तो वह फर्जी साइट भी आ जाती है.

रिवॉर्ड पाइंट के नाम पर ठगी हो रही है. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने हाल में अपने ग्राहकों को अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि रिवॉर्ड पाइंट के नाम पर फ्रॉड करने वाले संदेश भेजते हैं.उन संदेश में बैंक खाते से जुड़ी जानकारियां मांगी जाती है. और जैसे ही जानकारी उनके पास पहुंचती है. वैसे ही खाते से पैसे उड़ा लिए जाते हैं.इसीलिए बैंक लगातार अपने ग्राहकों को सावधान करते रहते हैं.  धोखेबाज इस मामले  में  बूढे लोगों को फंसा लेते हैं.जांच के नाम पर भी ठगी करते रहते हैं. सभी ग्राहकों को अपने बैंक खातों की जांच आपको समय-समय पर करनी चाहिए और अगर किसी भी तरह की गड़बड़ दिखे तो तुरंत उसके बारे में बैंक से पता लगाना चाहिए.

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इसके अलावा यू पी आई  के जरिए भी ठगी की जा रही है. यूपीआई के जरिए ठग किसी व्यक्ति को डेबिट लिंक भेज देता है और जैसे ही वह उस लिंक पर क्लिक कर अपना पिन डालता है तो उसके खाते से पैसे कट जाते हैं. इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें.

एटीएम कार्ड के डाटा की चोरी के लिए जालसाज कार्ड स्कीमर का इस्तेमाल करते हैं. इसके जरिए जालसाज कार्ड रीडर स्लॉट में डाटा चोरी करने की डिवाइस लगा देते हैं और डाटा चुरा लेते हैं. इसके अलावा फर्जी की बोर्ड के जरिए भी डाटा चुराया जाता है. किसी दुकान या पेट्रोल पंप पर अगर आप अपना क्रेडिट कार्ड स्वाइप कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि कर्मचारी कार्ड को आपकी नजरों से दूर ना ले जा रहा हो.

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