इको फ्रेंडली कंज्यूमर स्टार्ट अप ‘द बेटर होम’ ने होम क्लीनिंग प्रोडक्ट्स को  लांच किया व 2025 तक समुद्रों से 14K बिलियन लीटर केमिकल बचाने का संकल्प लिया है.

सब्सक्रिप्शन किट जो प्लांट बेस्ड

-यह भारत का पहला सस्टेनिबिलिटी फोकस्ड क्लीनर्स का सब्सक्रिप्शन किट है. जो प्लांट बेस्ड, बच्चों के लिए सुरक्षित, और पेट फ्रेंडली है. द बेटर होम एक पूरे देश में छोटे-छोटे बिजनेस को अपने सप्लाई चेन से उन्हें सशक्त करने वाला एक ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड है.

रिसायकल

– फ़रवरी 2020 से जब से द बेटर होम ने अपना आपरेशन शुरू किया है, तब से इसने भारत के 200 शहरों में यह अपने प्रोडक्ट्स को पहुंचा चुका है और बचे हुए ख़राब सामानों को रिसायकल करने का प्रोग्राम भी आयोजित करता है.

– मात्र दो महीने के सॉफ्ट आपरेशन लांच से द बेटर होम ने पहले ही 21,000 बोतल पूरे भारत में भेज दिया है.

नेचुरल क्लीनिंग

कोरोनावायरस ने हाईजीन को पालन करने के लिए एक ज़रूरी नियम बना दिया है.दुर्भाग्य से ज्यादातर कन्वेंशनल क्लीनर केमिकल्स से बने  होते हैं और ये वॉटर पॉल्यूशन को बढ़ाते हैं. शहरी भारतीय घरों से 21.6  बिलियन लीटर दूषित पानी जहरीले केमिकल को हर दिन छोड़ते हैं. बेंगलुरु बेस्ड भारत के सबसे पहले सस्टेनिबिलिटी फोकस्ड क्लीनर्स ब्रांड द बेटर होम ने इस प्रॉब्लम को समझा और प्लांट बेस्ड, बच्चों के लिए सुरक्षित, और पेट फ्रेंडली क्लीनर्स लाया. जिसने 15 मिलियन लीटर जहरीले पानी को वित्त वर्ष   FY20-21 के पहले तिमाही में समुद्रों में गिरने से बचाया. ब्रांड पहले ही 21,000 बोतल बेच चुका है.

ये भी पढ़ें- अपना फेसबुक अवतार कैसे बनाएं?

यह क्लीनर का ब्रांड है. इसमें रोगाणुओं और एंजाइम जैसे जैव-सक्रिय तत्व होते हैं, जो इंडस्ट्रियल ग्रेड केमिकल्स के बजाय नेचुरल क्लीनिंग की सुविधा प्रदान करते हैं.

ये प्रोडक्ट जहरीले नहीं होते हैं. यह बच्चों और पालतू जानवरों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं, और सभी हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस के लिए घातक हैं. डब्ल्यूएचओ ने इन प्रोडक्ट को वायरस के खिलाफ एक इफेक्टिव सैनिटाइज़ेशन मेथड प्रमाणित किया है. यहां तक कि इन प्रोडक्ट्स से उत्पन्न अपशिष्ट-जल का उपयोग, प्रोडक्ट्स के लिए किया जा सकता है उदाहरण के लिए, पौधों को पानी देना आदि. नहरों में इस पानी को  छोड़ने पर यह इकोलॉजिकल बैलेंस को बिगाड़ते नहीं है.

द बेटर होम के सीईओ & फाउंडर धीमंत पारेख ने कहा, ““यह आईडिया दो फंडामेंटल चीज़ों प्रोडक्ट की प्रभावशीलता और खरीद की सुविधा से बिना कोम्प्रोमाईज़ किये हुए इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स की ओर स्विच करके  अपनी कम्युनिटी को सक्षम और सशक्त बनाने का था.हमारे पावरफुल और इफेक्टिव क्लीनर एक सब्सक्रिप्शन किट में आते हैं जिन्हें व्यक्तिगत उपयोग के आधार पर कस्टोमाइज़ किया जाता है. हमारे कस्टमर को फिर से स्टॉक करने से भूलने पर चिंता नहीं करनी चाहिए. हम हर महीने आपके दरवाजे पर बारिश, ओले या धूप में प्रोडक्ट को डिलीवर करते हैं.फरवरी 2020 से हमने ऑपरेशन शुरू किया, हम पहले ही अपने प्रोडक्ट की 21,000 बोतलों को भारत के लगभग 200 शहरों में भेज चुके हैं और 15 मिलियन लीटर केमिकल युक्त पानी को हमारे जल निकायों में बहने से रोका.”

बेटर होम प्रोडक्ट को कम्युनिटी कस्टमर्स और एक्टिव कस्टमर्स से बहुत ही शानदार फीडबैक मिला. ऐसी हस्तियां जिन्हें पर्यावरण के प्रति उनके लगाव के लिए जाना जाता है जैसे कि दीया मिर्जा, नेहा धूपिया, संध्या मृदुल और चिन्मयी श्रीप्रधा ने सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट की खासियत और ब्रांड के सस्टेनेबल तरीकों की तारीफ की.

बायो-प्लास्टिक सुनने में तो अल्टरनेटिव लगते हैं लेकिन अभी इनपर रिसर्च होनी है और एनवायरमेंट पर अपना रियल प्रभाव स्थापित करना है और इनका प्रोडक्शन एक स्केल पर अब भी चैलेंजिंग है. कोई भी चीज शुद्ध रूप से सस्टेनेबल मैटेरियल नहीं होती है. हालांकि सस्टेनेबल सिस्टम होता है .यह पहली किट दुबारा यूज़ करने वाली प्लास्टिक बोतल में आती है और उसके बाद की सभी किट में पेपर पाउच होते हैं. जिसे कोई भी इन्हें बोतल में खाली कर सकता है.  एक ‘टेक-बैक प्रोग्राम में, अपनी रिफिल को भेजा जा सकता हैं.परचेज कर सकते हैं और बोतल को वापिस रिस्पोंसिबल डिस्पोजल और अप-सायक्लिंग के लिए  दे सकते हैं.”

सभी रिफिल की खरीददारी सेल्फ-एड्रेस लिफ़ाफ़े में भेजे जाते हैं और कस्टमर को इसे कंपनी को वापस भेजा जाता है. अगर उनका रिसायकल और अपसायकल करने का अपने आप मन न हो .इन्होने एक एन जी ओ के साथ पार्टनरशिप किया है ताकि इन मैटेरियल को इकठ्ठा कर सके और इन्हें समुद्र में जाने से रोका जा सके.

ये भी पढ़ें- धोखाधड़ी से बचने के लिए संभल कर करें यूपीआई पिन का इस्तेमाल

उत्साही फाउंडर ने कहा, “हमने अहमदाबाद और पुणे के MSMEs के साथ प्रोडक्ट को बनाने के लिए साझेदारी की है. ज्यादा लोकल बिजनेस को साथ में शामिल कर और जीविका प्रभाव डाला जायेगा. दुनिया को रहने के लिए एक अच्छी जगह बनाने को लेकर समर्पित हैं कंपनी.

धीमंत पारेख और अनुराधा केडिया से बातचीत पर आधारित.

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...