मशहूर कहावत है कि चैरिटी बिगिंस एट होम, लेकिन आज के माहौल को देख कर कहा जा सकता है कि सेफ्टी बिगिंस एट होम. यानी घर साफ है तो आप भी सुरक्षित हैं और कोई भी बीमारी, वायरस, बैक्टीरिया आप को बीमार नहीं कर सकता, इसलिए घर के हर कोने, हर जगह को साफ करें. तभी आप खुद को व अपने परिवार को बीमारियों से बचा पाएंगे.

घर में किस तरह के कीटाणु

अकसर हम यही सोचते हैं कि हमारा घर साफ होता है और बाहर ही गंदगी का जमावड़ा होता है, जिस की वजह से हम बीमार होते हैं. जब कि सचाई इस के विपरीत है. अनेक शोधों में यह साबित हुआ है कि घर में बाहर से ज्यादा बैक्टीरिया, फंगी के होने का डर रहता है. जिस का कारण हम खुद हैं, क्योंकि हम जिस घर में रहते हैं, जिन चीजों को छूते हैं, जिन के संपर्क में ज्यादा आते हैं उन की सफाई का खास ध्यान नहीं रखते तो घर में पनपने वाले बैक्टीरिया जिस में यीस्ट, मोल्ड, कैलिफोर्म बैक्टीरिया, सालमोनेला, इकोली शामिल हैं का खतरा कहीं अधिक बढ़ जाता है. इन से बचाव हेतु घर की अच्छे से सफाई करना बहुत जरूरी है.

किन जगहों पर पनपते कीटाणु

डिश स्पौंज: हर किचन में आप को डिश स्पौंज मिल जाएगा, जिस से न सिर्फ आप बरतन बल्कि किचन का स्लैब भी साफ करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस में हर समय थोड़ा बहुत खाना रहने के कारण इस में मौइस्चर रहने से यह बैक्टीरिया को पनपने देता है. जो सिर्फ बीमारियों को न्यौता देने का काम करता है.

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नैशनल सैनिटाइजेशन फाउंडेशन के अनुसार, स्पौंज में मोल्ड, यीस्ट और कैलिफोर्म बैक्टीरिया होते हैं, जो पेट दर्द, उल्टी और डायरिया का कारण बनते हैं. कई बार इस के कारण इंफैक्शन इतना अधिक बढ़ जाता है कि जान पर आ बनती है.

अगर आप खुद को इस से बचाना चाहते हैं तो हर हफ्ते इसे बदलते रहें और इसे इस तरह साफ करें कि इस में बैक्टीरिया शरण न ले पाएं. क्योंकि स्पौंज में बैक्टीरिया काफी तेजी से बढ़ते हैं.

किचन सिंक: रिसर्च में यह साबित हुआ है कि किचन सिंक में कैलिफोर्म बैक्टीरिया और मोल्ड होता है. और यही वह जगह है जहां सब से ज्यादा बैक्टीरिया के पैदा होने के चांसेज होते हैं, क्योंकि सिंक में हम फल, सब्जियों को धोने के साथसाथ खाने के बर्तनों को भी साफ करते हैं. इसलिए जरूरी है कि सिंक को हर रोज बैक्टीरिया को नष्ट करने वाले डिश वाशर से अच्छे से साफ करें.

टूथब्रश होल्डर: आप सोच रहे होंगे कि वाशरूम तो बंद ही रहता है तो फिर वहां बैक्टीरिया कैसे पहुंच सकते हैं तो आप को बता दें कि जो टूथब्रश होल्डर होता है वो टौयलेट सीट के काफी करीब होता है तो जब भी हम फ्लश करते हैं तो हवा में मौजूद कण उड़ कर होल्डर पर जा कर चिपक जाते हैं. जिस से कैलिफोर्म बैक्टीरिया पनपने लगते हैं.

यूनिवर्सिटी औफ मैनचेस्टर की रिसर्च के अनुसार, बिना ढके हुए टूथब्रश पर 10 मिलियन से भी ज्यादा बैक्टीरिया, वायरस होते हैं.

इसलिए जब भी होल्डर में से ब्रश यूज करें तो उसे वाश करना न भूलें. और हफ्ते में एक बार टूथब्रश होल्डर को लिक्विड सोप से जरूर साफ करें.

बाथरूम फौसेट हैंडल्स: नैशनल सैनिटाइजेशन फाउंडेशन की स्टडी के अनुसार, 27 परसैंट फौसेट हैंडल्स में स्टैफ और 9% में कैलिफौर्म बैक्टीरिया पनपते हैं और जब भी हम उसे हाथ लगाते हैं तो उस से वह हमारे संपर्क में आ कर हमें बीमार कर देते हैं. इसलिए जरूरी है कि इसे रोजाना डिसइनफैक्टैंट स्प्रे या फिर वाइप्स से साफ करें.

स्टोव नोब्स: जब भी हम किचन को साफ करते हैं तो हम स्टोव नोब्स को साफ करना भूल जाते हैं. जबकि स्टोव नोब्स में मोल्ड, यीस्ट और कैलिफौर्म बैक्टीरिया होता है. इसलिए हर हफ्ते इसे साबुन के पानी से साफ करें.

काउंटर टौप: घर में किचन ऐसी जगह होती है जहां पर महिलाएं सब से अधिक समय बिताती हैं. लेकिन अकसर हम यह भूल कर देते हैं कि जब भी बाहर से कोई सामान लाते हैं तो उसे नीचे रखने के बजाय काउंटर टौप पर ही रख देते हैं और फिर उसे बिना साफ किए खाना बनाना शुरू कर देते हैं. आप को जान कर हैरानी होगी कि इस पर कैलिफौर्म बैक्टीरिया और मोल्ड होता है. जो आप को बीमार करने का कारण बन सकता है. इसलिए जब भी खाना बनाएं तो काउंटर टौप को डिसइनफैक्टैंट स्प्रे या वाइप्स से क्लीन जरूर करें. ताकि बैक्टीरिया खाने के जरिए आप के शरीर में प्रवेश न कर सके.

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किचन की सफाई का खास ध्यान कैसे रखें

घर में किचन वह जगह होती है, जहां हम न सिर्फ स्वादिष्ठ डिश बनाते हैं, बल्कि अपने परिवार को हैल्थी डिशेस बना कर उन की सेहत का खास ध्यान भी रखते हैं. अगर खाना बनाते वक्त स्लैब या यूज की गई चीजें साफ नहीं की गईं तो आप कीटाणुओं को ही न्यौता देंगे. इसलिए किचन की साफसफाई का खास ध्यान रखें. इस के लिए आप ये प्रयास कर सकते.

चाकू को दिन में एक बार गरम पानी में साबुन मिला कर उस से साफ करें. इस से बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं.

सब्जियों के कटिंग बोर्ड को यूज करने से पहले उसे गीले कपड़े से साफ जरूर करें. इस से उस में लगी गंदगी दूर होगी.

डस्टबिन को हर 3-4 दिन बाद साफ करें, क्योंकि उस में कूड़ा फेंकने के कारण कीटाणु हो जाते हैं. जिन्हें नष्ट करना बहुत जरूरी है.

गैस, बरतन स्टैंड व अन्य स्टैंड्स को हफ्ते में एक दिन जरूर साफ करें.

माइक्रोवेव व चिमनी की अच्छे से सफाई करें, क्योंकि उस पर जमी गंदगी के खाने में गिरने से आप बीमार हो सकते हैं.

दालों व मसालों के डब्बों को 15 दिन में साफ करें. इस तरह आप अपनी किचन को साफ रख सकते हैं.

क्यों जरूरी है होम सैनिटाइजेशन

घर ही वह जगह होती है, जहां हमें सब से ज्यादा सुकून मिलता है. ऐसे में अगर घर साफ सुथरा होगा तो वह अच्छा दिखेगा, घर में सकारात्मक ऊर्जा का भी अहसास होगा.

कीटाणुओं को दूर करें

जान लें कि कीटाणु हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर बना कर हमें बीमार करने का काम करता है. अगर हम रोजाना डिसइंफैक्टैंट स्प्रे से घर को साफ करते हैं तो हम कीटाणुओं से खुद को दूर रख कर खुद को व अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं.

इंडोर एयर को करें साफ

घर की हवा अगर साफ नहीं होगी तो आप को ऐलर्जी या फिर अस्थमा हो सकता है. लेकिन होम सैनिटाइजेशन से घर की हवा साफ होती है. इस के लिए आप वैक्यूम क्लीनर का यूज कर सकते हैं. यह कारपेट, सोफा इत्यादि पर जमी धूल व गंदगी को हटा कर वातावरण को साफ करता है. एयर प्यूरीफायर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

हर कोई यही चाहता है कि उस का परिवार हमेशा हैल्थी रहे और इस में घर की साफसफाई का अहम रोल होता है. साथ ही घर को नियमित साफ करते रहने से चीजें फैली हुए नहीं रहतीं और समय पर मिल भी जाती हैं. इसलिए घर की साफसफाई का हमेशा ध्यान रखें. सब्जी कटिंग बोर्ड पर टौयलेट सीट से 200 गुणा ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं. इसलिए बोर्ड की साफसफाई का खास ध्यान रखें. यही नहीं बल्कि फ्रिज का डोर भी साफ करना न भूलें, क्योंकि हम उस में बिना हाथ धोए उसे छूते हुए कच्चे फल व सब्जियां रखते हैं. इसलिए सावधान हो जाएं.

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2009 में यूनिवर्सिटी औफ कोलोराडो के अध्ययन के अनुसार, 30% शावर हैड्स में मैकोबैक्टेरियम अवियम होता है, जो सांस लेने में दिक्कत पैदा करने का कारण बनता है.

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