फैशन डिजाइनर्स द्वारा तैयार किए गए डिजाइनिंग परिधानों को पहन कर जब मौडल्स रैंप पर वाक करते हैं तो भला किस का दिल इन परिधानों को पहनने को नहीं मचल उठेगा. फैशन डिजाइनर्स ही होते हैं, जो नएनए फैशन ईजाद करते हैं. इन की उंगलियां हर समय लोगों को फैशन के साथ चलाने के लिए नईनई डिजाइनें तैयार करने में व्यस्त रहती हैं. हवा के झोंके की तरह बदलते रहने वाले फैशन को हम डिजाइनर्स की देन कहें या यों कहें कि फैशन जगत में नएनए बदलावों को देखते हुए फैशन डिजाइनरों की जिम्मेदारियां ज्यादा बढ़ गई हैं. ऐसी ही एक डिजाइनर हैं अर्चना कोचर, जिन्होंने अपनी मेहनत और काबिलीयत के दम पर फैशन जगत में अपनी एक अलग जगह बना ली है.
अर्चना का नाम ‘सेक्सी स्टाइलिंग’ का पर्याय बन चुका है. बौलीवुड की अनेक हस्तियां उन के द्वारा तैयार किए गए परिधानों को पहनने के लिए उत्सुक रहती हैं. अर्चना के परिधानों में चटक रंगों व चमकीले गोल्ड की सजावट ज्यादा देखने को मिलती है. वह इस बात से भी कभी इनकार नहीं करतीं कि उन्हें ग्लैमर पसंद है. यही वजह है कि उन के द्वारा बनाए गए डिजाइन ग्लैमरस दिखाई देते हैं.
पेश हैं, अर्चना से हुई बातचीत के खास अंश :
आप के अनुसार फैशन की परिभाषा क्या है?
फैशन की कोई बंधीबंधाई परिभाषा नहीं है. यह अपनी रचनात्मकता से नईनई डिजाइनें बनाने और विकसित करने पर निर्भर करता है.
अपने परिवार, बैकग्राउंड, शिक्षा आदि के बारे में बताएं?
मैं ने अपना कैरियर शौकिया तौर पर शुरू किया था, क्योंकि मुझे बचपन से ही फैशन में बेहद रुचि थी. बाद में इस शौक ने कैरियर का रूप ले लिया और मेरा लेबल मशहूर डिजाइनर लेबल के रूप में जाना जाने लगा. दरअसल, अपने आसपास बिखरी खूबसूरती का इस्तेमाल अपने परिधानों में कर हर महिला को स्टाइलिश, सुंदर व आत्मविश्वास से लबरेज बनाने का मुझ में जबरदस्त के्रज था. मैं अपनी डिजाइनों में राजसी रंग और भारतीय वास्तुकला की शानोशौकत को उकेरने की कोशिश करती हूं. भारतीय हस्तकला और एंब्रायडरी आदि को एकदम आधुनिक रंगढंग में ढालना मेरे लिए वाकई एक चुनौतीपूर्ण काम था, क्योंकि मेरी औपचारिक शिक्षा बी.काम. और बिजनेस मैनेजमेंट थी.
कैरियर की शुरुआत कैसे हुई?
‘अर्चना कोचर’ लेबल का जन्म लगभग 10 वर्ष पहले हुआ था, जब मैं ने अपने किसी करीबी के लिए डिजाइनिंग शुरू की थी. एक सफल एग्जिबिशन के बाद अर्चना कोचर नाम का एक बड़ा अंपायर खड़ा हो गया, जिस के 3 एक्सक्लूसिव बुटीक सपनों के शहर मुंबई में हैं, जहां ‘अर्चना कोचर’ लेबल के तहत ब्राइडल कलेक्शन आदि सब कुछ मौजूद है. जल्दी ही मैं मेंसवियर और एक्सक्लूसिव रिसोर्टवियर कलेक्शन लांच करने की तैयारी में हूं.
समाज के किस वर्ग को ध्यान में रख कर डिजाइन तैयार करती हैं?
मेरी कैजुअल डिजाइन रेंज 6,000 रुपए से शुरू होती है और स्पेशल ओकेजंस के लिए डिजाइन किए गए परिधान 25,000 रुपए से शुरू होते हैं. मेरे डिजाइंस उन लोगों के लिए हैं, जो क्वालिटी फैशन में यकीन रखते हैं और जिन्हें फैशन की समझ है. कुल मिला कर कह सकते हैं कि मेरे द्वारा बनाए गए परिधान हर वर्ग को ध्यान में रख कर तैयार किए जाते हैं.
फैशन का असर समाज के किस वर्ग पर सब से ज्यादा और सब से पहले पड़ता है?
फैशन आज समाज के हर वर्ग को अपनी गिरफ्त में ले रहा है, क्योंकि आज फैशन मात्र तन ढकने या फैशनेबल परिधान पहनने तक ही सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह व्यक्ति के राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर व लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है. यदि आप को फैशन की समझ है तो चाहे आप अमीर हों या गरीब, इस से कोई फर्क नहीं पड़ता. किसी न किसी स्तर पर आप लैटेस्ट फैशन को अपनाना चाहेंगे ही. हां, इतना जरूर है कि आप की खर्च करने की क्षमता जरूर सीमित रहेगी.
क्या डिजाइनर्स के द्वारा तैयार परिधान में आम लोग कम्फर्ट फील करते हैं?
मैं पिछले एक दशक से जो गारमेंट्स तैयार कर रही हूं, उन्हें न सिर्फ लोगों द्वारा पसंद किया गया, बल्कि पहना भी जा रहा है. मेरे द्वारा तैयार परिधान आम और खास सब के लिए हैं. मैं खास मौकों के लिए जो डिजाइंस तैयार करती हूं उन्हें आम लोग भी पहनते हैं और इन खास मौकों पर जिंदगी का आनंद उठाते हैं. मुझे लगता है कि फैशन से समाज का कोई भी वर्ग अछूता नहीं रह सकता, कमज्यादा हर कोई इस के दायरे में आता है.
क्या पुराना फैशन नए फैशन के नाम पर वापस आता है?
हां, बिलकुल, क्योंकि वैसे भी आज पूरा विश्व फैशन के क्षेत्र में एक हो गया है. जहां तक मेरी डिजाइनों की बात है, तो इन में आप को पिछले 80-90 वर्षों के फैशन की झलक मिलेगी. चाहे वह 1920 के जमाने का बीडिंग स्टाइल हो या 50 के दशक की फुल स्कर्ट हो, 90 के दशक के मिनिमेलिस्टिक कट्स हों, सभी को मैं ने डिजाइनों में किसी न किसी रूप में इस्तेमाल किया है.
अचीवमेंट व डिजाइनिंग के सफर के बारे में कुछ बताएं?
मैं ने अपने कैरियर के सफर के दौरान खुद को किसी के साथ कभी कम्पीट नहीं किया. मेरी किसी के साथ कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है. मैं फैशन की अपनी समझ और रचनात्मकता पर ही चलती हूं, क्योंकि फैशन की समझ समय के साथ धीरेधीरे विकसित होती है और व्यक्ति इस में धीरेधीरे श्रेष्ठता हासिल करता है. मार्च 2008 में मुझे पेरिस की ला फायेट गैलरी द्वारा अपनी डिजाइनों को पेश करने का निमंत्रण मिला, जो मेरे लिए एक बड़ी अचीवमेंट से कम नहीं था. यहां पर केंजों, क्रिश्चयन, लक्रिओक्स, उगारो, निना रिक्की जैसे अंतर्राष्ट्रीय डिजाइन हाउसों ने शिरकत की थी. इस के अलावा मैं ने स्टार प्लस के परफेक्ट ब्राइड, एसिड फैक्टरी, एफएचएम आदि के लिए व कई सौंदर्य प्रतियोगिताओं के लिए परिधान तैयार किए हैं. मेरे कलेक्शन के शो बंगलोर, हैदराबाद, पुणे, कोलकाता और अहमदाबाद आदि जगहों पर आयोजित हो चुके हैं. सब से बड़ा अचीवमेंट होता है जब आप अपने द्वारा तैयार किए गए परिधानों को फैशन शो में मौडल्स को रैंप पर पहने हुए देखते हैं. उस समय अपने परिधानों पर हमें गर्व महसूस होता है और हम कहते हैं कि ये हम ने तैयार किए हैं. बाकी अपने हर कलेक्शन में अपना बेस्ट देने की कोशिश हमेशा रहती है.
किन बौलीवुड कलाकारों के लिए डे्रस डिजाइन किए हैं?
दीया मिर्जा, सेलिना जेटली, अमृता राव, मिनिषा लांबा, उर्वशी शर्मा, समीरा रेड्डी, जैकलिन फर्नांडिज, जरीन खान, पेरिजाद जोराबियन, कैटरीना कैफ, राइमा सेन, अंजना सुखानी, गीता बसरा, प्राची देसाई, फरदीन खान, डिनो मोरिया, आफताब शिवदासानी आदि अनेक कलाकार मेरे शो में मेरे द्वारा तैयार परिधान पहन चुके हैं.
एक फैशन डिजाइनर को कौनकौन सी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है?
कोई भी क्षेत्र हो, वहां मुश्किलों का सामना तो करना ही होता है. हर क्षेत्र की अपनी चुनौतियां और परेशानियां होती हैं. यहां भी कई तरह की दिक्कतें हैं जैसे कई बार साथी डिजाइनर्स द्वारा फालतू के गौसिप्स और पीठ पीछे चुगलियां की जाती हैं, जिन्हें सुन कर बुरा लगता है. साथ ही यह ग्लैमरस फील्ड है, हर कोई यहां एक्सपोजर चाहता है. इस के लिए एकदूसरे से ज्यादा नामदाम कमाने की ख्वाहिश रखता है इसलिए अपने दिमाग को हर समय क्रिएटिव बनाए रखना होता है, क्योंकि एक ही समय में कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं, अनेक तरह के इवेंट्स, शो आदि अरेंज करना, नएनए कलेक्शन के लिए ड्राइंग करना, लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना और अपने परिधानों में हमेशा नयापन बनाए रखना होता है. अगर इस में जरा भी लापरवाही की तो लोग आप के परिधानों में रुचि लेना कम कर देंगे. ऐसे में खुद को दूसरों से अलग और बेहतर बनाए रखना बेहद जरूरी है.
आप का सिग्नेचर स्टाइल क्या है?
मैं ने अपनी डिजाइनों में हमेशा पारंपरिक कला और आधुनिक स्टाइल को सम्मिलित किया है. यह पुरानी शानोशौकत को पुनर्जीवित करने जैसा है. पुराने जमाने में पहने जाने वाले कपड़ों और आभूषणों से मुझे नई डिजाइनों के लिए प्रेरणा मिलती है. इस के अलावा मैं वृहद विक्टोरियस और आर्किटेक्चर से भी अपने परिधानों के लिए थीम का चुनाव करती हूं. प्राचीन वास्तुकला डिजाइन का भी मैं बारीकी से अध्ययन करने के बाद उन का अपने परिधानों में इस्तेमाल करती हूं. परंपरा और आधुनिकता का यह अद्भुत संगम ही मेरे डिजाइंस की खासीयत है.
भविष्य में आप की क्या योजनाएं हैं?
जल्द ही मैं अपना आफिस एक बड़ी जगह पर शिफ्ट करने वाली हूं, जहां मेरे बनाए सभी तरह के परिधान यानी मेंस कलेक्शन से ले कर ब्राइडल कलेक्शन व अन्य परिधान उपलब्ध होंगे. यहां मेरे सभी कलेक्शन एक छत के नीचे मौजूद होंगे. इस के अलावा मैं अपना कैरिबियन और ट्रोपिक लाइफस्टाइल से प्रेरित हो कर तैयार किया गया रिसोर्ट कलेक्शन भी जल्द ही लांच करने वाली हूं, जिस में फैशनेबल डे डे्रसेस, काफ्तान शर्ट्स और एयरी बैलून पैंट्स आदि होंगी. ये गरमी के दिनों में फै्रशनेस और ठंडक देने वाले हैं, साथ ही मैं अपना ला फ्लेयर कलेक्शन भी लांच करने वाली हूं. इस कलेक्शन में सेंसुअस साडि़यां, दीवा गाउंस और प्रिंसेस लहंगे होंगे. इन कलेक्शन में इंडोवेस्टर्न परिधान शामिल हैं. इस की खासीयत है इस की 3डी एंब्रायडरी व गोल्ड एवं सिल्वर एथनिक वर्क आदि.
आप के पसंदीदा परिधान क्या हैं?
मैं जब घर पर होती हूं तो अपने द्वारा तैयार की गई शर्ट और कौटन ट्राउजर व खास मौकों पर फोर्मल शेरवानी, जैकेट्स और ट्यूनिक को महत्त्व देती हूं. इन में मैं कम्फर्ट फील करती हूं.