कृतिका को रक्षाबंधन पर अपनी भाभी के लिए एक साड़ी खरीदनी थी पर 2-3 बार मार्केट जाने के बाद भी उसे कोई भी साड़ी पसंद नहीं आयी तो उसने औनलाइन साड़ी ख़रीदने का सोचा परंतु जो साड़ी उसने औनलाइन और्डर की थी उसकी जगह कोई दूसरी ही साड़ी आ गई, अब कृतिका को ही समझ नहीं आ रहा था कि अब वह क्या करे. वास्तव में साड़ी पहनने की ही तरह साड़ी खरीदना भी किसी कला से कम नहीं होता अक्सर देखा जाता है कि कुछ महिलाएं अच्छा खासा पैसा खर्च करने के बाद भी उतनी अच्छी साड़ी नहीं खरीद पातीं जब की कुछ महिलाएं कम पैसा खर्च करके सुंदर साड़ी खरीद लेती हैं. इसका कारण है कि जानकारी का अभाव क्योंकि आप तभी किसी वस्तु का अच्छा चयन कर सकते हैं जब आपको उस विषय में अच्छी जानकारी हो. साड़ी महिलाओं का एक ऐसा परिधान जो हर महिला की पहली पसंद होती है. किसी भी विशेष अवसर पर भारतीय महिला साड़ी पहनना ही पसंद करती है. यदि आप भी आने वाले त्योहारों पर साड़ी खरीदने का प्लान कर रहीं हैं तो ये टिप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं-

Women's Kanjivaram Soft Silk Banarasi Saree

1-फैशन है सबसे अहम

अनामिका जब भी साड़ी ख़रीदने जाती है उसे कभी समझ नहीं आता की कौन सी और कैसी साड़ी खरीदे जो कीमत में कम हो, फैशनेबल भी हो और दिखने में अच्छी भी हो, वह हमेशा कहती है की आख़िर मैं पता कैसे करूं की आजकल फैशन में क्या है. वास्तव में किसी भी कपड़े को खरीदते समय फैशन को समझना सबसे जरूरी होता है उदाहरण के लिए कुछ समय पूर्व तक शिमर सीक्वेंस और नेट की साड़ियों का फैशन था परंतु आज वे साड़ियां आउट औफ फैशन हो चुकी हैं. आज बनारसी, फ्लोरल और प्रिंटेड साड़ियों का फैशन सभी के सिर चढ़कर बोल रहा है. अक्सर महिलाओं का प्रश्न होता है की उन्हें कैसे पता चलेगा की आजकल क्या फैशन में है इसके लिए टीवी सीरियल्स और फ़िल्मों में महिलाओं द्वारा पहनी गईं साड़ियों को ध्यान से देखें क्योंकि आमतौर हमारे समाज में फैशन बौलीवुड से ही रिफ्लेक्ट होता है. इसके अतिरिक्त आप दुकानदार से भी लेटेस्ट फैशन की साड़ियां दिखाने को कह सकती हैं.

Celebration of navratri deity

2. एवरग्रीन साड़ियां हैं सर्वोत्तम

श्वेता एक कामकाजी महिला हैं वे कहती हैं मैं हमेशा ऐसी साड़ियां खरीदना पसंद करती हूं जिनमें एक बार पैसा खर्च करने के बाद मैं पूरे जीवन पहन सकूं. चंदेरी, महेश्वरी, चिकनकारी, कलकत्ता कौटन की कढ़ाई वाली, शिफौन, कोसा, बटिक और प्योर सिल्क ऐसे फैब्रिक हैं जो कभी आउट औफ फैशन नहीं होती. यदि आप फैशन को तरजीह नहीं देती तो ये फेब्रिक की साड़ियां आपके लिए सर्वोत्तम हैं, ये आपकी पर्सनैलिटी में तो चार चांद लगाती ही हैं साथ ही आपको क्लासी लुक भी प्रदान करतीं हैं. फैशन तो आता जाता रहता है ऐसे में फैशन वाली साड़ियां बहुत जल्दी आउट औफ फैशन हो जाती हैं और फिर इन्हें पहना नहीं जा सकता है इसलिए ये एवरग्रीन साड़ियां कीमत में अवश्य थोड़ी महंगी होती हैं परन्तु एक बार खरीदने के बाद ये हमेशा एवरग्रीन रहती हैं.

3. बजट का रखें ध्यान

ऋषिता को अपने बर्थडे के लिए साड़ी खरीदनी थी दुकानदार ने उसे एक से बढ़कर एक साड़ियां दिखानी शुरू कीं और उसे 5000 की एक साड़ी पसंद आ गई. इतनी सुंदर साड़ी खरीदकर ऋषिता बहुत खुश थी पर जब वह घर आई तो उसे लगने लगा कि उसने बहुत महंगी साड़ी ख़रीद ली है जिससे उसकी साड़ी ख़रीदने की ख़ुशी दुख में बदल गई. आजकल बाज़ार में 1000 से लेकर 1 लाख की कीमत तक की साड़ियाँ मौजूद हैं इसलिए बाजार जाने से पहले अपना बजट अवश्य सुनिश्चित कर लें और फिर दुकानदार को उसी बजट के अंदर साड़ियां दिखाने को कहें इससे आपको साड़ी चुनने में आसानी रहेगी और बाद में पछताना नहीं पड़ेगा.

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4-फैब्रिक पर दें ध्यान

मीनू ने अपनी दोस्त के लिए 4000 रुपये की सादी आजकल बाज़ार में महंगी साड़ियों की डुप्लीकेट साड़ियों की भरमार है इस तरह की साड़ियों में महँगी साड़ियों की नक़ल करते हुए लेस और डिजाइन तो असली जैसे ही बना दिए जाते हैं परंतु फैब्रिक की क्वालिटी बहुत हल्की होती है जिससे साड़ी बहुत जल्दी खराब हो जाती है. कई बार साड़ी पर लगे बॉर्डर पर गोल्डन या सिल्वर प्रिंट किया जाता है जो साड़ी खरीदते समय नया और बहुत अच्छा लगता है परंतु एक दो धुलाई के बाद यह हल्का पड़ने लगता है और पूरी साड़ी ख़राब हो जाती है इसलिए साड़ी खरीदते समय साड़ी के फैब्रिक पर विशेष ध्यान दें.

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5. क्लीनिंग हो सहज

रश्मिका अपनी अधिकांश साड़ियाँ इसलिए नहीं पहन पाती क्योंकि वे सब ड्रायक्लीन करवाने वालीं होतीं हैं. घर में धोने से वे ख़राब हो जातीं हैं. इस समस्या से बचने के लिए साड़ी खरीदते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि साड़ी होम वॉशेबल हो ताकि आप साड़ी को फ्रीक्वेंटली पहन सकें. ड्राईक्लीनिंग के रेट अधिक होने के कारण इन साड़ियों का मेंटेनेंस काफ़ी महंगा होता है. सिंथेटिक, सिल्क, कॉटन, चिकनकारी आदि फैब्रिक की साड़ियां ईजी टू यूज और होम वाशेबल होती हैं क्योंकि इन्हें आप आराम से घर में धोकर प्रेस कर सकती हैं.

6. बौडी टाइप का रखें ध्यान

छोटे कद की महिलाओं पर पतले बौर्डर और खड़ी लाइनों वाली, वहीं लम्बे कद की महिलाओं पर चौड़े बॉर्डर आड़ी लाइनों वाली साड़ी जँचती है. फ्लोरल, बाघ, बटिक और ज्यामितीय प्रिंट वाली साड़ियों हर उम्र की महिलाओं के लिए उपयुक्त होती हैं. इसी प्रकार प्लस साइज की महिलाओं को कॉटन, ऑर्गेंडी, ऑर्गेंजा जैसे फैब्रिक की साड़ियां खरीदने से बचना चाहिए क्योंकि ये फैब्रिक बहुत फूलते हैं जिससे आपका निचला बॉडी पार्ट बहुत चौड़ा और मोटा दिखने लगता है. दुबलीपतली सलोनी के साथ यही समस्या है कि वह हमेशा जॉर्जेट, शिफौन जैसे फौल वाली फैब्रिक की साड़ी खरीद लेती है जिसमें वह और अधिक पतली लगने लगती है, इसकी अपेक्षा यदि वह कौटन, आर्गेंजा जैसे फूलने वाले फैब्रिक की साड़ियां कैरी करे तो उसकी पर्सनौलिटी में चार चांद लग जाएंगे.

7. अवसर भी है महत्वपूर्ण

नित्या को अपनी सहेली की मेहंदी के लिए साड़ी ख़रीदनी थी परंतु साड़ी खरीदते समय उसने कलर का ध्यान नहीं रखा और एक सफेद रंग की साड़ी लेकर आ गई. जब उसने मेहंदी पर साड़ी पहनी तो उसे छोड़कर बाक़ी सभी ने हरे रंग की साड़ी पहनी थी अब उसे अपनी ख़रीद पर ही पछतावा हो रहा था. साड़ी ख़रीदते समय अवसर का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है उदाहरण के लिए मेहंदी के लिए हरी, हल्दी के लिए पीली, पूजा के लिए लाल पीली और विवाह आदि विशेष अवसर के लिए गहरे रंग की साड़ियां ख़रीदना श्रेयस्कर होता है.

8-क्वांटिटी की जगह क्वालिटी हो जरूरी

सीमा जब भी बाजार जाती है एक साथ चार पांच साड़ियां खरीद लाती है नतीजतन हल्की क्वालिटी की होने के कारण वे बहुत जल्दी ख़राब हो जातीं हैं. एक साथ ज्यादा साड़ी ख़रीदने के स्थान पर आप अच्छे फैब्रिक की साड़ी खरीदें ताकि वे लम्बे समय तक चलें क्योंकि सस्ता रोये बारबार महंगा रोये एक बार.

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