इनसान आज गैजेट्स का गुलाम हो चुका है. इस की वजह शायद यह भी है कि हम सुविधाभोगी हैं. हमें अधिक से अधिक सुविधाएं चाहिए ताकि हमारा काम कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा सुचारु रूप से चले. कह सकते हैं कि बाजार भी हमें गैजेट्स का गुलाम बनाता जा रहा है. आए दिन एक से बढ़ कर एक गैजेट्स मार्केट में आ रहे हैं.

इन दिनों गैजेट्स महज गैजेट्स नहीं रह गए हैं, बल्कि ये ‘स्टाइल स्टेटमैंट’ में तबदील हो गए हैं. गैजेट्स की दुनिया में सब से नवीनतम संयोजन है गैजेट ज्वैलरी. ज्वैलरी वैसे ही शौकिया चीज है, लेकिन अगर उस में गैजेट का नाम भी जुड़ जाए तो क्या कहने. एक गैजेट, जो हमारे लिए उपयोगी होता है, वह हमारी जरूरत है और अगर यही गैजेट काफी आकर्षक रूप में मिल जाए तो एक पंथ दो काज हो जाते हैं. आज ज्वैलरी गैजेट्स की मांग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है और अब ये गैजेट्स ऐलीगैंसी और स्टेटस सिंबल बन गए हैं. इस समय नई पीढ़ी में ज्वैलरी गैजेट्स की मांग दीवानगी की हद तक है. हम यहां कुछ चुनिंदा ज्वैलरी गैजेट्स की चर्चा कर रहे हैं.

ज्वैलरी ब्लूटूथ हैंडसेट

इसे वायरलैस कम्यूनिकेशन का जरिया भी कहा जा सकता है. इसे पहली बार बाजार में ले कर आने वाली कंपनी है रोज एंड जेट. इस गैजेट का डिजाइन खासतौर पर लड़कियों को ध्यान में रख कर किया गया है. यह दिखने में बहुत कुछ ईयर स्टड जैसाहै. इस की खासियत यह है कि इस वायरलैस कम्यूनिकेशन गैजेट का इस्तेमाल कर ज्यादा से ज्यादा 8 घंटे तक बातचीत की जा सकती है. यह बिलकुल हलका है, इस में वोल्यूम कम या अधिक किया जा सकता है. इसे नोकिया, सैमसंग, एल.जी. और मोटोरोला के माफिक बनाया गया है.

ज्वैलरी सैलफोन ईअरफोन

सोने से बना हीरे जड़ा ईअरफोन भला किस का दिल नहीं लुभाएगा. 18 से 20 कैरेट सोने से बने इस ज्वैलरी गैजेट को दुनिया की नामीगिरामी कंपनियां ही बनाती हैं. इन्हीं में से एक कंपनी है कासा जी. हाल ही में 18 कैरेट सोने और 118 हीरे जड़े एक ईअरफोन को बना कर यह कंपनी ज्वैलरी ऐक्सैसरीज और गैजेट्स के बाजार में छा गई है. जाहिर है दुनिया में जिस के पास भी यह ईअरफोन है वह रईसों में होगा. आम लोगों के लिए तो इस तरह गाने सुनना बड़ा महंगा पड़ेगा.

सैल्युलर ज्वैलरी

सैलफोन आमतौर पर हम सब इस्तेमाल करते हैं. सैलफोन की सुविधा के साथसाथ एक दिक्कत यह है कि यह समय नहीं देखता, जगह नहीं देखता, बस बज उठता है. यही कारण है कि कई जगहों पर सैलफोन को हमें औफ रखना पड़ता है. लेकिन हो सकता है कि हम कोई जरूरी फोनकाल मिस कर जाएं. ऐसे में सेल्युलर ज्वैलरी बड़े काम की चीज है. यह आने वाले फोनकाल की सूचना बज कर नहीं, बल्कि फ्लैश कर के देती है. अब घड़ी, बे्रसलैट, नैकलेस और यहां तक कि पैन में भी फ्लैश कर के फोन काल की सूचना दी जा सकती है. यह दरअसल वायरलैस डिवाइस है. जानकार बताते हैं कि इस में एक खराबी यह है कि यह सीडीएमए नैटवर्क के साथ ठीक तरीके से काम नहीं कर सकता.

ज्वैलरी वाच

जाहिर है यह एक कलाई घड़ी होगी. समय भी बताती होगी, लेकिन इस का काम महज समय बताना नहीं है. यह काम तो सैलफोन भी कर सकता है. इस घड़ी को कलाई में बांधने का अर्थ स्टेटस में इजाफा माना जाता है. इस तरह की ज्वैलर घडि़यां बाजार में बहुत सारी मिल जाएंगी. लेकिन अगर यह वरसैस की हो तो बात ही कुछ और है. इस के डायल में 122 कैरेट क्रिस्टल क्लीयर डायमंड लगे हैं. डायमंड से सजी यह ज्वैलरी वाच आर्डर दिए जाने पर ही बनाई जाती है.

आईरिंग

आईपौड, आईफोन की तर्ज पर आईरिंग. यह गैजेट दरअसल रिमोट कंट्रोल डिवाइस है. इस का इस्तेमाल आईपौड और आईफोन को नियंत्रित करने के लिए होता है. इसे पहली बार एप्पल ने बाजार में उतारा. इस के बाद और भी कई कंपनियां बाजार में आईं, लेकिन इस का आविष्कार और डिजाइन करने वाली कंपनी विक्टर सोटो है. इस में ब्लूटूथ टैक्नोलोजी और टच स्क्रीन का इस्तेमाल किया गया है.

ज्वैलरी हैडफोन

यह क्रिस्टल ज्वैलरी की श्रेणी में है. कह सकते हैं कि हैडफोन की दुनिया में यह एक नई क्रांति ले कर आया है. किसी भी मौके पर इसे गिफ्ट के रूप में दिया जा सकता है, खासतौर पर उसे, जिस की जिंदगी में एक खास जगह है या फिर जो डी.जे. के पेशे में है, उस के लिए यह गिफ्ट सही माने में बहुत ही बहुमूल्य साबित होगा.

क्रिस्टल टौयलेट

इसे तैयार किया है स्वारोस्की ने, जिस की कीमत लाखों डालर होगी. इस का हरेक इंच बहुमूल्य क्रिस्टल से बना है. पर मजे की बात यह है कि किसी भी आम टौयलेट का उद्देश्य जो हुआ करता है, शायद ही कोई इसे उस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करे. इस की जगमगाहट आंखें चौंधिया देती है. बताया जाता है कि हौलीवुड स्टारों में स्वारोस्की की ज्वैलरी पहनने की होड़ मची होती है, लेकिन इस चीज का भला वे इस्तेमाल करेंगे? एक हिचक होगी. इसीलिए इस के इस्तेमाल किए जाने की बात पर विश्वास कर पाना किसी के लिए भी मुश्किल होगा. हां, सजावट के लिए वे इस्तेमाल जरूर कर सकते हैं. वैसे बगैर ‘उद्देश्य’ के इस पर बैठ कर कोई भी अपनेआप को धन्य मान सकता है.

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