पिछले दो वर्षों में कोविड वायरस ने हमारे नियमित जीवन शैली को बाधित करने के साथ-साथ हम सभी से बहुत कुछ छीन लिया है. इसमें फैशन इंडस्ट्री, जो अपने फेस्टिवल के द्वारा नई-नई ड्रेसेज से ग्राहकों को परिचय करवाती है, प्राय: खत्म होने की कगार पर थी. इससे थोडा उबरने के लिए लक्मे फैशन वीक भी तीन सीजन डिजिटल हुआ, लेकिन उसमें कपड़ो की क्वालिटी रंग और टेक्सचर को समझना मुश्किल था. ऐसे में इस बार बहुत उमंग के साथ सभी डिजाईनरों ने भाग लिया. इस बार FDCI x Lakme Fashion Week 2022का आयोजन दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में 5 दिन चली, जो फिजिकल थी.
जमावड़ा बड़े डिजाईनर्स का
इसमें सभी बड़े-बड़े डिज़ाइनर्स ने भाग लिया, जिसमें तरुण तहिलियानी, मनीष मल्होत्रा, शांतनु &निखिल,अंजू मोदी, आशीष सोनी, श्रुति संचेती आदि के अलावा कुछ नए डिजाईनरों ने भी अपने खूबसूरत पोशाको से रैंप को आलोकित कर दिया,हालाँकि इस बार फैशन मुंबई से दिल्ली शिफ्ट हुआ, इससे फैशन प्रिय दिल्ली वाले बहुत खुश हुए और हर दिन हर शो में विजिटर्स खचाखच भरे हुए रहे.
ध्यान प्रकृति पर
इस बार की शो में सभी डिजाईनरों ने प्रकृति और उसकी अहमियत पर अधिक ध्यान दिया जिसमें सभी ने सस्टेनेबल फैशन को जरुरी समझा, क्योंकि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इसे करना बहुत जरुरी था. राहुल मिश्रा की इटालियन एम्बेसी के साथ जुड़कर बनाए गए पोशाक डिजाईनर की प्रकृति के प्रति प्रेम को दिखाती है, जिसमे सिनिक ब्यूटी, कलर्डबीड्स और फ्लोरल डिजाईन मुख्य थे.
सोनल वर्मा की ब्रांड ‘Rara Avis ने सफ़ेद, पीला, सी ग्रीन, पर्पल आदि सभी सूदिंग कलर के अलावा फायरी रेड और रिफ्रेशिंग ग्रीन पेश किये, जो उज्बेकी फेब्रिक सिल्क और इंडियन मशरू को मिक्स कर बनाया गया आरामदायक पोशाक है, जिसे आने वाले किसी भी मौसम में किसी भी अवसर पर पहना जा सकता है. जिसमें जैकेट्स, मेक्सिस, लॉन्ग फ्रॉक आदि के साथ हल्के गहने भी थे, जो हर ड्रेस से मैच करती थी.
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डिज़ाइनर श्रुति संचेती की ब्रांड पिनाकल के तहत Alchemy कलेक्शन को मंच पर लाया गयाजो काबिलेतारीफ थी. इस बारें में श्रुति कहती है कि इस बार की फैशन वीक को मैंने बहुत एन्जॉय किया है, मॉडल्स को पोशाक, केश, मेकअप, हेयर आदि के साथरैंप पर उतारना एक अलग बात होती है, इसमें सब लाइव होती है, जिससे किसी भी गलती पकड़ में आ जाती है. 10 मिनट के इस समय में फेब्रिक, फिनिशिंग, रंग सबकुछ सामने दिखता है. इसलिए इसे फ्लालेस बनाया जाता है, इसमें डिज़ाइनर की कैपबिलिटी भी सामने होती है. डिजिटल में व्यवसाय करना मुश्किल होता है. टाइमलेस, सीजन फ्लूइड, अच्छे कपडे आज की मांग है और पेंड़ेमिक ने ये सबको सीखा दिया हैकि आजकल सबकुछ अनस्टेबल हो चुका है, कब क्या हो, किसी को पता नहीं. इसलिए सभी ने इस बार सस्टेनेबल फैशन और अच्छे कपड़ों पर अधिक जोर दिया है,जिसमें कारीगर की मजदूरी, ओरगेनिक रंग, सही टिकाऊ फेब्रिक आदि सब इसके अंतर्गत आते है. जिससे लोग उसे सालों तक पहन सकते है और बाद में माँ अपनी बेटी को भी दे सकें, ताकि ये सालों साल तक नयी लगे. इसके अलावा मैंने इंडियन आउट फिट के साथ वेस्टर्न का मिश्रण किया है, जिसमें एकतार की कढ़ाई, उदयपुर की रॉयल कढ़ाई, पीटा वर्क, जो महेश्वरी सिल्क और चंदेरी फेब्रिक पर बनी थी ये 10 साल बाद भी बिना सोचे पहनी जा सकती है. रंग मेरे कलेक्शन में अधिक रहते है. सफ़ेद से शुरू कर रस्ट, ब्लूज, पिंक, रानी, ओरेंज आदि सभी रंग, जो इंडियन और ग्लोबल के लिए भी सही होता है. इसमें साड़ी, कुर्ता, पैजामा, जैकेट घाघरा चोली, आदि है.
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भारतीय कारीगरी को आगे लाने की कोशिश
डिज़ाइनर जोड़ी नीलांजन घोष और कनिका सचदेवा की ब्रांड ‘जाजबर’ ने Wah Usta Wah ‘ समर कलेक्शन को रैंप पर उतारा. उस्ता शब्द पर्सियन वर्ड उस्ताद से निकला है, जो परसिया से होते हुए राजस्थान में बीकानेर के रॉयल परिवार महाराजा राय सिंह तक पहुंचा है. इसमें भारत और यूरोपियन स्टाइल को मिलाकर की गई कारीगरी देखने लायक थी. नीलांजन इस बारें में कहते है कि कोविड की वजह से सबकुछ लॉक हो गया था, इस फेस्टिवल के द्वारा मैंने अपने कलेक्शन को रैंप पर उतारा है. हमारे डिजाईन सबसे अलग होने की वजह हमारा ट्रेवल करना है, जिससे नए कांसेप्ट का जन्म होता है और ये कारीगरी भारत की कला को आगे ले जाने की कोशिश भी है. इस बार समर और विंटर कुछ ऐसा अलग फेब्रिक मटेरिअल देखा नहीं गया है, इससे कपड़ों और डिजाईन को लोगों तक पहुँचाना आसान था.
यूथ पॉवर
इस शो के पूरे सप्ताह के दौरान यूथ को भी अपनी कला के प्रदर्शन के लिए समय मिला, जिसमें सोहन आचार्य और श्रिया खन्ना के पोशाक ने सबका मन मोह लिया. इसके अलावा पर्ल एकादमी के छात्रों के इनोवेटिव काम सभी को आकर्षित किये, इससे ऐसे नये बडिंग डिजाईनर्स को आगे बढ़ने को अच्छा अवसरमिलता है.
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बिग बोल्ड फैशन
इस बार ऑल ने बिग बोल्ड फैशन को रैंप पर उतारा, जिसमें ह्यूज, शानदार और चुस्ती-फुर्ती वाले फैशन बॉडी टाइप के हिसाब से ‘टाई एंड डाई कलेक्शन’ को खूबसूरत रंगों के साथ मॉडल्स का रैंप पर चलना आकर्षक रहा.
दिखी सेलेब्स की शान
FDCI x Lakme Fashion Weeksummer collection 2022 में इस बार रैंप पर शो स्टॉपर सभी सेलेब्स ने रैम्प पर चलकर अपनी ख़ुशी जताई, क्योंकि कोविड से पूरी तरह से बाधित फैशन इंडस्ट्री फिर से एक बार चल पड़ी है. इसमें कंगना रनौत, श्रुति हसन, हुमा कुरैशी, मनोज बाजपेयी, साकिब सलीम मृणाल ठाकुर, सोहा अली खान, पूजा हेगड़े, फैशन इनफ्लुएंसर मासूम मिनावाला आदि सभी ने रैंप पर डिज़ाइनर्स के खूबसूरत ड्रेसेज पहनकर जलवे बिखेरे.
इसके अलावा लक्मे की ब्रांड एम्बेसेडर अनन्या पांडे ने पिछले साल की तरह इस साल भी ग्रैंड फिनाले को प्रभावशाली बनाया. रैम्प पर उन्होंने पहले की तरह दर्शकों को शो स्टॉपर बनकर चकित कर दिया. उन्होंने प्रसिद्ध डिज़ाइनर जोड़ी फाल्गुनी शाने पीकॉकके पोशाक में नजर आई, जो आज और आने वाले समय में भी ट्रेंड में रहेगा.