रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक निश्चित इनकम को लेकर अगर आप फिक्रमंद हैं तो यह खबर आपके काम की है. अगर आप बेहतर तरीके से फाइनेंशियल प्लानिंग करें तो रिटायरमेंट के बाद भी एक निश्चित आय का जुगाड़ किया जा सकता है. हम अपनी इस खबर में आपको कुछ ऐसी पेंशन योजनाओं के बारे में बताएंगे जिससे आप हर महीने एक निश्चित कमाई कर सकते हैं. इनमें, बाजार में उपलब्ध कुछ पेंशन योजनाओं के अलावा, मासिक आय योजनाएं जैसे कि म्यूचुअल फंड की सिस्टमैटिक निकासी योजनाएं, डाकघर मासिक आय योजनाएं और वरिष्ठ नागरिक बचत योजनाएं भी शामिल हैं.
राष्ट्रीय पेंशन योजना: यह बचत योजना खासतौर पर 65 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए है. हालांकि, वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेने वाले व्यक्ति भी रिटायरमेंट के तीन माह पहले यह खाता खोल सकते हैं. एक हजार रुपए से यह खाता खोला जा सकता है. इसमें अधिकतम निवेश की सीमा 15 लाख रुपए है. इस अकाउंट का म्योच्योरिटी पीरियड पांच साल है. इस खाते को अपनी पत्नी के साथ ज्वाइंट अकाउंट के रुप में भी खोला जा सकता है. इस पर 8.4 फीसद की दर से ब्याज मिलता है. इस योजना का मकसद समाज के हर तबके के लोगों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराना है. इससे आप छोटी-छोटी बचत कर जीवन की दूसरी पारी के लिए पैसा जमा कर सकते हैं.
अकाउंट के प्रकार:
टियर वन अकाउंट: इस अकाउंट से पैसा नहीं निकाला जा सकता है. इसको 500 रुपए या ज्यादा रकम से खुलवाया जा सकता है. आपको सालाना कम से कम 6000 का बेलेंस रखना होता है.
टियर टू अकाउंट: टियर टू अकाउंट स्वैच्छिक अकाउंट होता है. ये टियर वन अकाउंट होने पर ही खुलता है. इसको कम से कम 1,000 के डिपौजिट से खोलना होता है. इसके बाद इसमें कम से कम 250 रुपए का निवेश किया जा सकता है. इस अकाउंट में सालाना 2,000 का बैलेंस होना जरूरी है.
टैक्स की बचत: सरकार ने पिछले बजट में एनपीएस के लिए सेक्शन 80सीसीडी के तहत 50 हजार सालाना अतिरिक्त टैक्स छूट का प्रावधान किया है. ये छूट 80सी के तहत मिलने वाली 1.5 लाख की छूट के अतिरिक्त होगी. मतलब आप 2 लाख तक टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं.
अटल पेंशन योजना: सरकार ने 2015-16 में असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए, अटल पेंशन योजना की घोषणा की थी. इसपर पीएफआरडीए का नियंत्रण है और यह ग्राहक को 1000 रुपये और 5000 रुपये प्रति माह के बीच न्यूनतम मासिक पेंशन देता है. इस स्कीम का लाभ लेने के लिए 18 से 40 साल की उम्र तय की गई है. इस स्कीम में निवेशक को (60 वर्ष की आयु से मृत्यु तक) पेंशन मिलती है. निवेशक के निधन के बाद, पति-पत्नी (spouse) को पेंशन जारी रहती है. पति या पत्नी (spouse) के निधन के बाद जमा राशि (जो भी 60 वर्ष की आयु तक जमा हो गयी थी) आपके नामांकित व्यक्ति (नौमिनी) को दे दी जाती है. अगर निवेशक के पति या पत्नी की मृत्यु निवेशक से पहले ही हो जाती है, तो जमा राशि (जो भी 60 वर्ष की आयु तक जमा हो गयी थी), वह निवेशक की मृत्यु के बाद नौमिनी को दे दी जायेगी. जानकारी के लिए आपको बता दें कि इसमें पेंशन की रकम को बढ़ाकर 10,000 किए जाने की सिफारिश भी की जा चुकी है.
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना: प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए तैयार की गई एक खास पेंशन योजना है जो कि 4 मई 2017 से 3 मई 2018 तक उपलब्ध होगी, यानी इस दौरान आप इस योजना को चुन सकते हैं. इस योजना के अंतर्गत 8 फीसद का सम एश्योर्ड रिटर्न भी सुनिश्चित किया गया है. मंत्रालय के मुताबिक यह पेंशन स्कीम 8 फीसद का एश्योर्ड रिटर्न उपलब्ध करवाएगी. यह स्कीम 10 साल के लिए है. यानी एक बार पेंशन प्लान ले लेने पर आपको अगले 10 सालों तक मासिक आधार पर पेंशन दी जाती रहेगी.
डाकघर मासिक आय योजनाएं: इस योजना के तहत प्रति वर्ष 7.3 फीसद दर से ब्याज मिलता है. इसमें जमा की तारीख से मासिक आधार पर ब्याज का भुगतान किया जाता है. डाकघर मासिक आय योजना में अधिकतम निवेश सीमा एक खाते में 4.5 लाख रुपये और संयुक्त खाते में 9 लाख रुपये है. इस स्कीम में मैच्योरिटी की अवधि पांच वर्ष है. इसे डाकघर के एक खाता से दूसरे औफिस में ट्रांसफर किया जा सकता है.