शौपिंग करने या फिर छोटे-मोटे भुगतान के लिए अधिकांश लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं. देश में नोटबंदी के बाद क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में तेजी देखने को मिली है. क्रेडिट कार्ड जहां एक ओर जरूरत के वक्त हमारी आर्थिक मदद करता है वहीं इसके इस्तेमाल के दौरान भी यूजर्स को सावधानियां बरतनी होती हैं. सावधानी से इसका इस्तेमाल न करने की सूरत में आप पर कर्ज का बोझ बढ़ता चला जाता है. इसलिए अगर आप कर्ज के दलदल में नहीं फंसना चाहते तो आपको क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल से जुड़ी इन तीन आदतों को अपनाना चाहिए.
क्रेडिट कार्ड का संतुलित इस्तेमाल करने की आदत डालें: अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड है तो कोशिश करें कि आप उसका संतुलित इस्तेमाल करें. हर खर्चे के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने से आपको बचना चाहिए. हर खर्चे के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने की आदत आपके खर्चों को बजट से बाहर ले जाती है, या यूं कहें कि आप पर कर्ज का बोझ और बढ़ता चला जाता है. लिमिट से ज्यादा खर्च करने पर आपका क्रेडिट स्कोर भी घट जाता है. आदर्श रूप से आपको अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट का 20 फीसद से 30 फीसद से ज्यादा खर्च नहीं करना चाहिए. सुनिश्चित करें कि आप क्रेडिट कार्ड बैलेंस को पूरा चुकता कर लें. ऐसा न करने की स्थिति में यह पूरी राशि अगली स्टेटमेंट में जुड़ जाती है.
नकदी निकासी की आदत से बचें: क्रेडिट कार्ड एटीएम से कैश निकालने की सुविधा भी देता है लेकिन आपको ऐसा करने से बचना चाहिए. सभी क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन के लिए ब्याज मुक्त अवधि होती है, लेकिन इस तरह की निकासी के लिए तुरंत ब्याज दर लगाई जाती है. इस सुविधा का इस्तेमाल केवल आपात स्थिति में ही करना चाहिए. साथ ही भारी भरकम ब्याज दरों से बचने के लिए कोशिश करें कि इसका भुगतान आप जल्द से जल्द कर दें.
बकाया राशि का पूर्ण भुगतान करने की आदत विकसित करें: जानकारी के लिए आपको बता दें कि इंटरेस्ट फ्री पीरियड (ब्याज मुक्त अवधि) आमतौर पर 40 से 50 दिनों का ही होता है. अधिकांश क्रेडिट कार्ड्स उस स्थिति में कोई ब्याज नहीं चार्ज करते अगर आप बकाया राशि का ब्याज मुक्त अवधि के दौरान भुगतान कर देते हैं. साथ ही वह यह विकल्प भी देते हैं कि आप बकाया राशि के पांच फीसद हिस्से का भुगतान कर सकते हैं. इस सुविधा का भी कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए नहीं तो अंत में आपको भारी भरकम ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है. इसलिए कोशिश करें कि बकाया राशि का जल्द से जल्द भुगतान कर दें.
देरी से भुगतान करने से बचें: क्रेडिट कार्ड की लेट पेमेंट काफी नुकसानदेह होती है. पहला, आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है और दूसरा हर बार देरी से भुगतान करने पर लेट फी देनी पड़ती है. कुछ बैंक स्टैंडर्ड लेट फी चार्ज करते हैं वहीं कुछ बकाया राशि का एक निश्चित हिस्सा लेट फी के रूप में लेते हैं. अगर क्रेडिट कार्ड की ईसीएस (इलेक्ट्रौनिक सिस्टम क्लीयरिंग) पेमेंट रिजेक्ट हो जाती है तो कुछ अतिरिक्त फीस भी चार्ज कर देते हैं. यदि आपके पास कार्ड रिपेमेंट के लिए पूरी राशि नहीं है तो सुनिश्चित करें कि कम से कम मिनिमम अमाउंट ड्यू का भुगतान कर दें. ऐसा करने से लेट पेमेंट पेनल्टी से बच सकते हैं.
अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शन की करें निगरानी: अगर आप अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों पर काम या छुट्टी मनाने के सिलसिले में बार-बार जाते हैं तो ऐसे क्रेडिट कार्ड का चुनाव करें जिनकी लो ट्रांजेक्शन फीस हो. इसके अलावा अपने सफर के दौरान पर्याप्त कैश या फिर ट्रैवल कार्ड रखें जिन्हें स्वाइप करते समय कोई ट्रांजेक्शन फीस नहीं लगती.
नियमित रूप से बदलते रहें पिन: साइबर सिक्योरिटी को लेकर खतरे हमेशा मंडराते रहते हैं. क्रेडिट कार्ड्स में गलत इस्तेमाल का सबसे ज्यादा खतरा रहता है. आपकी ऑनलाइन जानकारी को औफलाइन और औनलाइन दोनों का लेनदेन के दौरान गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. इसलिए सुनिश्चित करें कि अपना पिन लगातार बदलते रहें. साथ ही पेमेंट के लिए केवल विश्वसनीय साइट्स का ही इस्तेमाल करें. आपको यह आदत विकसित करनी चाहिए.