मकान को घर बनाती है सजावट और सजावट में चार चांद लगाते हैं रंगबिरंगे और स्टाइलिश परदे जिन की हर थीम से घर का माहौल और मिजाज बदल जाता है. तो आप भी बदल डालिए परदों से अपने घर का लुक.

परदों के क्रिएटिव आइडियाज ग्रोमेट कर्टेन्स: इस तरह के परदे भले ही दिखने में सिंपल हों, लेकिन कमरे की रौनक बढ़ा देते हैं. इन की खासीयत यह है कि इन में हर तरह का फैब्रिक यूज कर सकते हैं. आप इन के गैटअप को और बढ़ाने के लिए हैडर में सिल्वर रिंग्स का इस्तेमाल करें.

शीर कर्टेन्स: इन परदों को जो एक बार देख लेती है वह इन्हें खरीदे बिना नहीं रह पाती, क्योंकि ये मनभावन कलर्स, डिजाइनों व पैटर्न में जो मिलते हैं. ये पारदर्शी होते हैं जिस से आप रूम में बैठ कर ही बाहर का आनंद ले सकती हैं. ऐसे कर्टेन्स आमतौर पर ड्राइंगरूम बगैरा में लगाए जाते हैं. रौड पौकेट कर्टेन्स: रौड पौकेट कर्टेन्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि कर्टेन पैनल में से रौड निकलती है, जिस से परदे की पूरी डिजाइन दिखती है. ये खासकर लाइटवेट फैब्रिक के बनते हैं.

टैब टौप कर्टेन्स: लूप्स फैब्रिक के बने होने के साथ या तो उन्हें पीछे की साइड से सिला जाता है या फिर फ्रंट पर बटन बगैरा से स्टाइल दे कर जोड़ा जाता है और फिर रौड से कनैक्ट किया जाता है. इस तरह के परदे आमतौर पर विंडो बगैरा पर यूज होते हैं. प्लीटिड कर्टेन्स: इस तरह के कर्टेन्स आउट औफ फैशन नहीं होते और ये बहुत ही फौर्मल लुक देते हैं. इन में हैडर टैप की मदद से प्लीट्स बना कर उन्हें पीछे की तरफ सिला जाता है और फिर टैप में हैंगिंग हुक्स लगाए जाते हैं, जो काफी अच्छा लुक देते हैं.

विंडो स्कार्फ: अगर आप खिड़कियों पर सिर्फ डैकोरेशन के मकसद से कर्टेन्स डालना चाहती हैं, तो विंडो स्कार्फ बैस्ट हैं. इन से रूम को बहुत ही सौफ्ट टच मिलता है और स्टफ में हलके होने के कारण इन्हें धोना भी बहुत आसान होता है.

कैफ कर्टेन्स: अकसर 2 पार्ट्स में बंटी विंडोज में इस तरह के परदे लगाए जाते हैं और ये कितने लंबे होंगे यह आप की विंडो की लंबाई पर निर्भर करता है. इन्हें आप बनवा भी सकती हैं या फिर रैडीमेड भी खरीद सकती हैं. ये अकसर किचन, बाथरूम बगैरा में ज्यादा प्रयोग किए जाते हैं, क्योंकि ये प्राइवेसी को मैंटेन करने के साथसाथ विंडों के ऊपर की लाइट को भी ब्लौक नहीं होने देते.

पैलमेट्स: अगर आप ने मैचिंग कर्टेन्स लिए हैं, तो ध्यान रखें कि पैलमेट्स भी अट्रैक्टिव होने चाहिए. तभी परदों में ग्रेस आ पाती है. यह परदों को हैंग करने वाला ढांचा होता है, जिसे आप अपने हिसाब से यूज कर सकती हैं.

कर्टेन्स खरीदते समय रखें यह ध्यान सही फैब्रिक का चुनाव: वैसे तो आप को मार्केट में सिल्क फैब्रिक से बने सुंदरसुंदर कर्टेन्स मिल जाएंगे, लेकिन इन्हें हैंडल करना मुश्किल होता है, क्योंकि आप को इन्हें हर बार ड्राईक्लीन करवाने की जरूरत होगी. इसलिए ईजी हैंडल के लिए आप कौटन, पौलिएस्टर

और सिंथैटिक फाइबर से बने परदे खरीदें. सस्ते होने के साथसाथ आप इन्हें जैसा चाहें वैसे धो सकती हैं. कलर व पैटर्न करें रूम को सूट: अपने रूम से मैच करते कलर व पैटर्न का चुनाव करें. अगर दीवारों पर डार्क शेड है तो परदे लाइट या मिक्स मैच कर के लगाएं. पेस्टल शेड यूज करने पर रूम काफी बड़ा दिखाई देता है. साथ ही पैटर्न चूज करते समय यह ध्यान रखें कि अगर दीवारों पर डिजाइनिंग हुई है, तो प्लेन कर्टेन्स और अगर दीवारें प्लेन हैं, तो प्रिंटेड कर्टेन्स यूज करें.

ईजी टू हैंडल: अगर सिर्फ ब्यूटी ही फोकस में है तो ट्रांसपैरेंट कर्टेन्स खरीदें वरना डबल शैड, सिंगल शैड के परदे भी अच्छे रहते हैं, क्योंकि ये ईजी टू हैंडल हैं और साथ ही जल्दी खराब भी नहीं होते.

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