बाजार में इन दिनों कई कंपनियों के एअरकंडीशनर उपलब्ध हैं. लेकिन एअरकंडीशनरों की बहुतायत के कारण अपने घर के लिए सही एअरकंडीशनर का चुनाव करने में काफी माथापच्ची करनी पड़ती है. आप अपनी जरूरत के अनुसार उपयुक्त एअरकंडीशनर कैसे चुनें, इस के लिए यहां कुछ नुसखे आप को बताए जा रहे हैं.

सही एअरकंडीशनर का चुनाव करते समय सब से पहले इस पर विचार करना चाहिए कि उपयोग के लिए किस तरह का सिस्टम सही रहेगा. बाजार में आजकल अनेक प्रकार के एअरकंडीशनिंग सिस्टम उपलब्ध हैं:

विंडो एअरकंडीशनर

कमरे के लिए इस का सब से ज्यादा इस्तेमाल होता है. इस के कंप्रेसर, कंडेंसर, क्वाइल, इवैपरेटर और कूलिंग क्वाइल वगैरह सामान एक ही बौक्स में रहते हैं और इस यूनिट को कमरे की दीवार में बने खांचे में या आमतौर पर खिड़की में लगा दिया जाता है. विंडो एसी को लगाना या उसे एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना आसान होता है.

हाई वाल स्प्लिट एअरकंडीशनर

स्प्लिट एअरकंडीशनर के 2 हिस्से होते हैं – आउटडोर यूनिट और इनडोर यूनिट. आउटडोर यूनिट को कमरे या घर के बाहर लगाया जाता है. इस में कंप्रेसर, कंडेंसर और ऐक्सपैंशन वाल्व होते हैं. इनडोर यूनिट में इवैपरेटर, कूलिंग क्वाइल और कूलिंग फैन होते हैं. इस यूनिट के लिए आप को कमरे की दीवार में कोई खांचा नहीं बनाना पड़ता है और इसे किसी भी दीवार पर फिट किया जा सकता है.

विंडो यूनिट से अलग इसे स्थायी तौर पर लगाया जाता है. इस की शुरुआती लागत ज्यादा होती है, क्योंकि इसे फिट करने की प्रक्रिया कुछ जटिल होती है और इस के लिए पेशेवर जानकारों की जरूरत पड़ती है. अगर आप के कमरे में खिड़कियां नहीं हैं, तो यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

सीलिंग कैसेट एअरकंडीशनर

छत में लगने वाला यह एअरकंडीशनर उन कमरों के लिए उपयुक्त होता है, जिन की दीवारों पर इसे लगाने की जगह या खिड़कियां नहीं होतीं. यह शोर नहीं करता है और सोने के मुख्य कमरे, बैठकखाने और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए उपयुक्त होता है.

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फ्लोर स्टैंडिंग एअरकंडीशनर

यह बड़े और भव्य घरों के अनुकूल है. इसे कहीं भी खड़ा किया जा सकता है और एक जगह से दूसरी जगह पर इसे ले जा कर रखना भी आसान होता है. लेकिन इसे खिड़की के पास रखना उचित होता है, क्योंकि विंडो एअरकंडीशनर की तरह ही इस के ऐग्जौस्ट वैट को खिड़की के पास रखना जरूरी होता है.

मौजूदा दौर में इन्वर्टर टैक्नोलौजी युक्त एअरकंडीशनर भी बाजार में उपलब्ध है, जो सामान्य तापक्रम बनाए रखता है. इन्वर्टर एसी को परिचालन खर्च और आवश्यकतानुसार बढि़या एअरकंडीशनिंग को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है. परंपरागत एअरकंडीशनर की तुलना में इन्वर्टर एअरकंडीशनर के निम्नलिखित फायदे हैं:

1. इन्वर्टर एसी में कम बिजली खर्च होती है जिस से बिजली की खपत में 30-50% तक की बचत होती है.

2. यह अधिक तेजी से वांछित तापक्रम हासिल करता है. इसे चालू करने में 30% कम समय लगता है.

3. यह बिना आवाज किए चलता है.

4. स्थिर तापक्रम के साथ अधिकाधिक आरामदेह है.

5. कंप्रेसर में वोल्टेज नहीं बढ़ता है.

6. कुछ इन्वर्टर एसी में हीट पंप लगे होते हैं, जो गरमियों के मौसम में एसी के सही ढंग से काम करने के लिए बहुत उपयोगी होते हैं.

आकार और क्षमता का चुनाव

ठंडी होने वाली जगह के आकार के अलावा एअरकंडीशनिंग सिस्टम की उचित क्षमता निर्धारित करने के और भी अनेक कारण हैं. जरूरी क्षमता तय करने के लिए ताप भार का अनुमान सब से जरूरी है. ताप भार का अनुमान लगाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए:

1. जगह का आकार.

2. अभिविन्यास (ओरिएंटेशन).

3. ठंडा करने की जगह के आसपास और ऊपरनीचे की बनावट.

4. शीशा लगे स्थान.

5. शीशों पर छाया की मात्रा और स्वरूप.

6. इंसुलेशन (रोधन) डेक के ऊपर/नीचे की स्थिति और प्रयुक्त सामग्री.

7. इस्तेमाल की जगह आवासीय, शोरूम, अस्पताल आदि.

8. स्थान पर कौपियर, सर्वर आदि जैसे उपकरणों की मौजूदगी.

9. मकान बनाने में इस्तेमाल हुई सामग्री.

बेहतर है कि ठंडा करने वाली जगह के हिसाब से बिलकुल सही क्षमता का निर्धारण करने के लिए किसी पेशेवर व्यक्ति की मदद ली जाए.

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ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा बचत की जांच: विंडो एसी और हाई वाल यूनिटों के लिए बीईई स्टार रेटिंग की जांचपड़ताल कर लेना बेहद जरूरी है. एअरकंडीशनर की कूलिंग क्षमता और विद्युत खपत के अनुपात को मापने वाली ऊर्जा दक्षता अनुपात (ईईआर) के विचार से रेटिंग जितनी उच्च होगी, उतनी ही ज्यादा दक्षता होगी. उच्चतर दक्षता से कूलिंग ज्यादा असरदार और बिजली की खपत कम होती है.

विशेषताएं: उपकरण के आसान इस्तेमाल के लिए रिमोट कंट्रोल, एलसीडी डिस्प्ले और बिल्ट इन टाइमर महत्त्वपूर्ण विशेषताएं हैं. अन्य फायदेमंद विशेषताओं में सस्ती क्रियाशीलता प्रणाली, फिल्टर और वायुशोधक शामिल हैं. इन के अलावा खरीदारी का फैसला करते समय इस्तेमाल में आसानी पर भी ध्यान देना जरूरी है. खरीदारी के पहले आवाज और कंपन स्तर पर अवश्य ही गौर करें. अधिक स्टाइलिश एअर कंडीशनर से आराम तो मिलेगा ही, जीवनशैली भी खूबसूरत हो जाएगी.

वारंटी: हमेशा अधिकृत विक्रेता से ही एअरकंडीशनर खरीदें. आप जो ब्रैंड ले रहे हैं, उस की वारंटी की जानकारी प्राप्त कर लें. कंपनी का सुव्यवस्थित सेवा नैटवर्क होना और बुलाने पर मैकेनिक का तुरंत आना जरूरी है.

घर के लिए एअरकंडीशनर लेना आप के लिए सब से खर्चीली खरीदारी होती है. भले ही आप पुराने एसी को बदल रहे हों या कोई नया एसी ले रहे हों, एक बार खरीद लेने पर हो सकता है कि 10 वर्ष के बाद ही इसे बदलने की जरूरत पड़े. चूंकि आप उसे लंबे समय तक इस्तेमाल करेंगे, इसलिए उपर्युक्त बिंदुओं पर ध्यान देने से आप को न केवल गरमी में ज्यादा राहत मिलेगी, बल्कि बिजली के बिल में भारी कमी का लाभ भी मिलेगा.

– संजय महाजन, वाइस प्रैसिडैंट-विक्रय एवं विपणन, कैरियर माइडिया इंडिया

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