यदि घर का टौयलेट साफ नहीं हो तो घर सही माने में साफ नहीं कहा जा सकता. बहुत से लोग घर के लिविंग रूम को तो साफसुथरा रखते हैं परंतु टौयलेट क्लीनिंग की ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते. जबकि टौयलेट स्वच्छ रखना बहुत जरूरी होता है. दरअसल, परिवार के सभी सदस्य इसे इस्तेमाल करते हैं, जिस से यह बारबार गंदा हो जाता है. ऐसे में यदि समय पर इसे अच्छी तरह साफ नहीं किया जाए, तो यह देखने में तो भद्दा लगता ही है, घातक बीमारियों को भी बुलावा देता है.
बीमारियां व इन्फैक्शन
गंदा टौयलेट बहुत सी बीमारियां व इन्फैक्शन पैदा करना है. वहीं, यदि एक बार कोई इन्फैक्शन हो जाए तो स्वस्थ होने में काफी समय लग जाता है और शरीर का इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है. गंदी टौयलेट सीट पर तेजी से बैक्टीरिया व जर्म्स फैलते हैं, जिस से डायरिया, कौलरा, टायफाइड, स्किन इन्फैक्शन के अलावा यूरिनरी इन्फैक्शन आदि भी हो सकते हैं. बच्चे इन से शीघ्र प्रभावित हो जाते हैं.
स्वच्छता का रखें खयाल
टौयलेट की स्वच्छता की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए, वहीं ध्यान रखें कि सफाई ऐसी हो जो न सिर्फ टौयलेट को अच्छी तरह साफ करे बल्कि जर्मफ्री भी बनाए. दरअसल, टौयलेट सीट पर बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं. इन्हें जर्मफ्री बनाने के लिए अच्छी कंपनी के टौयलेट क्लीनरों का प्रयोग करें. मार्केट में कई तरह के टौयलेट क्लीनर्स उपलब्ध हैं, जिन में हार्पिक एक लोकप्रिय ब्रैंड है. इस का ऐडवांस फार्मूला अन्य क्लीनरों के मुकाबले 5 गुना बेहतर सफाई का दावा करता है व बदबू दूर कर फ्रैश सुगंध देता है. पूरे टौयलेट को क्लीन करना जरूरी है. फर्श को साफ रखें, टौयलेट सीट के अंदर व बाहर टौयलेट क्लीनर को अच्छी तरह प्रत्येक कोने में लगा कर लगभग 20-25 मिनट तक छोड़ दें.
कुछ जरूरी बातें
टौयलेट को साफ और फ्रैश रखने के लिए ऐसे क्लीनर का इस्तेमाल करें जो जिद्दी दागों को हटा कर, बदबू पैदा न कर फ्रैशनेस का एहसास दिलाए.
सप्ताह में 1 बार टौयलेट शीट को अंदर व बाहर से अच्छी तरह साफ करें.
टौयलेट साफ करने के लिए सख्त ब्रिसल्स वाले ब्रश इस्तेमाल करें ताकि वह जिद्दी दागधब्बों को भी आसानी से सफाया कर सके.
ऐसिड, फिनाइल जैसे पुराने तरीकों को छोड़ कर आधुनिक तकनीकों से बने टौयलेट क्लीनरों को अपनाएं, जो न सिर्फ टौयलेट को स्वच्छ व चमकदार बनाते हैं, बल्कि कीटाणुओं का सफाया कर के टौयलेट स्वच्छ बनाते हैं. इस की खासीयत यह है कि इस से टौयलेट साफ करना काफी सुविधाजनक होता है. इसे लगाने से कुछ ही मिनटों में टौयलेट साफ हो जाता है.
टौयलेट को स्वच्छ व बदबूरहित रखने के लिए टैंक में टौयलेट बाउल टैबलेट्स अवश्य डालें.
कामन बाथरूम स्लीपर्स को टौयलेट के बाहर रख दें ताकि सभी इसे पहन कर ही टौयलेट इस्तेमाल करें. इस से कीटाणु घर के बाकी स्थानों पर पहुंचने से बच जाएंगे.
छोटे बच्चों को टौयलेट इस्तेमाल करना सिखाएं.
टौयलेट की सफाई करते समय हाथों में ग्लब्स पहनें व मुंह और सिर को भी ढक ताकि कीटाणु आप के शरीर में न पहुंच पाएं. वहीं सफाई करने के बाद स्नान अवश्य करें.
टौयलेट को सूखा रखने की कोशिश करें. पानी फैलने से कीटाणु जल्दी पैदा होते हैं और गंदगी बढ़ती है. इस के लिए वाइपर रखें.
टौयलेट में अन्य जगहों के मुकाबले ज्यादा कीटाणु पाए जाते हैं. वहीं, यहां ये तेजी से बढ़ते भी हैं, इसलिए इन की सफाई की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए. स्वच्छता बहुत सी बीमारियों को फैलने से रोकती है.