शीला एक हाउसवाइफ है. उस की समस्या यह है कि वह कभी फ्री ही नहीं होती. उस की कामवाली बाई सुबह 9 बजे आती है पर 9 बजे तक वह न तो डस्टिंग कर पाती है न ही रसोई क्लीन कर के बरतन धोने के लिए रख पाती है. इस से कामवाली भी झुंझला जाती है. पर कामावाली बहुत फुरती से सारे काम कर के चली जाती है. सारे दिन घर के कामों में उलझी शीला समझ ही नहीं पाती कि आखिर उस का वक्त जाता कहां है?
शीला की ही तरह बहुत सी ऐसी हाउसवाइफ होंगी जिन की समस्या यही होगी कि घर पर ही रह कर घर के काम निबटाना कोई मुश्किल काम नहीं. बस जरूरत है थोड़े से वर्क मैनेजमैंट की.
सोशल साइट्स पर बिजी न रहें
जब शीला ने अपने पति से इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि सुबहसुबह मोबाइल पर तुम्हारा बहुत वक्त बरबाद होता है. शीला को अपने पति की बात सही लगी. दरअसल, शीला की आदत थी कि सुबहसुबह सोशल साइट्स पर लाइक्स, कमैंट्स देखने और उन का जवाब देने में इतनी बिजी हो जाती कि उसे वक्त का पता ही नहीं चल पाता था.
जब शीला को उस की गलती मालूम हुई तो उस ने तुरंत वह सुधार किया और अब वह सुबह के बजाय सारा काम खत्म होने के बाद ही सोशल मीडिया पर ऐक्टिव होती है. अब उस का सारा काम समय पर होता है और वह पूरा दिन फ्री रहती है.
टाइमटेबल से बनेगी बात
मीनल के घर में कामवाली नहीं आती पर फिर भी उस का सारा काम 12 बजे तक खत्म हो जाता है, क्योंकि उस ने हर काम का समय तय कर रखा है कि उसे कितने वक्त में कौन सा काम निबटाना है. टाइमटेबल के हिसाब से किया गया काम हमेशा वक्त पर होता है और सारा दिन फ्री हो कर आप अपने लिए काफी वक्त निकाल सकती हैं. ऐक्स्ट्रा टाइम होने पर आप घर बैठे अपना कोई छोटामोटा होम बिजनैस भी शुरू कर सकती हैं.
सुबह जल्दी उठें
बहुत सी हाउसवाइफ की आदती होती है कि सुबह देर से उठती हैं या बच्चों को स्कूल भेज कर आलस में लेट जाती हैं जिस से कभीकभी गहरी नींद आ जाती है और बहुत देर हो जाती है. सुबह अगर देरी से काम शुरू होता है तो सारा दिन उलझन और झुंझलाहट के साथ बीतता है और खुद के लिए वक्त निकालना मुश्किल सा लगता है. इसलिए जल्दी उठने की आदत डालें और उठ कर वापस न सोएं तो आप के पास वक्त ही वक्त होगा.
ऐक्स्ट्रा कामों के लिए अलग से वक्त
रोज के काम के अलावा कुछ काम ऐसे भी होते हैं जो गृहिणी के लिए चुनौती होते हैं. बीना की आदत है कि वह जल्दी उठ कर जल्दीजल्दी अपना काम खत्म कर लेती है. बच्चों के स्कूल से आने के पहले जो वक्त उस के पास बचता है उस वक्त में वह ऐक्स्ट्रा काम जैसे वार्डरोब की सफाई कपड़ों को इस्तरी करना, हिसाबकिताब देखना जैसे काम करती है. इस से बिना अतिरिक्त लोड के सब काम हो जाता है और उस का घर कभी बिखरा हुआ नहीं रहता. चाहे किसी भी वक्त घर में मेहमान आएं वह हमेशा अपटूडेट रहती है.
काम सौंपना सीखें
यह केवल आप का घर नहीं है. सारा काम खुद पर न ओढ़ें. अपने पति और बच्चों को थोड़थोड़ा काम सौंप कर मदद लें. जैसे डस्टिंग के लिए या बाहर से कुछ सामान लाने को आप उन्हें कह सकती हैं. छुट्टी वाले दिन हाउसवाइफ पर काम का अतिरिक्त लोड होता है. ऐसे में सब को काम पर लगा कर मदद लेंगी तो बिना थके वक्त पर सब काम पूरे होंगे और आप परिवार के साथ खुल कर छुट्टी का मजा ले सकेंगी.