लॉक डाउन का एक बार फिर से बढ़ जाने से वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोग, बच्चे, यूथ और बुजुर्गों के लिए घर पर रहने की परेशानी एक बार फिर बढ़ गयी है. महीनो घर पर रहने के बाद उनकी आदतों में बदलाव न आ जाय, इसे देखने की जरुरत है. नियमित दिनचर्या, सही खान-पान और व्यायाम ही उन्हें अच्छा महसूस करवा सकती है. खासकर मुंबई जैसे शहर में जहाँ लोग दिनभर काम में व्यस्त रहते है. आज कोविड- 19 ने उसकी रफ़्तार को रोक दिया है, लगातार लॉक डाउन ने मुंबई की सूरत को बदल कर रख दिया. आज सड़के और गलियां सब सुनसान पड़ी है, केवल आवश्यक सेवा में लगे लोग और पुलिस ही दिखाई पड़ती है, ऐसे में खुद को और परिवार वालों को स्वस्थ रखना एक चुनौती सबके लिए है. इस बारें में सोच फ़ूड एल एल पी की फाउंडर पूर्वी पुगालिया कहती है कि घर पर रहकर ऑफिस का काम करना और अपनी प्रोडक्टिविटी को बनाये रखना आसान नहीं. इसके साथ पूरे परिवार को भी किसी न किसी रूप में एक्टिव रखना एक चुनौती है. कुछ सुझाव निम्न है,
- जब आप वर्क फ्रॉम होम करते है, तो आपके रूटीन को बनाये रखना जरुरी होता है, समय से सोना और जागना पड़ता है. दिनचर्या को पहले की तरह ही बनाये रखना पड़ता है. इसके लिए काम की साप्ताहिक सूची पहले से बनाकर रखना जरुरी है, इसमें लर्निंग, क्रिएटिव प्ले, रिलैक्स करने का समय, फिटनेस, एक्टिविटी आदि को शामिल करना आवश्यक है, अभी घरेलू हेल्प नहीं है, ऐसे में उसे भी कब कैसे करना हे, अपनी सूची में शामिल करें.
ये भी पढ़ें- 19 दिन 19 टिप्स: 5 टिप्स से घर के कौकरोच और छिपकली की करें छुट्टी
बच्चे अभी स्कूल और कॉलेज नहीं जा रहे है, ऐसे में उनकी पढाई को उस लेवल तक करवाते रहना जरुरी है, पर इसके साथ-साथ उनकी फिटनेस और क्रिएटिविटी को भी बनाये रखना है, ताकि वे बोरियत या अकेलेपन का शिकार न बने, कुछ ऑनलाइन कोर्सेज बच्चों के लिए शुरू करवा दें, जिसे वे उसे एन्जॉय कर सके, टीवी का समय निर्धारण पहले जैसे ही करें, इंडोर गेम को अधिक से अधिक करने के लिए प्रेरित करें, यूथ लड़के और लड़कियां इस दौरान खाना पकाने की विधि, रूम डेकोरेशन, पेंटिंग आदि को सीख सकते है, जो बाद में उन्हें काम आ सकता है.
इस लॉक डाउन में परिवार में हैप्पी मोमेंट्स को क्रिएट करें, जिसमें साथ मिलकर भोजन करना, फिल्में देखना, पुरानी बातों को याद करना, आदि हो, क्योंकि व्यस्त दिनचर्या में परिवार के मूल्य, रिश्तों की अहमियत, धीरे-धीरे ख़त्म होते जा रहे थे, ऐसे में ये समय उसे फिर से तरोताजा बनाने का है.
- व्यस्त समय जब आप भूखे रहते है, ऐसे में जो भी सामने मिलता है, उसे खा लेते है, अब आपके पास समय है और आप एक हेल्दी और बैलेंस्ड फ़ूड परिवार के लिए बना सकते है, जो आपके मेंटल और इमोशनल हेल्थ के बैलेंस को बनाये रखती है, इसमें फल, दही, मिल्क, नट्स आदि से कई प्रकार के स्मूदी, सलाद और फ्रूट डेजर्ट बनाया जा सकता है, इस तरीके के व्यंजन डाइजेस्ट करने में भी आसान होता है, ये सब काम परिवार के लोग साथ मिलकर करे,ताकि इसका जायका और भी बढ़ जाय.
ये भी पढ़ें- फाइनेंशियल प्लानिंग: क्या और क्यों
- अगर सीनियर सिटिजन घर में है और वे इस तालाबंदी की वजह से घर से निकलकर वाक् नहीं कर पा रहे है, उनकी फिजिकल एक्टिविटी में कमी आई है, तो उन्हें योगा, प्राणायाम और हल्की फुल्की व्यायाम और घर पर थोडा टहलने की जरुरत है,इससे उनकी इम्म्युनिटी बढेगी और उनकी लंग कैपासिटी भी अच्छी रहेगी, ऑक्सीजन का संचार सही ढंग से होगा और उनकी मूड स्विंग कम होगी.