हर गृहिणी की इच्छा होती है कि उस के घर की किचन उस की इच्छा के अनुरूप सुव्यवस्थित तरीके से बनाई जाए. इस के लिए मौड्युलर या स्टाइलिश किचन से बैस्ट कुछ नहीं, क्योंकि इस से किचन आकर्षक व स्टाइलिश जो लगती है और साथ ही इसे इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि चाहे स्पेस कम हो या ज्यादा चीजें आसानी से रखी जा सकती हैं. मौड्युलर किचन की खास बात है इस का सुविधाजनक होना. जरा सोचिए खाना बनाना कितना मजेदार होगा जब सामग्री और बरतन हाथ बढ़ाते ही मिल जाएंगे. वरना तो आमतौर पर होता यह है कि मसाले के डिब्बों में वही डिब्बा सब से नीचे होता है जिस की जरूरत तुरंत होती है और उसी समय वह डिब्बा पाने की जद्दोजहद में कड़ाही में पक रही सब्जी जल जाती है. आइए, जानते हैं मौड्युलर किचन के फायदों के बारे में:
1. बदला बरतन रखने का अंदाज
पहले किचन बहुत सिंपल तरीके से डिजाइन की जाती थी, जिस में बरतन रखने के लिए स्टील के रैक्स लगाए जाते थे, जो न तो दिखने में अच्छे लगते थे और फिर सामान भी सामने रखा दिखाई देता था, मगर अब किचन प्लैटफौर्म के नीचे बरतनों की साइज, उन के इस्तेमाल के हिसाब से सुविधाजनक रैक बनाई जाती हैं. अलगअलग तरह के बरतनों के लिए उन के अनुसार जगह होती है. इन रैक्स की फिनिशिंग इतनी लाजवाब होती है कि इन्हें हर मेहमान के सामने फ्लौंट करने का मन करता है.
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2. ज्यादा वर्क स्पेस
मौड्युलर किचन में ज्यादा स्पेस मिलने के बाद साथसाथ वर्क स्पेस भी अच्छी होती है. इसमें हर चीज के लिए जैसे बोतल रैक्स, प्लेट होल्डर्स, कटलरी कंपार्टमैंट, गारबेज होल्डर्स इत्यादि के लिए अलग से स्पेस होती है, जिस से चीजें इधरउधर बिखरी नहीं रहतीं व समय पर मिल जाती हैं. आजकल इंटरनैट व पत्रिकाओं के जरीए फ्यूजन, बेक्ड व फ्राइड रैसिपीज बनाने के नएनए तरीके गृहिणियां जाननेपढ़ने लगी हैं. नईनई रैसिपीज बनाने के नएनए उपकरण भी किचन में रखने का ट्रैंड बढ़ने लगा है. ओवन, ग्रिलरटोस्टर, डीप फ्रायर, ब्लैंडर जैसे उपकरणों को मौड्युलर किचन में इतने करीने के साथ लगाया जाता है कि जब मन चाहा इन का इस्तेमाल किया, वह भी किचन स्लैब पर बिना सामान फैलाए.
3. कुकटौप से बदली कुकिंग स्टाइल
जिस तरह पुरुष औफिस में अपने वर्क स्टेशन को सुविधाजनक और आधुनिक बनाने के प्रयास में रहते हैं, ठीक उसी तरह गृहिणी अपने वर्क स्टेशन यानी किचन को भी आधुनिक बनाना चाहती है. आजकल मल्टीबर्नर कुकटौप काफी ट्रैंड में हैं. इन की कोटिंग इतनी लाजवाब होती है कि एक बार साफ करने से ही चमक उठती है. ट्रैडिशनल स्टील कुकटौप पर खाना बनाने के बाद तो उसे साफ करना भी गृहिणी के लिए किसी टास्क से कम नहीं होता.
4. मेंटेन करने में आसान
स्टाइलिश किचन जहां दिखने में अच्छी लगती है वहीं इसे मैंटेन करना भी काफी आसान होता है, क्योंकि हलके कैबिनेट्स व काउंटर्स काफी स्मूद होते हैं व पानी से उन्हें किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचता. इसलिए उन्हें गीले कपड़े से भी बड़ी आसानी से साफ किया जा सकता है.
5. साइज व कलर औप्शंस भी ढेरों
अकसर जब भी हम मौड्युलर किचन बनवाने के बारे में सोचते हैं तो हमारे मन में यही सवाल उठता है कि क्या इस का खाका हमारी किचन को सूट करेगा या नहीं. आप को बता दें कि यह खास कर छोटी किचन को ध्यान में रख कर ही डिजाइन किया जाता है. इस में किचन में लंबी यूनिट्स, कैबिनेट्स, ड्रोअर्स इत्यादि वगैरा बनाए जाते हैं, जिन में सामान आसानी से सैट हो जाता है. वह बिखरा नहीं रहता. साथ ही इस में ढेरों कलर औप्शंस व डिजाइंस भी होते हैं, जैसे प्लेन व कलरफुल या फिर प्रिंट्स वाले भी होते हैं और अगर आप इस की बाहरी सतह पर मैट या ग्लौसी टच चाहती हैं, तो भी यह आप की पसंद पर ही निर्भर करता है. पति के औफिस और बच्चों के स्कूल जाने से पहले और बाद में भी गृहिणी का ज्यादातर समय किचन में ही बीतता है. ऐसे में इस जगह यानी अपने वर्क स्टेशन को आधुनिक और सुविधाजनक जरूर बनाएं.
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