ऐसा नहीं है कि मौजूदा कोरोना संकट के पहले देश में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षाएं या इंटरव्यू नहीं होते थे,लेकिन वे इतने अनिवार्य नहीं थे.मगर कोरोना के लंबे लॉकडाउन ने बहुत सी गतिविधियों के तौरतरीकों को हमेशा के लिए बदल दिया है,वर्क फ्रॉम होम और वीडियो कालिंग के बढ़ते चलन की तरह ही अब ऑनलाइन प्रवेश परीक्षाएं भी आम और बहुत सी जगहों में अनिवार्य हो गयी हैं. मसलन इस साल दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिले की तमाम प्रक्रिया ऑनलाइन ही सम्पन्न होगी. इसकी वजह यह है कि डीयू में प्रवेश परीक्षाओं तैयारियां अप्रैल माह में शुरू हो जाती हैं. लेकिन इस साल कोरोना के कहर के चलते यह संभव ही नहीं हो सका. इस स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने फैसला किया है कि इस बार दाखिले की सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन ही पूरी की जाएंगी ताकि किसी भी तरह से कम समय में सब काम निपटा लिया जाए. अधिकारियों के मुताबिक,इस बार डीयू में दाखिले की सारी प्रक्रियाओं को भी ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है ताकि छात्रों को कॉलेजों के ज्यादा चक्कर न लगाने पड़े.

इस प्रक्रिया में प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी ऑनलाइन होगा. हालांकि वर्तमान में डीयू में नामांकन, परीक्षा सहित सभी प्रक्रियाएं स्थगित हैं लेकिन इसकी दाखिला शाखा सारी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए काम कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक  लॉकडाउन हटने के बाद तैयारी के लिए समय काफी कम बचेगा. इसलिए सभी कॉलेजों से तैयारी करने को कहा गया है. दाखिला शाखा की डीन प्रोफेसर शोभा बागाई के मुताबिक , ‘डीयू के सभी कॉलेजों के प्रिंसिपलों को एक पत्र भेजा गया है जिसमें साफ़ लिखा है कि  दाखिले की प्रक्रिया के दौरान छात्रों को जरूरी दस्तावेजों को फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए कॉलेजों के कम चक्कर लगाने पड़े,इसके लिए ठोस कोशिश की जा रही है. इसमें प्रमाणपत्रों का ऑनलाइन वेरिफिकेशन भी शामिल होगा.’

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इसी के साथ ही कॉलेजों को वेबसाइट पर सूचना डालने के लिए कहा गया है. बागाई ने कॉलेजों से आवश्यक सूचना अपनी-अपनी वेबसाइटों पर डालने और उसका लिंक एडमिशन ब्रांच को भेजने के लिए कहा है. साथ ही प्रिंसपलों को भेजे गए पत्र में उन्होंने दाखिले की प्रक्रिया के लिए एक मजबूत टीम के गठन का भी कॉलेजों को निर्देश दिया है. पत्र में लिखा गया है,एक टीम का गठन किया जाए जिसमें पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवी विद्यार्थियों के साथ फैकल्टी के निदेशक भी शामिल हों. दाखिले से संबंधित किसी तरह के सवालों का जवाब देने के लिए स्वयंसेवी छात्रों को उस दौरान उपलब्ध रहना होगा.

गौरतलब है कि इस बार ईडब्ल्यूएस कोटा पांच फीसदी बढ़ेगा-डीयू दाखिला में इस वर्ष निम्न आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) सीटों का कोटा 5 प्रतिशत बढ़ेगा. दाखिला सीमिति की तरफ से कॉलेजो को भेजे गए पत्र के अनुसार आगामी सत्र से ईडब्ल्यूएस कोटे का दूसरा चरण दाखिला प्रक्रिया में लागू किया जाएगा. जिसके तहत 15 फीसद सीटें ईडब्ल्यूएस कोटे के छात्रों के लिए आरक्षित होंगी. मालूम हो कि बीते वर्ष से ही डीयू ने ईडब्ल्यूएस कोटा लागू किया है. जिसके तहत 10 फीसदी सीटें आरक्षित की गईं थीं.

लेकिन ऑनलाइन प्रवेश का यह सिलसिला सिर्फ राजधानी दिल्ली का चलन नहीं बनने जा रहा. सच तो यह है कि इस साल कोरोना ने इसे एक झटके में राष्ट्रीय गतिविधि बना दिया है. अब हरियाणा को ही लें अब यहां सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन सिस्टम के जरिए ही एडमिशन मिल पाएगा. भारी तादाद में लोगों को सहूलियत देने वाली यह सुविधा हरियाणा हायर एजुकेशन की ई-सिटीजन सर्विस की बदौलत मिलेगी. ई-सिटीजन सर्विस को डिपार्टमेंट ने लॉन्च कर दिया है और इसके बाद एडमिशन का प्रोसेस ऑफलाइन नहीं होगी यानि की इन कॉलेजों में एडमिशन लेने के इच्छुक छात्रों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ही आना पड़ेगा. डिपार्टमेंट के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस प्रसाद के मुताबिक़ ऑनलाइन कॉलेज एंट्रेंस 15 जून से शुरू होंगे और ऑनलाइन एप्लिकेशन की अंतिम तारीख 30 जून होगी. उनके मुताबिक कैंडिडेट ऑनलाइन एंट्रेस के लिए किसी भी गवर्नमेंट कॉलेज में मुफ्त में एप्लाई कर सकते हैं.

भले यह सब कोरोनावायरस और लॉकडाउन के चलते हो रहा हो लेकिन सच यही है कि ज्यादातर कंपनियां भी अब कर्मचारियों की भर्ती के लिए ऑनलाइन तरीकों को ही अपना रही हैं यानी ज्यादातर कंपनियां जॉब के लिए ऑनलाइन ही इंटरव्यू ले रही हैं. मतलब साफ़ है कि पढ़ाई लिखाई का मामला हो या जॉब की बात हो अब ऑनलाइन प्रवेश ही मिलने वाला है ऐसे में जरूरी हो जाता है कि हम ऑनलाइन बातचीत और विशेषकर इंटरव्यू में दक्ष हों क्योंकि अगर आपको बहुत कुछ आता है लेकिन ऑनलाइन मुखातिब होने की आपमें काबिलियत नहीं है तो कई सफलताओं से वंचित रह सकते हैं. वास्तव में अगर प्रैक्टिस न हो तो ऑनलाइन माध्यम से अपना इंप्रेशन छोड़ना थोड़ा मुश्किल होता है.

ऑनलाइन इंटरव्यू में हमारी बॉडी लैंग्वेज, आवाज, शब्दों के चयन और उनके इस्तेमाल के साथ-साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी आदि का भी महत्वपूर्ण रोल होता है. इसलिए हमें कई चीजों पर समय रहते ध्यान देना बहुत जरूरी है. मसलन हमें ऐसे किसी भी इंटरव्यू को देने से पहले,चाहे वह किसी संस्थान में पढने के लिए होने वाले एडमिशन के संबंध में हो या नौकरी के कई बुनियादी जानकारियां अच्छे तरह से होना चाहिए. अतः इंटरव्यू देने से पहले इंटरव्यू के बारे में सभी जानकारी लें, जैसे कि इंटरव्यू का फॉर्मेट क्या होगा? किस वीडियो कॉल सर्विस के माध्यम से इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा? क्या आपका इंटरव्यू पैनल लेगा? इस तरह के सवाल इंटरव्यू देने से पहले ही क्लियर कर लें. इस बात का ध्यान रखें कि ऑनलाइन इंटरव्यू देते समय हमेशा कंप्यूटर या लैपटॉप का ही इस्तेमाल करें. कोई मजबूरी न हो तो मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन इंटरव्यू देने से बचें.

यह डराने की बात नहीं है लेकिन सच्चाई यही है कि अगर आप रोजाना टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं,तो भी ऑनलाइन इंटरव्यू देना चूनौतीपूर्ण हो सकता है. खासकर जब इंटरव्यू लेने वाला शख्स एक ऐसे इंटरफेस का इस्तेमाल करे, जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं है. इसलिए  इंटरव्यू के पहले मीटिंग सॉफ्टवेयर कैसे काम करते हैं यह  यू-ट्यूब पर वीडियो ट्यूटोरियल से समझ लें. ऑनलाइन इंटरव्यू देते समय इस बात भी ध्यान रखें कि आपका बैकग्राउंड न्यूट्रल और साफ होना चाहिए. लाइटिंग का खास ध्यान रखें और इस बात का भी ध्यान रखें कि इंटरव्यू देते समय आपका चेहरा साफ नजर आ रहा है या नहीं. कैमरे में अपनी इमेज साफ रखने के लिए सही रोशनी का प्रबंध करें .

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इंटरव्यू देते समय फॉर्मल कपड़े पहनें प्रेजेंटेबल दिखने की कोशिश करें. इंटरव्यू के दौरान सहज दिखने के लिए मॉक इंटरव्यू की प्रैक्टिस कर लें. इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सभी सामान्य सवालों के जवाब और अपने पाठ्यक्रम या जॉब से संबंधी सवालों के जवाब पहले से ही तैयार कर लें. इंटरव्यू देते समय जवाबों को पेपर पर लिखकर अपने पास कहीं रख लें और पूरे आत्मविश्वास से जवाब दें. इन कोशिशों से आपको मनपसंद पाठ्यक्रम में एडमिशन भी मिल सकता हैं और जॉब भी.

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