राइटर- शैलेंद्र सिंह

कोरोना काल में सेक्स सबसे बडी परेशानी का सबब बन गया है. बिना तैयारी के सेक्स से गर्भ ठहरने लगाहै. उम्रदराज लोगों के सामने ऐसी परेशानियां खडी हो गई है. स्कूल बंद होने से बच्चों के घर पर रहने से पति पत्नी को अपने लिये समय निकालना मुश्किल होने लगा. बाहर आना जाना बंद हो गया. कभी पति के पास समय है तो कभी पत्नी का मूड नहीं. कभी पत्नी का मूड बना तो पति को औनलाइन वर्क से समय नहीं. ऐसे में आपसी तनाव, झगडे और जल्दी सेक्स की आदत आम होने लगी है. जिस वजह से आपसी झगडे बढने लगे है. ऐसे में जरूरी है कि आपस में समय तय करके सेक्स करे. जिससे आपसी झगडे कम होगे तालमेल बढेगा.

रीना की शादी को 5 साल हो गये थे. उसका पति सुरेश देर रात में काम से लौटता था. शादी के शुरूआती दिनों में तो सब कुछ ठीकठाक चल रहा था. कुछ समय से दोनो के बीच परेशानी आ गयी थी. परेशानी कीवजह यह थी कि घर के काम से थक कर रीना जल्दी सो जाती थी. आफिस से देर से लौटने के बाद भी सुरश को नींद नही आती थी. ऐसे समय पर वह नेहा के साथ प्यार और हमबिस्तर होने की कोशिश करता थ.पति का यह काम रीना को बहुत खराब लगता था. वह कहती कि उसको नींद आ रही है. सोने के बाद उसे सेक्स करने का मन नही करता  वह पति से कहती कि सोने के पहले इस काम को करने में क्या परेशानी आती है. इस बात को लेकर रीना और सुरेश की अक्सर झिकझिक होती थी. इस कारण कई बार तो चाहतेहुये भी दोनो महीनों तक सेक्स संबंध ही नही बना पाते थे सुरेश कहता कि मेरा तो मन रात में ही सेक्स करने का होता है.

ये भी पढ़ें- वर्क फ्रॉम होम में कपल्स ऐसे बिठाएं तालमेल, रिलेशनशिप रहेगा ठीक

रीना से उल्टी परेशानी नेहा और प्रदीप की भी है. प्रदीप रात को घर वापस आता था.  खाना खाने के बाद कुछ अपना काम करता, टीवी देखता और फिर सो जाता था. सुबह वह लगभग 4 बजे उठ जाता था. इस समय उसका मन सेक्स करने का होता था जब वह रीना को इसके लिये तैयार होने के लिये कहता तो वह मना कर देती. उसका कहना था कि इस तरह सुबह सुबह उसका मन नही होता है. दोनो के बीच सेक्स के समय को लेकर झिकझिक होती. रीना कहती कि जब रात में टीवी देखकर सो जाते हो उस समय भी तो इस काम को कर सकते हो ? रीना और नेहा जैसी परेशानियां दूसरे लोगो के सामने भी आती है. यह समस्या केवल आदमियों की ही नही होती. औरतों में भी सेक्स के समय को लेकर उलझन होती है.

शादी की शुरूआती दिनों में तो औरत और आदमी के बीच सेक्स संबंध ठीक तरह से चलते रहते है. समय के साथ साथ यह समय बिगडने लगता है. किसी को रात का समय अच्छा लगता है तो किसी को सुबह का समय अच्छा लगता है. सेक्स दो लोगो के बीच होता है इसलिये यह भी जरूरी हो जाता हे कि दूसरा पार्टनर भी उसी हिसाब से अपना समय तय कर ले. जिन जोडो के बीच सेक्स के समय का यह सामाजस्य नहीं बैठता है वही पर विवाद खडे हो जाते है.

यह परेशानी नई नही है. पहले औरतों की इच्छा को कोई महत्व नही दिया जाता था.  पत्नी की रजामंदी का कोई मतलब नही होता था. पति जब चाहता था पत्नी को उसके सामने आत्मसमर्पण करना ही पडता था. सेक्स के प्रति औरतो की बदलती सोंच से सेक्स के समय का विवाद और भी तेजी से उभर कर सामने आ रहा है और पति पत्नी के बीच झगडे की वजह बनता जा रहा है. इस तरह की परेशानियां लेकर कई जोडे आते है. इस मानसिक तनाव के कारण बच्चा पैदा करने में भी परेशानी आती है. कई जोडो में सेक्स के टाइम को मैनेज करने मात्र से ही बच्चा पैदा करने मे सफलता हासिल हो गयी.

ये भी पढ़ें- सोशल मीडिया से क्यों दूर रहना चाहते हैं हैप्पी कपल्स

टकराव की वजह:
सेक्स के समय को लेकर शुरू हुई तकरार में अहम का टकराव हो जाता है. ज्यादातर यह तकरार 35 सालकी उम्र के बाद शुरू होती है. इस समय पति या पत्नी दोनो के ऊपर आफिस या कारोबार की जिम्मेदारी बढ जाती है. सेक्स के लिये समय का चुनाव करना यही से शुरू हो जाता है. आमतौर पर पत्नी यह चाहती है कि जब बच्चे सो जाये तो सेक्स शुरू हो. पति या तो सेक्स शुरू करने का उतावलापन दिखाता है या फिर सो जाता है और सुबह जब पत्नी को जल्दी उठकर घर के काम, बच्चो का टिफिन, पति के लिये नाश्ता तैयार करना होता है तो वह सेक्स की इच्छा जाहिर करता है. पत्नी को सेक्स के लिये मानसिक रूप से तैयार होना पडता है. जब वह इसके लिये न करती है तो पति नाराज हो जाता है. उसके लगता है कि रात या सुबह दोनो समय इंकार ही करती रहती हो.

पतिपत्नी के इस व्यवहार को ज्यादातर लोग यह मानते है कि यह सामान्य प्रक्रिया है. जो समय के साथ ठीक हो जायेगी. सच्चाई यह नही है. सेक्स के लिये मूड का बनना शरीर के मेटाबॉलिज्म के हिसाब से होता है कुछ लोगो का मूड सुबह बहुत अच्छा रहता है और वह इस समय ही सेक्स करना चाहते है. इस तरह के लोगो को ‘लार्क श्रेणी’ का माना जाता है. इसके विपरीत जो लोग रात के समय सेक्स करने की इच्छा रखते है. उनको ‘आउल श्रेणी’ का माना जाता है. सेक्स के समय को लेकर जिन जोडो में ‘लार्क श्रेणी’ और ‘आउल श्रेणी’ दोनो ही तरह के लोग होते है वहां पर टकराव ज्यादा होता है. जहां पर एक ही श्रेणी के लोग होते है वहां पर टकराव नही होता है.

तय करें सेक्स का समय:
जोडो की आपसी समझदारी से इस समस्या का समाधान आसानी से किया जा सकता है. इसके लिये जरूरी है कि तकरार को छोड कर सेक्स लाइफ को पटरी पर लाने के लिये साथ साथ छुटिटयां बिताई जाये. सेक्स समय के झगडे को खत्म करने के लिये अपने अपने अहम को पीछे छोडना होगा. सेक्स समय की परेशानी से जूझ रहे जोडो के लिये कारगार हो सकते है. सेक्स समय की उलझन को सुलझाने के लिये पति पत्नी दोनो को सेक्स के लिये ऐसे समय का चुनाव करे जो दोनो को ही मान्य हो यह समय किसी को नागवार नही होना चाहिये.

सेक्स के समय को तय करने के लिये एक डायरी भी तैयार कर सकते है. इसमें दोनो लोगो की सहमति से दिन तारीख और समय को लिखा जाये. इसका पूरी तरह से पालन किया जाये. इसका सबसे बडा फायदा यह है कि उस दिन आप पहले से ही सेक्स के लिये मानसिक रूप से तैयार रहेगे. सेक्स के लिये एक अपाइनमेंट से दूसरे अपाइनमेंट के बीच एक से दो सप्ताह को समय जरूर रखना चाहिये.

ये भी पढ़ें- भाई-बहन का किरदार निभा चुके हैं रियल लाइफ के ये 4 कपल

अगले अपाइनमेंट में सेक्स को लेकर अलग अलग तरह की कल्पना भी करेगे इस दौरान दोनो ही लोगो को सेक्स के दौरान आये खुशनुमा क्षणों का मजा लेने में आसानी होती है. कुछ समय तक इस उपाय को करने से सेक्स समय की परेशानी खत्म हो जाती है. इसका पालन आगे भी जारी रखे. जिससे आपकी सेक्स लाइफ ट्रैक पर चलती रहे.

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...