जिस किसी का भी कभी ब्रेकअप हुआ है, वह यह बात जानता है कि ब्रेकअप करना आसान नहीं होता. मगर कभीकभी जब दोनों समझदार होते हैं, तो ऐक्स होने के बाद भी आपस में दोस्ती रखी जा सकती है. यदि रिश्ते में सब ठीक से न चल रहा हो तो कपल्स को अकसर ब्रेकअप करने का फैसला लेना पड़ता है. यह दुख की बात होती है जो व्यक्ति आप को अभी तक सब से प्रिय था, अब आप उस से अपने सुखदुख शेयर नहीं कर पाएंगे. पर यह बहुत अच्छी बात है कि आज की पीढ़ी काफी व्यावहारिक है और इस बात पर अलग तरह से सोचती है. कोई भी रिश्ता किसी भी कारण खत्म हो सकता है.
बदल रही सोच
कोई आप की लाइफ में एक रोल में फिट नहीं हुआ तो इस का मतलब यह भी नहीं कि वह दूसरे रोल में भी फिट नहीं होगा.
26 वर्षीय रूही अपने ऐक्स से इतनी कंफर्टेबल है कि अपनी कई बातें आज भी उस से शेयर करती है. उसे अपनी किसी भी प्रौब्लम में वही याद आता है. यहां तक कि उस के ऐक्स की नई गर्लफ्रैंड इसे खुशी से ऐक्सैप्ट करती है.
रूही कहती है, ‘‘हमारा ब्रेकअप हो गया. कुछ चीजें नहीं चलीं, पर मुझे पता है कि वह मुझे हमेशा सही सलाह देगा, मुझे उस के सामने किसी भी बात में असहजता नहीं होती. वह मेरा अच्छा व सच्चा दोस्त है. मेरी फैमिली को उस पर आज भी भरोसा है.’’
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यों बनाएं ऐक्स को दोस्त
फिल्म इंडस्ट्री में तो ऐक्स के साथ दोस्ती के कितने ही उदाहरण दिखाई दे जाते हैं. भले ही आप का ब्रेकअप हो गया हो, आप फिर भी उस के दोस्त बन कर रह सकते हैं, जिसे आप ने लंबे समय तक प्यार किया हो, उस की केयर की हो. यह मुश्किल हो सकता है पर कुछ तरीके हैं, जिन पर चल कर आप अपने ऐक्स के दोस्त बन कर रह सकते हैं और यह आप को अजीब भी नहीं लगेगा. जैसे:
– ब्रेकअप का कारण हमेशा यह नहीं होता कि आप ने गलतियां कीं. कभीकभी कुछ ऐसा होता है कि रिश्ता नहीं चल पाता. जो रिश्ता चल न पा रहा हो उसे जाने देना सीखें. एकदूसरे की गलतियां न बताएं. जो हो गया उसे भूल जाएं, एकदूसरे को माफ करें. यदि आप ब्रेकअप की डिस्कशन के समय बहस करेंगे तो स्थिति और खराब होगी. आप दोनों के बीच कड़वाहट और बढ़ेगी.
– रिश्तों को बनाए रखने में मेहनत लगती ही है. ब्रेकअप के बाद यही न सोचते रहें कि आप ने इस रिश्ते को बचाने के लिए कितना टाइम वेस्ट किया, कितनी ऐनर्जी वेस्ट की. इस से आप को बुरा ही लगेगा. एकदूसरे को अब दोस्त तो जरूर समझें. आप एकदूसरे को जानते तो हैं ही. एकदूसरे की मुश्किलों में एकदूसरे को सपोर्ट करना न छोड़ें.
– ब्रेकअप होते ही तुरंत दोस्ती की गाड़ी में सवार न हो जाएं. खुद को कुछ समय दें. अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रख कर महत्त्वपूर्ण चीजों पर फोकस करना शुरू करें और उसी कंधे पर सिर रख कर फिर न रोएं, क्योंकि शेक्सपियर ने भी कहा है कि आशा सारे दुखों की जड़ है.
– रिश्ता खत्म हुआ है, आप दुखी हैं, दुखी हो लें, जितना शोक मनाना है मना लें. जब तक रोना आए, रो लें. उस के बाद अपने दोस्तों के साथ बाहर जाएं और ब्रेकअप पर कोई भी बात न करें. अपने ऐक्स को न कोई टैक्स्ट करें, न फोन करें.
– फौरन जल्दबाजी में कोई बौयफ्रैंड या गर्लफ्रैंड न ढूंढ़ लें. सैंसिबल और मैच्योर सोच रखें.
– अपनेआप को उन ऐक्टिविटीज में व्यस्त करें, जिन्हें आप करना चाहते थे पर इस रिश्ते के कारण नहीं कर पाते थे.
– क्या आप ऐक्स के साथ दोस्ती करने की दुविधा में हैं? यह बड़ा कदम उठाने से पहले आप अच्छी तरह सोच लें कि आप अपने ऐक्स के साथ दोस्ती क्यों करना चाहते हैं. एक ही फ्रैंड सर्किल के लिए या कालेज में एक ही क्लास के लिए?
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– यदि आप की कैमिस्ट्री अपने ऐक्स के साथ वैसी नहीं है जैसी यह रिश्ता शुरू करने के पहले थी तो इस दोस्ती जैसी भावना को पनपने देने के लिए ज्यादा न सोचें. रहने ही दें. यह कोशिश आप को कुछ और चीजों में हर्ट कर सकती है वह भी तब जब आप टूटे हुए रिश्ते से बाहर आ ही रहे हैं.
– यदि वह और लोगों के साथ बाहर जा रही है तो इस बात की रिस्पैक्ट करते हुए जीवन में खुद भी आगे बढ़ने की कोशिश करें. सिर्फ उस के डेटिंग पैटर्न पर नजर रखने के लिए उस का दोस्त बनना आप को दुख देगा. इसलिए पौजिटिव रहें और खुद भी लाइफ ऐंजौय करने की कोशिश करें.