रिया और रोहित दोनों भाई बहन हैं पर लड़ाई के वक़्त ऐसा लगता है कि एक दूसरे से बड़ा उनका कोई दुश्मन नही है.अभी कुछ दिनों से दोनों में बोलचाल बंद है.आज रिया का प्रेसेंटेशन है उसे जल्दी कॉलेज पहुंचना है पर गाड़ी स्टार्ट ही नहीं हो रही तभी रोहित ने आवाज़ दी कि चलो छोड़ो अपनी खटारा देर हो रही है रिया तो जैसे समझ ही नही पाई और जल्दी से चल दी .कॉलेज पहुँचकर उसने रोहित को थैंक्स कहा और एक छोटी सी पहल में उनका झगड़ा ख़त्म हो गया.

अमूमन भाई बहन के रिश्ते में ये आम बात है किंतु कई बार ये आपसी मनमुटाव इतना बढ़ जाता है कि इतना प्यारा रिश्ता भी खराब सा हो जाता है.तब ये समझ नहीं आता कि किस तरह सब फिर से पहले जैसा किया जाए .अभी भाई बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक राखी का त्यौहार भी आने वाला है ऐसे में हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसे सुझाव जिनकी मदद से आप आपसी मनमुटाव को दूर कर इस स्नेहिल रिश्ते को खूबसूरत बना सकते हैं और अपनों को करीब ला सकते हैं.

1. पहल करने में संकोच न करें

कई बार झगड़ा बहुत ही बढ़ जाता है और तू तू मै मैं इतनी हो जाती है कि दोनों ही का मन खट्टा हो जाता है.लड़ाई बेहद हो जाने पर भी मन की भावनाएँ एक दूसरे के लिए पहले की तरह ही रहती हैं बस दोनों का अहम एक दूसरे से बात करने को रोकता है .ऐसे में आप अपना अहम तुरंत छोड़ कर स्वयं बातचीत की पहल करें फिर देखिए चुटकियों में बात बन जाएगी.

2. नए सिरे से शुरू करें

इसके लिए सबसे पहले ये सोचना बंद करना होगा कि मैं ही सही हूँ क्योंकि किसी भी लड़ाई में थोड़ी थोड़ी ग़लती दोनों पक्षों की होती है.ऐसे में बजाय दूसरे की कमी पर ध्यान रखने के अपनी कमी को पहचानने का प्रयास करें .उसके बाद मन मे ये पक्का करें कि अब ये ग़लती नहीं करेंगे ऐसे में आपका रिश्ता और मजबूत होगा.

3. राज को राज रहने दें

भाई बहन एक दूसरे के सबसे बड़े राजदार होते हैं ऐसी कई बातें होती हैं जो वो सिर्फ एक दूसरे से शेयर करते हैं पर कई बाद क्रोध या आवेश में एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए वो राज की बात किसी के सामने भी बोल देते हैं .ऐसा करने से कुछ समय को तो मानसिक संतुष्टि होती है पर बाद में अपराधबोध होने लगता है.इसलिए इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि ये लड़ाई तो कुछ समय की है पर रिश्ता तो जीवन भर का है इसलिए लड़ाई के झोंके में एक दूसरे के राज सार्वजनिक करने से बचें .इस से रिश्ते में गहराई बनी रहेगी और विश्वास भी मजबूत होगा.

4. कारण जानने का प्रयास

कई बार लड़ाई इतनी लम्बी खिंच जाती है कि हम ये ही भूल जाते हैं कि आखिर ये शुरू क्यों हुई थी .अगर हम ये जानने का प्रयास करें कि झगड़े का मूल कारण क्या था तो उसे सुलझाना आसान हो जाएगा.कारण जानने के बाद यदि लगे कि इसे खत्म किया जा सकता है तो उसका हल करने में देर न करें .एक बात हमेशा ध्यान रखिये कि बड़ा से बड़ा कारण भी भाई बहन के पवित्र रिश्ते के सामने बहुत छोटा है.

5. दें प्यार भरा उपहार

किसी भी रिश्ते को यदि फिर से पहले की तरह स्नेहसिक्त करना है तो उपहार से अच्छा कुछ नहीं हो सकता है.आप अचानक एक सरप्राइज गिफ्ट दे सकते हैं .गिफ्ट महंगा हो जरूरी नही बस प्यार भरा होना चाहिए. जैसे एक दूसरे की पसंदीदा चॉकलेट , कोई पसंदीदा गैजेट, एक ड्रेस या एक फूल भी दिया जा सकता है.या कोई पसंदीदा डिश अगर आपको बनानी आती है तो वो बनाकर खिलाया जा सकता है.

6. जताना भी है ज़रूरी

एक दूसरे को ये जताते रहना भी जरूरी होता है कि वो आपके लिए कितना मायने रखता है. ये रिश्ता आपके लिए अनमोल है और चाहे कितनी भी लड़ाई हो पर अगर कोई मुश्किल आती है तो आप हमेशा एक दूसरे के साथ खड़े होंगे ये विश्वास कायम रखना भी आप ही की जिम्मेदारी है.

अगर आप ये सब बातें जीवन मे अपनायेंगे तो निश्चित ही आपके इस प्यार भरे रिश्ते में चार चाँद लग जाएँगे और ये अटूट बंधन और मजबूत हो जाएगा.

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