भारत में जानवरों और पक्षियों के लिए कई खुले और संरक्षित क्षेत्र मौजूद हैं. चिड़ियाघरों, राष्ट्रीय उद्यानों और अभ्यारण्यों के साथ-साथ मछलीघर और सर्प उद्यान जैसे क्षेत्रों में विलुप्त होते जा रहे प्रजातियों को संरक्षित किया जाता है.
भारत में कई ऐसे मछलीघर स्थित हैं जहां जल जीवों को संरक्षित रखा गया है. हालांकि इस काम को बनाये रखना बहुत ही मुश्किल है, फिर भी कई संगठनों ने इस शानदार काम के जरिये जलीय जीवन को भोजन प्रदान कर उनके लिए उचित वास बनाया है. पर्यटकों का आकर्षक स्थल होने के साथ-साथ कई मछलीघर ऐसे भी हैं जो इन जलीय जीवों को बेचते हैं और इसके लिए उन्हें पर्याप्त खरीददार भी मिल जाते हैं.
चलिए आज हम ऐसे ही कुछ भारत में सबसे प्रसिद्ध मछलीघरों की सैर पर चल जलीय जीवन का लुफ्त उठाते हैं.
बाग-ए-बहु एक्वेरियम, जम्मू
जम्मु का बाग-ए-बहु एक्वेरियम भारत का सबसे बड़ा भूमिगत मछलीघर है. मछली के आकार वाले प्रवेश द्वारा के अंदर घुसते ही आपको विदेशी मछलियों की कई सुन्दर प्रजातियां देखने को मिलेंगी जो आपकी आंखों में एक नई चमक लेकर आएगी. पहाड़ की चोटी पर स्थित इस मछलीघर के आसपास का नजारा भी बहुत ही खूबसूरत है.
तारापोरवाला एक्वेरियम, मुंबई
मुंबई का तारापोरवाला एक्वेरियम भारत का सबसे पुराना मछलीघर है. मरीन ड्राइव के पास ही स्थित होने की वजह से यहां कई समुद्री और ताजे पानी की मछलियां आती हैं. इस मछलीघर में एक खास पूल बना हुआ है जहां दर्शक इन मछलियों को छू कर इनका अनुभव कर सकते हैं और यह मछलियों को हानि भी नहीं पहुंचाता. यहां मछलियों के 400 से अधिक प्रजातियां हैं.
सरकारी मछलीघर, बेंगलुरु
बेंगलुरु का सरकारी मछलीघर, बैंगलोर मछलीघर के नाम से भी जाना जाता है. यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा मछलीघर है. शहर में स्थित कब्बन उद्यान के प्रवेश द्वार में ही स्थित यह मछलीघर कृषि योग्य मछलियों और सजावटी मछलियों की विशाल विविधता का वास स्थल है.
सी वर्ल्ड एक्वेरियम, रामेश्वरम
रामेश्वरम बस स्टैंड के विपरीत ही स्थित सी वर्ल्ड एक्वेरियम रामेश्वरम के प्रसिद्ध आकर्षणों में से एक है जिसे देखना आप मिस न करें. यह समुद्री मछलीघर अपने तरह का इकलौता मछलीघर है जहां आप समुद्री जीवन को देख एक अलग और नए अनुभव का आनंद ले सकेंगे.
मरीना पार्क एंड एक्वेरियम, पोर्ट ब्लेयर
अंडमान निकोबार द्वीप के अनेक आकर्षणों में से यह मछलीघर भी एक है. संग्रहालय की तरह यहां कई मछलियों को संरक्षित कर रासायनिक घोलों में रखा गया है. अगर आप जलीय जीवन के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं तो भारतीय नौसैनिकों द्वारा संरक्षित इस मछलीघर की यात्रा करना न भूलें.