भीषण गरमी के बाद जब मौनसून की पहली फुहार पड़ती है, तो पेड़पौधों, जीवजंतुओं से ले कर मनुष्यों तक सभी खुश हो उठते हैं. और इस बारिश में घूमना एक रूमानी और उत्साहित करने वाला अहसास है.
अगर आपको भी घूमने का शौक है और मौनसून के सीजन में आप शहर से दूर कहीं घूमने की योजना बना रही हैं तो ये जगहें आपको जरूर पसंद आएंगी. मानसून में इन जगहों की खूबसूरती और बढ़ जाती है.
अल्मोड़ा, उत्तराखंड
कुमाऊं एरिया में स्थित अल्मोड़ा में बहुत ज्यादा बारिश नहीं होती लेकिन मौनसून में यह जगह बहुत सुंदर दिखती है. हिमालय की पहाड़ियों से घिरे इस छोटे से शहर को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है. यहां स्थित शिव और बिनसर मंदिर काफी मशहूर है. देवदार के ऊंचे-ऊंचे पेड़ यहां की खूबसूरती को बढ़ाते हैं.
कसौली, हिमाचल प्रदेश
यूं तो कसौली में पूरे साल मौसम सुहाना बना रहता है. कभी भी यहां का तापमान 28 डिग्री से ज्यादा नहीं पहुंचता. यहां लंबे समय तक बारिश भी होती है लेकिन यह इतनी तेज नहीं होती कि आप होटल या कमरे के अंदर ही छुपे रहें. हल्की-फुल्की फौहारें मन को तरोताजा कर देती है.
नांगल वेटलैंड, पंजाब
नांगल लेक के पास स्थित यह जगह सतलुज नदी पर बने भाखड़ा डैम की वजह से बनी है. नदी और खूबसूरत हिल्स से घिरी नांगल वेटलैंड करीब 40 हजार माइग्रेटरी पंछियों का गढ़ है. मौनसून के दिनों में झील और नदी दोनों में खूब पानी होता है और चारों तरफ हरियाली फैली होती है.
भीमताल, उत्तराखंड
नैनीताल और मसूरी के उलट भीमताल बहुत ही शांत जगह है और दिल्ली से महज कुछ ही घंटे की दूरी पर है. भीमताल लेक मुख्य आकर्षण है, जिसके बीच में स्थित आइलैंड पर एक रेस्तरां भी है. यहां का मौसम इतना सुहाना होता है कि अगर आप अपनी कार से जा रहे हैं तो खुद को लॉन्ग ड्राइव से रोक नहीं पाएंगी. आर्ट लवर्स यहां कुमाऊं लोक संग्रहालय भी जा सकती हैं.
जैसलमेर, राजस्थान
दूर-दूर तक पसरे रेगिस्तान की खूबसूरती मौनसून में देखने लायक होती है. बारिश के पानी से छोटी-छोटी झीलें भर जाती हैं और हरियाली भी खूब जम जाती है. बारिश के बाद यहां के महल भी ज्यादा साफ और सुंदर नजर आने लगते हैं. इन पर चढ़कर दूर-दूर तक हरे-भरे राजस्थान को देखना काफी अच्छा लगता है. वैसे लॉन्ग ड्राइव के बीच अचानक बारिश में भीगने का मजा भी यहां मिल सकता है.
फागू, हिमाचल प्रदेश
शिमला से करीब 22 किमी दूर फागू एक सुंदर हिल स्टेशन है. बारिश के मौसम में यहां के जंगल और घाटियां खूब हरी-भरी और खूबसूरत हो जाती है. सेब के पेड़ और ऑर्किड के पौधे खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं. ट्रैकर्स और नेचर लवर्स को यह जगह लुभा जाती है. बंथिया देवता मंदिर पर लोकल लोगों की बनाई खबसूरत लड़की की नक्काशी की चीजें भी मिलती हैं.