आज के समय में कामकाजी महिलाएं टर्म इंश्योरैंस की खरीदारी में सब से आगे हैं, लेकिन हाउसवाइफ भी बाजार का एक बड़ा हिस्सा हैं. यह महिलाओं के बीच टर्म इंश्योरैंस को ले कर बढ़ती जागरूकता और इस के महत्त्व को दर्शाता है. खासकर जब यह ध्यान में रखा जाए कि हाउसवाइफ के लिए टर्म इंश्योरैंस की योजना सिर्फ 3 साल पहले शुरू की गई थी, तो यह देख कर लगता है कि वे महिलाएं, जिन के पास पहले पुरुषों या कामकाजी महिलाओं जैसी फाइनैंशियल फ्रीडम नहीं थी, वह भी अब इन योजनाओं को अपना रही हैं.

महिलाओं के लिए हैल्थ मैनेजमेंट सर्विस

पौलिसी बाजार में टर्म इंश्योरैंस के हेड ऋषभ गर्ग का कहना है, “यह देखना उत्साहजनक है कि महिलाएं टर्म इंश्योरैंस पौलिसी खरीद कर अपनी वित्तीय योजना की जिम्मेदारी खुद उठा रही हैं. हम यह भी सुझाव देते हैं कि उचित कवर राशि के साथ महिलाओं को क्रिटिकल इलनैस के लिए राइडर भी लेना चाहिए.

महिलाओं में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए, इंश्योरैस कंपनियों ने अपने क्रिटिकल इलनैस राइडर में ब्रैस्ट कैंसर, ओवरी कैंसर और सर्वाइकल कैंसर को भी शामिल किया है. यह राइडर शुरुआती चरणों में या कैंसर की प्रारंभिक पहचान होने पर भी वित्तीय मदद प्रदान करता है.

इस के अलावा, कई इंश्योरैंस कंपनियां अब महिलाओं के लिए विशेषरूप से डिज़ाइन की गई हैल्थ मैनेजमेंट सर्विस भी प्रदान कर रही हैं. इन में सालाना ₹36,500 तक के लाभ शामिल हैं, जो टेलीओपीडी परामर्श और डायबिटीज, थायराइड, लिपिड प्रोफाइल, कैल्सियम सीरम और ब्लड टेस्ट जैसी सर्विस कवर करते हैं.”

पौलिसी की खरीदारी में महिलाओं का योगदान अधिक

चाहे कामकाजी महिलाएं हों, चाहे सैलेरीड हों या सेल्फ ऐंपलौइड, टर्म इंश्योरैंस पौलिसी की खरीदारी में इन का योगदान सब से अधिक है. 55-60% पौलिसियां उन के द्वारा खरीदी जा रही हैं. खरीदी गई पौलिसियों में गृहिणियों की हिस्सेदारी 40% है, जो टर्म इंश्योरैंस खरीद में उन की महत्त्वपूर्ण भागीदारी को दर्शाती है.

वहीं कामकाजी महिलाएं टर्म इंश्योरैंस लेने में न सिर्फ सब से आगे हैं, बल्कि वे अपने फाइनैशियल फ्यूचर के बारे में सोचसमझ कर बड़ी कवर राशि भी चुन रही हैं.

₹2 करोड़ या उस से ज्यादा की कवर राशि वाले टर्म प्लान लेने का रुझान 2022 के बाद से लगभग दोगुना हो गया है.

महिलाओं द्वारा सब से अधिक मात्रा में टर्म इंश्योरैंस खरीदने वाले टौप 5 शहर

महिलाओं द्वारा टर्म इंश्योरैंस की खरीद में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बैंगलुरु जैसे प्रमुख मैट्रो शहर आगे हैं, वही गुंटूर की उपस्थिति छोटे शहरों में भी महिलाओं के बीच टर्म इंश्योरैंस की बढ़ती पहुंच को उजागर करती है.

आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली 8 से 10% है, हैदराबाद 6 से 7%, बैगलुरु 6 से 7%, मुंबई 4 से 5% और गुंटूर 4 से 5% है.

महिला टर्म इंश्योरैंस खरीदारों का उम्र के आधार पर विभाजन

टर्म इंश्योरैंस खरीदने वाली जौब वाली महिलाओं की औसत उम्र लगभग 31-32 साल है जबकि हाउसवाइफ की औसत उम्र इस से थोड़ी कम, करीब 30-31 साल है. जौब वाली महिलाएं और हाउसवाइफ, दोनों ही 25-34 साल की उम्र के बीच सब से ज्यादा टर्म इंश्योरैस खरीदती हैं. हालांकि, गृहिणियों में 25 साल से कम उम्र की महिलाओं का प्रतिशत थोड़ा ज्यादा है.

इस का मतलब है कि 20 से 30 साल की महिलाएं टर्म इंश्योरैंस खरीदने में सब से ज्यादा ऐक्टिव हैं. इस उम्र में वे अपने कैरियर और पारिवारिक जीवन की शुरुआत या स्थिरता की ओर बढ़ रही होती हैं, जिस से फाइनैंशियल प्लानिंग और सुरक्षा पर उन का ध्यान ज्यादा होता है.

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