अमेरिकी सरकार ने हाल ही में एक चेतावनी जारी की है कि अमेरिकी नागरिक भारत जाते समय यह ध्यान रखें कि वहां बलात्कार बहुत होते हैं. यह बहुत ही गंभीर बात है कि महान हिंदू सांस्कृतिक राष्ट्र बनने की राह पर चलने वाला देश दुनिया में बलात्कार का केंद्र माना जाए और यह चेतावनी भारत जैसे थोड़े से ही देशों में दी गई है.

भारत के अपने नैशनल क्राइम रिकौर्ड ब्यूरो के अनुसार 2020 में 28 हजार ?बलात्कार के मामले दर्ज किए गए थे. बलात्कार के मामलों में ज्यादातर में लड़कियां खुद ही रेप छिपा जाती हैं और जहां मातापिता को पता चल भी जाए तो वे भी मुंह पर जिप लगा लेते हैं.

भारत में रेप पौराणिक युग से चला आ रहा है और कभी कोई देवता बलात्कारी को दंड देने के लिए अवतरित हुआ, ऐसा नहीं लगता. यहां तो बलात्कार के शक की शिकार को भी दोषी माना जाता है. वह अहिल्या या सीता की तरह दोषी मान ली जाती है और फिर या तो वह पत्थर बन जाती है या फिर उसे घर निकाला दे दिया जाता है.

यह आश्चर्य की बात है कि भारत के भगवा गैंग किसी को भी जय श्रीराम बोलने को मजबूर कर सकते हैं, कहीं भी मांस की बिक्री बंद करा सकते हैं, किसी भी सड़क या किसी की निजी संपत्ति पर मंदिर बना सकते हैं, किसी मसजिद को तोड़ सकते हैं पर बलात्कारी को नहीं पकड़ सकते.

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हाल ही में एक बालगृह में रह रही लड़की ने आरोप लगाया कि 16 वर्ष की आयु में उस का 400 लोगों ने रेप किया था, जिन में कई पुलिस वाले भी थे. क्या भगवाई प्रचारक इन अपराधियों को अपने सुधार करने वाले प्रवचनों से नहीं रोक सकते?

क्या इन अपराधों को रोकने के लिए हर नुक्कड़ पर खाकी वरदी वाले बैठाए जाएं, जबकि हर नुक्कड़ एक तिलकधारी सीताराम का दुपट्टा ओढ़े बैठा है जो दान तो ले रहा है पर क्या आदर्श व्यवहार लागू नहीं कर सकता?

अमेरिकी सरकार की नजर में नेपाल भारत से ज्यादा सुरक्षित है, बंगलादेश, अफ्रीका का मलावी देश ज्यादा सुरक्षित है. अमेरिकी चेतावनी ने अपने नागरिकों को भारत में धार्मिक हिंसा के प्रति भी आगाह किया है कि धर्म परिवर्तन का बहाना बना कर किसी भी विद्यर्मी विदेशी को भारत में निशाना बनाया जा सकता है.

रेप के मामलों में चेतावनी ने सख्त शब्दों में कहा है कि अमेरिकी नागरिकों को इस अपराध को झेलना पड़ सकता है चाहे उन्होंने सही ढंग के कपड़े ही क्यों न पहन रखे हों. अगर अमेरिकी महिला अश्वेत है तो उस के साथ भारत में कुछ ज्यादा ही बुरा व्यवहार रिपोर्ट किया गया है.

अपराध दुनिया में हर जगह होते हैं पर भारत में जितने मंदिर हैं और जितने प्रवचन हो रहे हैं और जितना ज्ञान यहां व्हाट्सऐप और फेसबुक पर बांटा जा रहा है उस से तो हर हिंदू भारतीय विशुद्ध आचरण वाला बन जाना चाहिए था. जो पूजापाठ, ईश्वर भक्ति, चढ़ावा, तीर्थयात्राएं, दानपुण्य भारत में होता है शायद कहीं और नहीं और फिर भी औरतें सुरक्षित न हों यह आखिर कैसे संभव है?

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यह चेतावनी सिर्फ अमेरिकी नागरिकों के लिए ही नहीं है. भारत में शाम ढलते ही भारतीय औरतें घरों में घुस जाती हैं क्योंकि धर्मशास्त्र सुनने के बाद भी सड़कों पर अपराधियों का जाल बिछा रहता है. आखिर क्यों? अगर धर्म सत्य के मार्ग पर चलाने वाला है तो भारत के लोगों को दुनिया के सब से सभ्य इंसान होना चाहिए, अगर धर्म परिवार प्रेम सिखाता है तो भारत में तो पारिवारिक विवाद शून्य के बराबर होने चाहिए. अगर धर्म हर पाप का लेखाजोखा रखने वाला है तो यहां कोई पापी होना ही नहीं चाहिए. मगर यहां तो कुछ और ही हो रहा है. इस का दोष सरकार को दें, पुलिस को दें या इन के ऊपर की शक्ति धर्म के ठेकेदारों को?

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