आज पार्टी, पिकनिक, रेस्तरां में समूह में खाना खाना आम बात है. हर जगह अलग माहौल होता है. अत: हमें कैसा व्यवहार करना चाहिए, क्या शिष्टाचार बरतने चाहिए, इस ओर ध्यान देना आवश्यक है. पहले लोग अपने घर पर ही ज्यादातर आयोजन किया करते थे, किंतु आज रेस्तरां या क्लब में पार्टी करना फैशन बन गया है इन अवसरों पर कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. पहले अपने से बड़ों व छोटे बच्चों को खाना परोसें. खाने की तारीफ में कुछ जरूर कहें. सभी के खाना खत्म करने तक इंतजार करें. अलगअलग जगह खाते समय हमें कैसा व्यवहार करना चाहिए, इस ओर भी ध्यान देने की आवश्यकता है. जैसे हम फैशनेबल दिखने के लिए जीवनशैली में बदलाव ला रहे हैं उसी भांति आधुनिक रंगढंग अपना कर शिष्टाचार व आदतों में भी बदलाव लाना आवश्यक है.
सफर के दौरान शिष्टाचार
यदि आप रेल में सफर कर रहे हैं तब भी मानवीय स्वभाववश आप को शिष्टाचार निभाना चाहिए. जैसे कि ट्रेन में खाना ले जाते समय सावधानी बरतें कि अधिक घी, तेलयुक्त भोजन न हो. रसेदार सब्जी की अपेक्षा सूखी सब्जी ले कर जाएं. जाहिर सी बात है कि ट्रेन में आप बरतन तो धोएंगे नहीं, क्योंकि उसी वाशबेसिन में लोग हाथ धोते हैं, कुल्ला करते हैं. इसलिए पेपर प्लेट, पेपर नैपकिंस, कुछ अखबार इत्यादि साथ ले कर चलें. खाने से पहले अखबार को सीट पर बिछा लें. यदि बच्चे साथ हैं तो पहले उन्हें खाना परोस कर दें. सहयात्रियों से भी औपचारिकता वश खाने के लिए जरूर पूछें, पर जहरखुरानियों के कारण दोबारा न पूछें, न किसी से ले कर खाएं. यदि परिवार के सदस्य एक जगह नहीं बैठे हैं तो सहयात्रियों से अनुरोध कर, खाने के समय तक के लिए आसपास बैठें जिस से एकदूसरे को खाना परोसते समय दूसरे यात्रियों को असुविधा न हो.
थोड़ाथोड़ा खाना लें ताकि अतिरिक्त खाना प्लेट से बाहर जमीन पर या सीट पर न गिरे. पानी के गिलास पहले से भर कर न रखें. यदि चाय पी रहे हों तो अपने कप को हाथ में लें. जिस से चाय बिखरने का खतरा न रहे. खाने के बाद एक सदस्य सभी की प्लेटों को एकत्रित कर एकसाथ खिड़की से बाहर न फेंके ताकि खिड़की के पास बैठे व्यक्ति को परेशानी न हो. अखबार से सीट साफ कर अखबार डस्टबिन में फेंकें व पेपरसोप का प्रयोग कर हाथ धो लें.
रेस्तरां में शिष्टाचार
रेस्तरां में खाने के दौरान भी आप को विशेष प्रकार की सावधानी बरतनी होती है कि वहां सेल्फ सर्विस है, बुफे है या आम रेस्तरां की तरह वेटर आप तक आएगा. सेल्फ सर्विस के लिए दीवारों या नोटिस बोर्ड पर ही मेन्यू लगा होता है, जिसे देख कर आप अपनी आवश्यकतानुसार आर्डर दे कर अपना टोकन नंबर आने तक किसी खाली टेबल पर प्रतीक्षा कर सकते हैं यहां आप को सौस, चटनी, पानी, पेपर नैपकिन, चम्मच, कांटे इत्यादि सभी जरूरत की चीजें स्वयं उठानी होती हैं और खाने के बाद बरतन भी स्वयं ही उठा कर वेस्टबिन (बड़े कंटेनर डस्टबिननुमा) में डालने होते हैं. बुफे है तो आप आम पार्टी की तरह ही वहां भी शिष्टाचार बरत सकते हैं. परंतु यदि आप टेबल पर बैठे हैं तो खाने के इंतजार में कटलरी से आवाज न करें. मेज पर कोहनियां न टिकाएं. छुरी, कांटा इत्यादि गिर जाएं तो जमीन से न उठा कर दूसरा मंगा लें. दिखावे के लिए छुरीकांटे का प्रयोग न करें जैसे कि चपाती, पूरी, नान आदि हाथ से खाना ही उचित लगता है.
यहां भी आप सभी के खाना समाप्त होने की प्रतीक्षा करें. एकसाथ ही टेबल से उठें. कुछ रेस्तरां में घंटी लगी होती है, जिसे जाते समय बजा कर आप प्रशंसा जाहिर कर सकते हैं.
पार्टी में शिष्टाचार
यदि आप किसी पार्टी में आमंत्रित हैं तो शगुन देने के उपरांत, मेजबान से मिल कर भोजन में शामिल हों. स्नैक्स व भोजन एकसाथ न लें. दूसरों की प्लेटों में न झांकें, न ही बच्चों को टोकें कि फलां चीज क्यों ली? अमुक व्यंजन ज्यादा टेस्टी है, इसे छोड़ो, वह ले आओ इत्यादि. ये बातें फूहड़पन को दर्शाती हैं. क्यूब वाले फ्रूट व स्नैक्स पेपर नैपकिन पर ही सर्व किए जाते हैं. लालच में आ कर नैपकिन को पूरा न भर लें. एक बार में एक प्रकार का ही पेय लें और धीरेधीरे आनंद लेते हुए पीएं. यदि आप अकेले आए हैं तो अपने मित्रों को ढूंढि़ए, जिन के वहां मिलने की उम्मीद हो. परिवार या अन्य रिश्तेदारों के साथ आए हैं तो भोजन भी उन के साथ ही कीजिए.
खाते समय हलकफुलका मजाक या औपचारिक बातें ही शोभा देती हैं. नुक्ताचीनी निकालना या दूसरों के पहनावे व साजशृंगार की बुराइयां करना शोभा नहीं देता अपितु आप के भीतर की कुंठा को उजागर करता है. थोड़ाथोड़ा हर व्यंजन को चखें. सभी को भर कर प्लेट में न उड़ेलें. आप के साथियों ने खत्म न किया हो और आप का भोजन समाप्त हो जाए तो स्वीट डिश खाने के लिए उन सभी का इंतजार करें, जो आप के साथ खा रहे थे. अंत में मित्रों से विदा ले कर मेजबान से विदा लें और प्रशंसा में कुछ वाक्य जरूर कहें.
पिकनिक पर भोजन के समय शिष्टाचार
पिकनिक पर भी खाने के दौरान आप निम्न बातों का ध्यान रखें. सभी के इकट्ठा होने तक इंतजार करें, अकेले ही खाना शुरू न करें. यदि कोई व्यंजन आप की पहुंच से दूर हो तो उस के पास बैठे व्यक्ति को डिश पास करने के लिए कहें, स्वयं हाथ न बढ़ाएं. मुंह बंद कर के खाएं, आवाज न निकालें. यदि दूसरे की प्लेटें से लेना हो तो साफ चम्मच का प्रयोग करें. अपना जूठा चम्मच दूसरे की प्लेट में न डालें. खाने के बाद बरतन समेटने में, सामान पैक करने में, फ्रूट काटने में सभी की मदद करें. खाली बोतलें, पोलिथीन, नैपकिन इत्यादि एक जगह इकट्ठा कर के डस्टबिन में ही फेंकें.
कैंटीन में चाय के दौरान शिष्टाचार
कैंटीन में अकसर लोग पेय पदार्थों के लिए ही आते हैं वहां चायकौफी पीते समय आवाज न निकालें. चुसकियां ले कर पीना असभ्यता का प्रतीक है. चीन में यदि पीते समय मुंह से आवाज निकल जाए तो शुभ माना जाता है. स्नैक्स खा रहे हैं तो उंगलियां गंदी न करें. उत्तर भारतीय शिष्टाचार के मुताबिक उंगलियों के पोर तक ही ग्रेवी लगना उचित है, किंतु दक्षिण भारतीय शिष्टाचार के अनुसार अपने हाथ व उंगलियों का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग कर सकते हैं. यह खाने के प्रति सम्मान को दर्शाता है. कैंटीन में ज्यादातर आप के जानने वाले लोग ही होते हैं. यदि आप खा रहे हैं और कोई जानने वाला पास से गुजरता है तो औपचारिकतावश उसे भी खाने के लिए पूछें. यदि कूपन द्वारा खाना या चाय मिलता है और कोई आप से बड़ा है या महिला है तो पहले उन के लिए ले कर आएं. वहां के वेटर भी रोज के मिलने वाले ही होते हैं. उन्हें वेटर कह कर संबोधित न करें, नाम पूछ सकते हैं या कैप्टन कह कर संबोधित करें. यदि बिल लाने को कहना है तो ‘चैक प्लीज’ कह कर बिल मांगें. कुछ क्लबों या कैंटीन में चाय, खाने व ड्रिंक्स का निश्चित समय होता है और 10 मिनट पहले घंटी बज जाती है, इस ओर ध्यान दें अन्यथा बैठे न रहें. कहींकहीं कांच की टेबल होने के बावजूद वहां टेबल मैट्स नहीं होते तो आप अपनी प्लेट के नीचे पेपर नैपकिन रख सकते हैं. ताकि आप की प्लेट आवाज न करे, न ही हिले.
स्पेशल बैंक्वेट में भोजन के शिष्टाचार
ये खास लोगों के सम्मान में आयोजित किए जाने वाले खास मौके के आयोजन होते हैं. इसलिए इस में अतिविशिष्ट सावधानियां बरतें, जैसे कि किसी महारानी के आगमन पर देश की सरकार की ओर से या किसी अफसर की ओर से दिया जाने वाला भोज. यहां जाने से पहले इन के आमंत्रणपत्र को भी भलीभांति पढ़ें. यदि उत्तर मांगा गया है तो उचित उत्तर भी दें जैसे कि आप मांसाहारी हैं या शाकाहारी? आप के जीवनसाथी आप के साथ जा रहे हैं या आप अकेले ही जाएंगे? इत्यादि. कई बार ड्रेस कोड दिया जाता है कि फलां रंग ही पहन कर आएं. इन बातों पर अवश्य ध्यान दें. ये औपचारिक अवसर होते हैं, इसलिए बच्चों को न ले जाएं.
यदि ड्रेस कोड नहीं दिया जा रहा और आप मर्द हैं तो सूट के साथ टाई लगा कर और महिला हैं तो साड़ी पहन कर जा सकते हैं. यहां समय की पाबंदी होती है, इसलिए समय से पहुंचें. खाना लेते समय यदि कोई महिला आप के पीछे है तो पहले उसे प्लेट उठा कर दें. भोजन के उपरांत किसी को कार तक छोड़ने जा रहे हैं और वे महिला हैं तो उन के लिए कार का दरवाजा खोलें. यदि खाने में विभिन्न प्रकार की खाद्य शैलियां हैं तो एक बाद में एक प्रकार का ही भोजन लें जैसे कि चाइनीज के साथ मैक्सिकन मिक्स न करें. यहां प्लेट सिस्टम होता है, इसलिए थोड़ाथोड़ा लें, फिर दोबारा उसी में खाना ले सकते हैं.