गुरुग्राम में शनिवार और रविवार की सुबह का नजारा गजब का होता है. वंचित परिवारों के बच्चे हाथ में किताब और कॉपी लिए तंग गलियों से होते हुए एक स्थान पर जमा होते हैं. नए आने वाले लोगों के लिए यह बड़ा ही रोचक होता है, लेकिन यहां रहने वाले लोग लंबे समय से यही देख रहे हैं.
समाज को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे वंचित परिवारों या आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को पढ़ा-लिखाकर उन्हें मुख्य धारा में लाना अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह एक बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है. इस जिम्मेदारी को पूरा करने का बीड़ा उठाया है संस्था ‘उपाय’ ने, जो शहर के विभिन्न इलाकों में ऐसे परिवारों के बच्चों को पढ़ाती है.
रविवार को बाल दिवस के उपलक्ष्य में ताऊ देवीलाल स्टेडियम में संस्था के विभिन्न सेंटरों में पढ़ रहे बच्चों के लिए खेल व बौद्धिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इस दौरान बच्चों ने लगन व मेहनत के साथ विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया.
इस दौरान ‘उपाय’ की सोहना सेंटर हेड सपना त्यागी, वॉलेंटियर शर्मिली गोयल, अनन्या गर्ग, अंकित, अनमोल ने बताया कि, उनकी संस्था ‘उपाय’ ने विभिन्न सेंटरों पर पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए बाल दिवस के उपलक्ष्य में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया. इनमें लेमन रेस, खो-खो, क्वीज कम्पटीशन, टैलेंट शो (डांस, गीत-संगीत व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां) और एक्सटेंपोर (किसी भी चयनित विषय पर बच्चों के विचार जानना) आदि को शामिल किया गया. इन प्रतियोगिताओं में सभी बच्चों ने भाग लिया. विजेता बच्चों का पुरस्कृत भी किया गया.
सपना त्यागी ने बताया, देश में उनकी संस्था आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए उनके ही निवास के आसपास करीब 60 स्कूल चलाती है. गुरुग्राम में सिकंदरपुर, सेक्टर 51 में दो और सोहना रोड स्थित वाटिका चौक पर स्कूल चलता है. रविवार को अवकाश पर बाल दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों के लिए खेल व बौद्धिक जांच संबंधी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया.
सपना त्यागी ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से बच्चों में मनोबल बढ़ता है. समाज में अन्य बच्चों को लेकर उनमें हीन भावना का उभार नहीं होता. वे अपने को किसी से भी कम नहीं समझते. इन्हीं सब उद्देश्यों को लेकर अक्सर महत्वपूर्ण दिवसों पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होता रहता है.
साल 2011 में आईआईटी खड़गपुर से शिक्षा प्राप्त वरुण श्रीवास्तव ने उपाय फुटपाथशाला की शुरूआत की. आईआईटी की ही पासअाउट आकांक्षा स्वर्णिम ने साल 2016 में गुरुग्राम में फुटपाथशाला की शुरुआत की. आज दिल्ली और एनसीआर में कुल 6 सेंटर चलते हैं जिनमें 500 बच्चे मुफ्त में शिक्षा प्राप्त करते हैं.
‘उपाय’ के सचिव मनीष विजय ने बताया कि हम उन्हें मुफ्त में कुछ दान करने बजाय उन्हें पढ़ा लिखा कर आत्म सम्मान से अपने लिए कमाने को प्रोत्साहित करना चाहते हैं. यहां अधिकतर वो बच्चे हैं जो कभी स्कूल गए ही नहीं. इस प्रयास के तहत हमारी कोशिश है ज्यादा से ज्यादा बच्चों को साक्षर बनाने की.