1. ब्लैक डेथ (1347-1353 )
14 वी शताब्दी में पूर्वी एशिया से उत्पन्न हुआ यह बीमारी काले जहाज पर काले चूहो पर सवार हो कर एक महामारी के रूप यूरोप पहुंच. पुरे यूरोप में कोहराम मचा कर रख दिया. इस दौरान 7 करोड़ से 10 करोड़ लोगों की मौत हुई थी. यह महामारी अभी तक का सबसे भयानक कहा जाने वाला महामारी है . इसे ग्रेट प्लेग, ब्लैक प्लेग या ब्लैक डेथ के नाम से भी जाना जाता है. यह महामारी यूरोप में 1347-1353 के दौरान फैला और यूरोप के मौत का इतिहास लिखते हुए बीत गया .
2. बुबोनिक प्लेग ( 1720 )
18 वी शताब्दी के शुरुआत में साल में ही 1720 फ्रांस कई शहरों में फैला प्लेग जल्द ही महामारी के रूप में बदल गई . फ्रांस के मार्सिले, पर्शिया और इजिप्ट शहर में इस बीमारी से 2 लाख लोग मरे गए . इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए कुल 100,000 लोगों की हत्या की गई. यह संख्या उस वक्त दुनिया की पूरी जनसंख्या का 20% हुआ करती थी. इसका खौफ इतना था कि लोग किसी भी चीज को छूने तक को भी घबराते थे.
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3. तीसरा हैजा (1846–60)
19 शताब्दी के शुरुआत में यह बीमारी भारत से (1837 ) शुरू हुई और शताब्दी के मध्य ( 1863 ) बिट्रेन तक पहुंच कर ख़त्म हुआ . एशिया से शुरू हुआ यह बीमारी महामारी बन कर यूरोप,अफ्रीका ,उत्तरी अमेरिका के देशों में फ़ैल गई . करीब 1 लाख से अधिक लोग भारत में ही मरे गए . रूस मे करीब दस लाख लोगों की जान गई थी. तो अकेले ब्रिटेन में करीब 30 हजार लोगों की मौत हुई . अमेरिका में भी 5 हजार से अधिक लोग मरे गए. हैजा ने 18-19 वी शताब्दी में बहुत कोहराम मचाया, इसके कुल सात प्रकार हुए , जिसमें तीसरे प्रकार का हैजा ने बहुत अधिक कोहराम मचाया .
4. स्पेनिश फ्लू (1918-20)
20वीं सदी में जब पूरा विश्व दो गुटों में बट गया था ,प्रथम विश्व युद्ध अपने ख़त्म होने वाला था . उसी समय विश्व में एक बीमारी ने जन्म लिया और कुछ ही दिनों में यह एक वैश्विक महामारी बन कर उभरा . यह महामारी स्पेनिश फ्लू के नाम से जाना गया . इसका फैलाव इनफ्लूएंजा ए H2N2,नमक वायरस से हुआ. इसका सबसे पहला मामला अमेरिका के कन्सास में जनवरी 1918 में सामने आया था. विश्व युद्ध के दौरान जब सेनाएं एक देश से दूसरे देशों में गई तो ये बीमारी भी तेजी से फैलती चली गई. करीब सात वर्षों तक ये लोगों की जान लेता रहा. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक इसकी वजह से पूरी दुनिया में 20 लाख लोगों की जान गई थी. वही पूरी दुनिया में करोड़ लोग इसके चपेट में आये . 1918 में स्पेनिश फ्लू से शुरू हुआ फ्लू का दौर, 2009 में स्वाईन फ्लू तक चलते रहा , इस दैरान करोडो लोग इससे प्रभावित हुए .
5. 1950 में इनफ्लूएंजा ए H2N2,नामक वायरस से एक बीमारी फैली जिसे ‘एशियन फ्लू‘ कहा गया . यह बीमारी फैलते गया और वैश्विक महामारी बन गया, करीब सात वर्षों तक ये लोगों की जान जाता रहा. चीन के दक्षिण में स्थित शहर ‘गुइयांग’ से इसका शुरुआत गया . यह बीमारी सिंगापुर के रास्ते हांगकांग होते हुए अमेरिका तक जा पहुंचा. अमेरिका में ही इसकी वजह से करीब 70 हजार लोगों की मौत हुई थी. ब्रिटेन में इसकी वजह से 3500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक इसकी वजह से पूरी दुनिया में 20 लाख लोगों की जान गई थी. इस का जुड़ाव भी 1918 के स्पेनिश फ्लू से था .
6. 20वी सदी में फैली तीसरी सबसे बड़ी महामारी ‘हांगकांग फ्लू‘ था. इसकी शुरुआत हांगकांग से ही हुई थी. इसका पहला मामला 13 जुलाई 1968 को हांगकांग में सामने आया था. यह इनफ्लुएंजा वायरस (एच3एन2 ) से फैला था .इस दौरान अमेरिका एशिया क्षेत्र में अधिपत्य के लिए वियतनाम युद्ध में एशिया देशों के साथ युद्ध लड़ रहा था .इसी बदौलत बीमारी एशिया से अमेरिका तक में पहुंच गया. साथ -साथ अफ्रीका, उत्तरी आस्ट्रेलिया, यूरोप में भी बहुत प्रभावित किया. सबसे ज्यादा प्रभाव एशिया में था. एशिया के देश वियतनाम, सिंगापुर, भारत, जापान, फिलीपींस इस इस बीमारी के बृहद फैलाव था. इस का जुड़ाव भी 1918 के स्पेनिश फ्लू से था . इसमें करीबन 10 लाख लोगों की मौत हुई थी. अकेले हांगकांग में इसकी वजह से 5 लाख लोग प्रभावित हुए थे.अमेरिका में इनकी संख्या 34 हजार के करीब थी.
7. साल 2009 में सूअर से मनुष्य में पहुंचने वाला एक और बीमारी सामने आया जिसे ‘एच1एन1 या स्वाइन फ्लू‘ कहा गया. इसका फैलाव इतना तेजी से हुआ कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसको पांचवा वैश्विक माहमारी घोषित कर दिया. पुरे विश्व में इसका फैलाव देखने को मिला . इस फ्लू का भी संबंध 1918 के फ्लू से था .
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8. कोरोना (2019 – 2020)
21 शताब्दी के पहला ऐसा बीमारी है , जों महामारी बना और इसका संबंध वर्षो बाद स्वाइन फ्लू से नहीं है. कहा जाता है यह बीमारी सांप या चमगादड़ से मानव शरीर में आया . इस बीमारी का शुरुआत चीन के वुहान शहर (2019 के मध्य दिसंबर) से हुआ. कोरोना वायरस (COVID-19) की बीमारी, सक्रमण से फैलती है. यह एक नए वायरस की वजह से होती है. इस बीमारी की वजह से सांस की बीमारी (जैसे कि फ़्लू) होती है. अभी तक दुनिया के 198 देश में इसका फैलाव हो चूका है . इस महामारी के चपेट में अभी तक आठ लाख लोग आ गए है . वही 50 हजार लोगो का मौत हो चुका है . इसका फैलाव जारी है .