फिल्म इंडस्ट्री जो पतिव्रता पत्नी, प्यार के लिए जान देने वाली प्रेमिका या प्रेमी जैसी प्रेम गाथा जहां फिल्मों में दिखाते हैं वही असल जिंदगी में इनका प्यार चाइना के माल की तरह होता है. चले तो चांद तक और ना चले तो शाम तक, जिसके चलते असल जिंदगी में कलाकारों की शादी की कोई गारंटी नहीं है. जिसका भुगतान, ज्यादातर पत्तियों को गुजारा भत्ता के रूप में करोड़ों रुपए देकर चुकाना पड़ता है फिर भले पत्नी कमाऊ ही क्यों ना हो.
चाहे फिर वह रितिक रोशन सुजैन खान हो, या अरबाज खान और मलाइका अरोड़ा हो. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आज के समय में बेवफाई के क्या मायने हैं? पति का किसी दूसरी औरत के साथ हम बिस्तर होना? या पत्नी को छोड़कर किसी दूसरी औरत के साथ ज्यादा समय बिताना या शादीशुदा होते हुए पहली पत्नी के सारे हक को छीनकर दूसरी पत्नी की झोली में डाल देना? और पहली पत्नी को पैर की जूती मानकर उसका तिरस्कार करना? अगर ऐसा नहीं है.
पति अगर पहली पत्नी को पूरा खर्चा दे रहा है पूरा सम्मान दे रहा है और फिर दूसरी पत्नी को भी अपने साथ रखता है तो क्या यह बेवफाई नहीं है? क्योंकि यह कई सालों से चला आ रहा है कि एक राजा अपने महल में कई रानियां रखता था यहां तक की शाहजहां जिन्होंने मुमताज के लिए ताजमहल बनाया था उनकी भी 14 रानियां थी. जिसमे मुमताज 13 वी पत्नी थी और मुमताज की मौत के बाद शाहजहा १४ वी शादी भी की थी. उस दौरान की पौराणिक कथाएं हो या ऐतिहासिक कहानी इन सभी में एक राजा की कई सारी रानियां होती थी. अगर आज की बात करें तो फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े भी कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने दो शादियां की है जैसे के सलमान के पिता सलीम खान, धर्मेंद्र, सैफ अली खान, और हाल ही में अरमान मलिक जो बिग बौस ओटीटी में दो बीवियों को लेकर बड़े गर्व के साथ पधारे है इन सभी ने एक से ज्यादा शादियां की है.
अरमान मलिक जो दो बीवियों के साथ रहते हैं उन्होंने अपनी सफल शादी का राज बताया कि उन्होंने अपनी पूरी प्रौपर्टी दोनों बीवियों के नाम कर दी है. इसी के चलते अरमान मलिक की दो पत्नियों सौतन की तरह नहीं बल्कि दो बहनों की तरह साथ रहती हैं. इन सभी ने दो या दो से ज्यादा शादियां की है. इनमें से कई की पत्नियां तो एक साथ भी रह रही है. और जिन फिल्म वालो ने दूसरी शादी नही की वो अनैतिक संबंध के साथ दूसरी औरत के साथ बिना शादी किए रह रहे हैं. तो क्या यह बेवफाई नहीं है?
प्यार और शादी के मामले में फिल्म वालों का दोगलापन….
बहुत पहले एक गाना आया था यार दिलदार तुझे कैसा चाहिए प्यार चाहिए कि पैसा चाहिए…. अगर इस गाने पर गौर किया जाए तो इसमें शादी के समझौते वाले रिश्ते की सच्चाई छुपी है और वफादारी और बेवफाई की परिभाषा भी छिपी है अर्थात अगर पति-पत्नी को सारी सहूलियतों के साथ पैसे और प्रौपर्टी दे कर दूसरी पत्नी को भी साथ रखता है, तो वह बेवफा नहीं है. लेकिन अगर वही पति पहली पत्नी का तिरस्कार करके उसका हक मार कर दूसरी पत्नी के साथ उसको सब कुछ देकर उसके साथ जीवन बिताता है तो वह बेवफा है. क्योंकि एक सच यह भी है कि सिर्फ प्यार के साथ जीवन नहीं चलता और अगर पैसा है तो एक आदमी की एक बीबी क्या चार बीवी भी हो तो किसी को किसी से कोई फर्क नहीं पड़ेगा.ये शादी के रिश्ते में दोगलापन नहीं है तो और क्या है .