भारत में ऐसा माना जाता है कि लड़के अकसर लड़कियों के साथ छेड़खानी करते हैं, उन पर फब्तियां कसते हैं, अश्लील इशारे या फिर शारीरिक टीजिंग करते हैं. बेचारी लड़कियों को हर जगह ऐसी छेड़छाड़ का शिकार अकसर होना पड़ता है.
पर यह तसवीर का एकतरफा पहलू है. तसवीर का दूसरा पहलू यह बताता है कि न केवल लड़कियों को लड़कों द्वारा छेड़ा जाना अच्छा लगता है बल्कि मौका मिलते ही वे खुद लड़कों से छेड़खानी करने से बाज नहीं आतीं.
सुरेश अपनी बहन का एडमिशन फौर्म भर कर उसे कालेज में जमा करवाने गया. वह गर्ल्स कालेज था. हर तरफ लड़कियां ही लड़कियां नजर आ रही थीं.
सुरेश ने झिझकते हुए एक शरीफ सी नजर आने वाली लड़की से फौर्म जमा कराने की खिड़की के बारे में पूछ लिया तो उस लड़की ने उसे इशारे से जगह बता दी.
सुरेश लड़की की बताई जगह पर पहुंचा तो वहां उसे कोई नजर नहीं आया. वह जाने के लिए मुड़ा तो 3-4 लड़कियों ने उसे घेर लिया.
‘‘हाय, हैंडसम, इतनी भी क्या जल्दी है जाने की. जरा हमारे पास तो बैठो,’’ कहते हुए उन लड़कियों ने उसे जकड़ लिया. एक लड़की उस का इस तरह वीडियो बनाने लगी कि सुरेश का चेहरा दिखे पर लड़कियों का नहीं.
सुरेश की समझ में नहीं आ रहा था कि यह हो क्या रहा है, इतने में वह लड़की आ गई जिस ने फौर्म जमा करवाने की जगह बताने के बहाने उसे यहां भेजा था.
सुरेश सब समझ गया. उस लड़की और उस की सहेलियों ने मिल कर उस की वह हालत की कि बेचारा किसी तरह खुद को और अपने कपड़ों को संभाल कर भागा. उस के बाद वे लड़कियां उस से खूब कौफीपकौड़े खाती रहीं.
बहुत समय बाद मेरे एक और दोस्त कंकर ने यह बात मुझे एकांत में बताई कि किस तरह बलात्कार पर उतारू उस के साथ की कालेज गर्ल्स से उस ने खुद को बचाया था. यहांवहां काटने, छीना?ापटी के निशान खुद अपनी कहानी कह रहे थे. उसे क्लासरूम में उन लड़कियों ने घेर लिया था और पैंट तक उतार दी थी.
एक अन्य घटना में होस्टल में रहने वाली लड़कियों ने शहर के पेस्ट्री वाले से फोन कर के एक केक मंगवाया. पेस्ट्री वाले के यहां से जो सेल्समैन केक ले कर होस्टल पहुंचा. वह
18-19 साल का स्मार्ट लड़का था. और्डर देने वाली लड़की ने उस से कहा कि वह केक मेज पर रख दे और वहीं बैठ कर थोड़ा इंतजार करे, तब तक वह पैसे ले कर आती है.
5-7 मिनट बाद ही 3-4 लड़कियां वहां आईं. उन्होंने केवल अंडरगारमैंट्स ही पहन रखे थे. उन्होंने रूम को अंदर से लौक कर दिया और सेल्समैन लड़के के यहांवहां हाथ लगाने लगीं.
उस ने विरोध किया तो लड़कियों ने कहा कि अगर उस ने उन के साथ सैक्स से इनकार किया तो वे शोर मचा देंगी कि तुम गलत हरकत कर रहे थे.
कहना न होगा कि उन लड़कियों ने मिल कर उस का वह हाल किया कि बेचारे को कुछ दिन अस्पताल में रहना पड़ा. अकेले में एक लड़के के साथ वासना के वार में अंधी उन लड़कियों का अत्याचार का किस्सा दिल दहलाने वाला था.
अकेले ही नहीं, सार्वजनिक स्थानों पर भी लड़कियां अपने हावभाव, चेष्टा और वेशभूषा से लड़कों को उकसाती हैं कि वे उन्हें छेड़ें. इस तरह की दलित इच्छाओं का प्रदर्शन पहले जहां लड़कों द्वारा किया जाता था वहीं आजकल लड़कियां भी इस मामले में पीछे नहीं हैं.
लड़कियों के पास आज दोहरा हथियार होता है, खुद के साथ छेड़छाड़ हो तो वे लड़की बन कर सहानुभूति बटोर सकती हैं. लेकिन अगर वे ही खुद छेड़खानी पर उतर आएं तो भी कोई यकीन नहीं करता. सभी मामलों में दोषी लड़कों को ही ठहराया जाता है. जालंधर की नवंबर 2022 की घटना है जिस में 4 लड़कियों ने पता पूछने के बहाने एक लड़के को गाड़ी में घसीट लिया और फिर उस का जबरन रेप किया. जालंधर की लैदर कौंप्लैक्स रोड की इस घटना पर पुलिस ने कुछ किया या नहीं, यह पता नहीं चला क्योंकि लड़के इस तरह की शिकायतों को ज्यादा चलाते नहीं हैं.
उलटे, अगर लड़का ऐसी शिकायत ले कर कहीं जाए तो बेचारा खुद ही हंसी का पात्र बन जाता है. इस डर से वह चाह कर भी अपने साथ हुईर् ज्यादती का जिक्र किसी के सामने नहीं कर पाता और लड़कियां पाकसाफ बच जाती हैं.
जरूरत इस बात की है कि हर मामले के दोनों पहलुओं पर विचार करने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाए. अगर पीडि़त लड़की हो सकती है तो लड़का भी ऐसी ज्यादती का शिकार हो सकता है.