आयरलैंड की सड़कों पर इन दिनों महिला, वकील और एक्टिविस्ट हाथ में पैन्टीज लेकर घूम रहे हैं और साथ में हैं तख्तियां जिस पर मोटे-मोटे अक्षरों में लिखा है #ThisIsNotConsent यानी यह सहमति नहीं है. यह हैशटैग कुछ ही दिनों में पूरी दुनिया में फैल गया है जहां लोग अपने अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स के जरिए थोंग्स (एक तरह की डोर वाली पैंटी) की पिक्स के साथ #ThisIsNotConsent की पोस्ट शेयर कर रहे हैं. महिलाओं के अंतःवस्त्रों को लेकर पूरे देश में आन्दोलन क्यों छिड़ गया है, आइये जानते हैं.
रेप, कोर्ट और वकील की घटिया दलील
हुआ यूं की आयरलैंड की एक अदालत में 17 साल की लड़की से साथ हुए रेप को लेकर बहसबाजी चल रही थी. बलात्कार के इस मुकदमे में आरोपी (27 वर्षीय युवक) के वकील ने पीड़ित लड़की की की पैंटी (थोंग- डोर वाली पैंटी) का जिक्र करते हुए अपने मुवक्किल को बचा लिया. बस इसी बात को लेकर लोगों ने पैंटी लहराकर जज के इस फैसले का विरोध कर डाला. देखते देखते आयरलैंड की तमाम महिलाएं विरोध में एक साथ सड़कों पर उतर आयीं. उनके साथ पुरुष भी सड़कों पर प्रदर्शन करते दिखे.
#ThisIsNotConsent
9 नवंबर को आये इस फैले में जज को और जूरी को संबोधित करते हुए बचाव पक्ष की वकील एलिजाबेथ ओ’कौनेल ने पीड़ित लड़की का अंडरवियर दिखाते हुए कहा कि, ‘आप इसे देखिये, देखिये कि इस लड़की ने कैसे अंडरगारमेंट पहने थे. उसने एक Thong (डोर वाली पैंटी) पहनी थी. इससे साफ जाहिर है कि लड़की इस लड़के के प्रति आकर्षिंत थी और और जो भी हुआ वह सहमति से हुआ.’ उसने यह आरोप भी लगाया कि क्यों कि पीड़िता आरोपी के प्रति आकर्षित थी इसलिए इसलिए सारे सबूत खारिज हो सकते हैं. सबसे अजीब और त्रासद यह है कि इस दलील के बाद कोर्ट ने मामले में आरोपी को बरी कर दिया है. बस इसी बात को लेकर हंगामा शुरू हुआ कि किसी के कपड़े पहनने के अंदाज से उसकी रजामंदी का अंदाजा कैसे लगाया जा सकता है. उनका कहना है कि #ThisIsNotConsent, यानी ‘यह सहमति नहीं है.’
संसद में भी लहराई
विरोध सिर्फ सड़कों तक ही सीमित नहीं रहा. बल्कि जब आयरलैंड की महिला सांसद रूथ कौपिनगर ने यह मामला वहां की संसद में भी उठाया तो दुनिया भर की राजनीति में यह मामला गरमा गया. एक और महिला समूह I Believe Her ने भी अपने समर्थकों को इस निर्णय के विरोध के रूप में अपनी अपनी पैंटी की तस्वीरें साझा करने के लिए बुलाया. राजधानी डबलिन में महिला प्रदर्शनकारियों ने सिटी सेंटर पर वीमेन अंडरवियर लटकाकर प्रदर्शन किए. कौर्क में एक प्रदर्शनकारी कोर्ट रूम में ही पैंटी लेकर चली गई. कौर्क सेक्शुअल वौइलेंस सेंटर की डायरेक्टर मैरी क्रिली कहती है हमारा सवाल इस पर नहीं है कि बैरिस्टर ने क्या कहा. सवाल उस व्यवस्था पर भे एही जोया ऐसी जिरह को स्वीकारता है.’
फीते वाली पैन्टीज से इंडियन पिंक चड्डी तक..
यह इस तरह का पहला मामला नहीं है. इस से पहले भी इस तरह के प्रोटेस्ट हो चुके हैं. रूस और कज़ाखस्तान के यूरेशियन में सिंथेटिक फीते के अंडरवियर के आयात, उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध के विरोध में जब महिलाएं सिर पर फीते वाले अंडरवियर पहनकर लिबर्टी फौर पैंटीज के नारे लगा रही थी तो करीब 30 से ज्यादा महिलाओं को जेल में डाल दिया गया. भारत में इसी तरह का एक कैम्पेन चला था जिसका नाम था पिंक चड्ढी अभियान. यह अभियान कट्टरपंथियों के विरोध में था जब बेंगलुरु में भारतीय संस्कृति की रक्षा के नाम पर श्रीराम सेना संगठन ने कुछ लोगों ने पब में लड़कियों की सरेआम पिटाई कर डाली.
बुर्का, पैंटी हो या साड़ी...
भारत में रेप की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. भारत में 57 फीसदी अपराध में कपड़ों को भी जिम्मेदार माना जाता है. दरअसल मामला सोच का है. भारत में भी जब जब रेप या छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं लोग यही दलील देते हैं कि लड़की ने छोटे या भड़काऊ कपड़े पाहने थे, ऐसा इसलिए हुआ होगा. दरअसल यह मामला छोटे कपड़ों का नहीं बल्कि छोटी सोच का है. वर्ना जिन देशों में कपड़े बड़े होते हैं वहां महिलाओं के प्रति अपराध क्यों बढ़ जाते हैं. बात कपड़ों के है तो बुरका पहनने वाली महिलाओं के साथ रेप क्यों हो जाता है. सच तो यह यह कि आप चाहे जैसे कपड़े पहन लो लोग अपनी नियत और आंखों से नंगा कर देते हैं.
यही वजह है कि देश दुनिया में बुर्काधारी, नवजात, बच्ची और बड़ी-बूढ़ी महिलाएं कोई भी यौन शोषण से अछूती नहीं है. उस पर तुर्क यह कि लड़की की स्कर्ट छोटी तो मतलब उसका चरित्र खराब. संस्कृति, संस्कार का वास्ता देकर लड़कियों की आजादी पर अंकुश लगाया जाता है. स्कर्ट या कपड़े छोटे बड़े नहीं छोटी या बड़ी सोच होती है. पांव को पूरी तरह ढकने वाली स्कर्ट से लेकर घुटने के ऊपर वाली स्कर्ट तक, साड़ी हो या लहंगा या घाघरा, यौन शोषण करने वाला कपड़े नहीं देखता. फिर चाहे वह इंडिया का हो या आयरलैंड.
सोच के मामले में आयरलैंड के वकील, वो भी महिला की ऐसी दलील सुनकर शर्म और गुस्सा दोनों आता है.