मैं 22 वर्षीय युवती हूं. मैं ने प्रेमविवाह की है. विवाह को 3 वर्ष हो चुके हैं. शादी के महीने भर बाद ही मैं ने अपने पति को किसी अन्य लड़की से बातें करते हुए सुना. उस बात को ले कर हमारी अब तक रोज लड़ाई होती है. अब मेरे जीवन में भी कोई मुझे चाहने वाला आ चुका है. वह मेरे भाई का दोस्त है और मुझ से 1 साल छोटा है. उस ने मुझे बताया कि वह मुझे मेरे विवाह से पहले से चाहता है पर मैं ने कभी उस की ओर ध्यान नहीं दिया. अब जब उसे सब बातों का पता चला तो उस ने अपने प्रेम का इजहार किया. वह मुझ से शादी करने को तैयार है. कृपया बताएं मुझे क्या करना चाहिए?

पतिपत्नी का रिश्ता आपसी विश्वास पर टिका होता है. फिर आप ने तो प्रेमविवाह किया है. बावजूद इस के शादी के मात्र महीने भर बाद ही आप पति पर शक करने लग गईं. इसी वजह से आप का पति से झगड़ा रहता है, जो बहुत ही गलत है. आप के पति ने आप से प्यार किया और फिर विवाह. ऐसे में आप को भरोसा होना चाहिए कि वे सब से ज्यादा आप को ही चाहते हैं. शादी हो जाने का मतलब यह नहीं कि पति किसी और लड़की से बात न करे.

यदि आप को ईर्ष्या हुई थी तो भी उसे जाहिर नहीं करना चाहिए था. अब भी यदि आप सुखी दांपत्य जीवन चाहती हैं, तो शक को दिमाग से निकाल दें और पति से सामान्य व्यवहार करें. चूंकि आप उन की ब्याहता हैं, इसलिए असुरक्षा की भावना मन से निकाल दें. अपने भाई के दोस्त की हमदर्दी को प्यार न समझें. वह अवसरवादी लगता है वरना आप को झूठे सब्जबाग न दिखाता.

मैं 34 वर्षीय विवाहिता हूं. पति के साथ सहवास करते मुझे रक्तस्राव हुआ, जिस से मैं बहुत भयभीत हूं. उस दौरान मुझे मासिकधर्म से निवृत्त हुए 10 दिन बीत चुके थे. ऐसा अब तक 2 बार हो चुका है, लेकिन अभी तक मैं ने किसी डाक्टर से परामर्श नहीं किया है. कृपया बताएं कि यह आम बात है या फिर यह किसी बीमारी का लक्षण है? और क्या मुझे किसी डाक्टर से मिलना चाहिए?

सहवास के दौरान हलका रक्तस्राव होना आम बात नहीं है, इसलिए आप को किसी स्त्री रोग विशेषज्ञा से परामर्श लेना चाहिए. वे जांच के बाद उपचार करेंगी.

मैं 20 वर्षीय युवती हूं. शीघ्र ही विवाह होने वाला है. मैं जितना अपनी शादी को ले कर रोमांचित हूं उतनी ही सुहागरात को ले कर भयभीत भी हूं. सुना है कि जब पहली बार पति संबंध बनाता है, तो बहुत दर्द होता है. पता नहीं मैं यह दर्द सह पाऊंगी या नहीं, यही सोचसोच कर भयभीत रहती हूं. कृपया मेरा मार्गदर्शन करें?

आप सुहागरात को ले कर मन में कोई पूर्वाग्रह न पालें. प्रथम समागम के दौरान जब युवती का योनिच्छद होता है, तो हलका सा रक्तस्राव और दर्द होता है. पर यह दर्द इतना नहीं होता कि सहा न जाए. अत: बेवजह भयभीत न हों.

मेरे विवाह को 15 साल हो चुके हैं पर मेरे पति अब तक नहीं सुधरे. अब भी वे हमें छोड़ कर 2-2 साल तक कहीं चले जाते हैं. घर की सारी जिम्मेदारियों को मैं अकेले उठाती आई हूं. अब तक तो जैसेतैसे चलता रहा पर अब सहन नहीं होता. उन्हें कैसे समझाऊं ताकि वे ऐसा करना छोड़ दें.

आप ने पूरा खुलासा नहीं किया कि आप के पति घर छोड़ कर कहां जाते हैं और आप ने शुरू में ही इस का विरोध क्यों नहीं किया? एक पति अपने घरपरिवार से भला ऐसे कैसे दूर रह सकता है. आप को घर के बड़ों से (अपने सासससुर आदि) पहले ही इस विषय में बात करनी चाहिए थी. आप की चुप्पी की वजह से ही आप के पति इस तरह की गैरजिम्मेदाराना हरकत करते रहे हैं. आप को पति से दोटूक बात करनी चाहिए कि वे अपनी आवारागर्दी से बाज जाएं. चाहे तो अन्य सगेसंबंधियों से भी मदद ले सकती हैं. पति के प्रति सख्त रुख रखेंगी तो वे जरूर अपनी हरकतों से बाज आ जाएंगे.

मैं एक लड़के से 3 वर्षों से प्रेम करती हूं. हम दोनों के घर वाले भी हमारी शादी करने के लिए मान गए थे पर किसी रिश्तेदार ने मेरे घर वालों को भड़का दिया कि लड़के की हैसियत हमारे बराबर का नहीं है. रिश्ता बराबर वालों में ही करना चाहिए. अब मेरे घर वाले अड़ गए हैं कि वे यह शादी नहीं होने देंगे. मैं उन्हें मनातेमनाते हार गई हूं. कृपया बताएं कि क्या करूं?

यदि लड़का आत्मनिर्भर है, उस में कोई ऐब नहीं है और आप को लगता है कि वह आप के लिए योग्य जीवनसाथी साबित होगा तो आप घर वालों को बता दें कि आप सिर्फ और सिर्फ उसी से विवाह करेंगी. उन से यह भी कहें कि जब पहले इस शादी के लिए राजी थे तो अब दूसरों के बहकावे में आ कर शादी से क्यों पीछे हट रहे हैं? उन्हें मनाने का प्रयास करें. फिर भी वे राजी नहीं होते तो आप कोर्ट मैरिज कर सकते हैं.

मेरी शादी को 1 वर्ष हो गया है. मैं मां बनना चाहती हूं, पर पति अभी बच्चा नहीं चाहते. कहते हैं कि अभी कुछ साल हम अपनी शादी ऐंजौय करेंगे. उस के बाद बच्चे के बारे में विचार करेंगे. उन का कहना है कि बच्चा होने पर स्त्री का यौनांग ढीला हो जाता है. तब सैक्स में पहले जैसा मजा नहीं आता. क्या यह बात सच है?

यदि आप दोनों की अभी उम्र कम है और आप बच्चे की जिम्मेदारी उठाने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं तो और कुछ साल बेफिक्र हो कर विवाह का आनंद उठा सकते हैं. मगर सिर्फ यह सोच कर बच्चा पैदा करने से कन्नी काटना कि इस से सहवास के आनंद में कमी आ जाएगी, गलत है. माना कि बच्चा पैदा होने पर स्त्री के यौनांग में थोड़ा ढीलापन आ जाता है, पर उस से सहवास के आनंद में कमी नहीं आती है.

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