आज कैब की सेवाओं के कारण आम आदमी के लिए सफर करना आसान हो गया है. जहां पहले औटो का इंतजार और लोगों से खचाखच भरी बस का सफर इंसान को थका देता था, वहीं आज कैब ने इन मुश्किलों को दूर कर दिया है. सब से बड़ी बात यह है कि एक कौल करने पर मिनटों में कैब आप के दरवाजे पर आ कर खड़ी हो जाती है. आप का अनमोल समय नष्ट नहीं होता और किराया भी उतना ही जितना आप अफोर्ड कर पाएं. लेकिन कई बार कैब ड्राइवरों द्वारा महिलाओं और लड़कियों के साथ दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामले उन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर देते हैं. चाहे कितने भी दावे क्यों न कर लिए जाएं. पर सचाई यही है कि आज भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. उन के साथ कब और कहां क्या घट जाए कुछ पता नहीं.
कैब में सफर के दौरान कुछ महिलाओं के साथ क्याक्या हादसे हुए और उन्होंने कैसा महसूस किया आइए जानते हैं:
अनहोनी की संभावना: कामकाजी नेहा जैसे ही कैब में बैठी उसे अल्कोहल और पान की गंध महसूस हुई. फिर कुछ देर बाद ड्राइवर ने गाड़ी एक सुनसान जगह रोक दी. पूछने पर बोला कि पैट्रोल खत्म हो गया है. जहां उस ने गाड़ी रोकी थी वहां काफी अंधेरा था और अपराध के लिए वह जगह बदनाम थी.
फिर उस ड्राइवर ने अपने दोस्त को फोन पर कहा कि गाड़ी में एक औरत है. यह सुन कर उस महिला की कंपकंपी छूट गई. उस ने तुंरत अपनी दोस्त को फोन कर उसी जगह आने को कहा जहां गाड़ी खड़ी थी. नेहा आज भी इस घटना को याद कर सहम जाती है कि अगर ड्राइवर के दोस्त से पहले उस की दोस्त वहां न आई होती तो पता नहीं उस के साथ क्या होता.
आधी रात में छेड़खानी: घटना बैंगलुरु इलाके के रिंग रोड की है. बैंगलुरु में एक कैब चालक ने एक महिला के साथ छेड़खानी की. कैब कंपनी से जुड़े एक कैब चालक ने बैंगलुरु में एक 23 वर्षीय महिला को न सिर्फ परेशान किया, बल्कि रास्ते भर उस से कथित रूप से छेड़छाड़ भी करता रहा. उस महिला ने यह भी कहा कि उस कैब चालक ने उसे गाड़ी में कैद करने के लिए गेट लौक कर दिया.
उस आधी रात में महिला के मोबाइल की बैटरी भी खत्म हो गई थी, जिस की वजह से वह किसी से सहायता मांगने में भी असमर्थ हो गई. यहां तक कि कैब के ऐप में एसओएस औप्शन को भी ऐक्टिवेट नहीं कर पाई.
गलती नहीं मानी: नोएडा में उबेर कैब के एक ड्राइवर ने एक महिला की कार में टक्कर मार दी. जब उस महिला ने इस बात पर नाराजगी जताई तो गलती मानने के बजाय वह उस महिला को मारनेपीटने लगा और उस के साथ अश्लील हरकतें करने लगा.
अपनी सुरक्षा खुद: 24 वर्षीय उत्कर्षा, जो फैशन डिजाइनर है, का कहना है कि रात 9 बजे के बाद घर से बाहर रहना महिलाओं के लिए भयानक है. आप को नहीं पता कि आप के साथ खड़ा या आप को घूर रहा इंसान आप के साथ कब क्या कर दे. औटो या कैब लेना भी आजकल खतरे से खाली नहीं है. उस का कहना है कि वह हमेशा अपने साथ पैपरस्प्रे जरूर रखती है, क्योंकि यह सुरक्षा के लिए जरूरी है. वह पुलिस पर निर्भर नहीं रह सकती, क्योंकि ज्यादातर हैल्पलाइन नंबर काम ही नहीं करता.
डर का माहौल: निकता कैब में सफर के दौरान काफी भयभीत रहती है. उसे लगता है कि उस के साथ पता नहीं कब क्या हो जाए. ड्राइवर का मिरर से घूरते रहना उसे अंदर तक दहला देता है.
सुरक्षा की कमी: पुष्पा का कहना है कि कैब में सब से बड़ी सेफ्टी की समस्या होती है. कंपनी की ओर से पिक ऐंड ड्रौप के लिए जो कैब दी जाती है उस में सेफ्टी के लिए सिक्युरिटी गार्ड तैनात किए जाने चाहिए.
दिल्ली, एनसीआर में 56% कैब ड्राइवर शराब पी कर गाड़ी चलाते हैं. यह खुलासा एक सर्वे में किया गया है. सर्वे में यह भी खुलासा हुआ कि ऐप बेस्ड टैक्सी, रेडियो टैक्सी, कालीपीली टैक्सी को संचालित करने वाली कंपनियां कभी अपने ड्राइवरों की चैकिंग नहीं करतीं.
सर्वे के मुताबिक 90% ड्राइवरों की कभी चैकिंग नहीं होती. ऐसे में यात्रियों के लिए यह कहां तक सुरक्षित है, इस का जबाव सरकार से पूछना चाहिए. चाहे कैब हो या फिर कोई अन्य सार्वजनिक परिवहन, इन में से किसी के भी इस्तेमाल के दौरान सतर्कता जरूरी है. अगर कैब में सफर के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखें तो अनहोनी से बचा जा सकता है. मसलन:
• कैब की सेवाएं लेते वक्त गाड़ी का परमिट जरूर देख लें.
• कैब बुक कराते वक्त गाड़ी ड्राइवर का नाम, पता, फोन नंबर जरूर पता कर लें ताकि जरूरत पड़ने पर उस से संपर्क किया जा सके.
• कैब ड्राइवर को उसी रास्ते से चलने को कहें जो रास्ता आप को पता हो. अगर रास्ता आप को पता न भी हो तो उसे इस बात का पता न चलने दें कि आप को रास्ता पता नहीं है. टैक्नोलौजी का इस्तेमाल कर अपने फोन के माध्यम से नैविगेशन के जरीए सही रास्ते की लोकेशन पता करें और ड्राइवर को उसी रास्ते से चलने को कहती रहें.
• सफर के दौरान अपने फोन को अपने हाथ में ही रखें और ध्यान रहे कि फोन पूरा चार्ज हो ताकि आप को अपने परिचितों से कौंटैक्ट करने में परेशानी न हो. हो सके तो घर से चार्ज बैंक साथ ले कर चलें ताकि बैटरी खत्म होने पर तुरंत चार्ज किया जा सके.
• अगर आप को लगे कि कैब ड्राइवर आप के साथ कुछ गलत करना चाह रहा था पर कर नहीं पाया, तो कैब से उतरते ही इस बात की सूचना तुरंत आप उक्त कंपनी को दें ताकि बाद में अन्य महिला के साथ कोई समस्या न आए.
• वैसे तो ज्यादातर कैब में जीपीएस ट्रैकर लगे होते हैं, अगर न लगे हों तो आप अपने फोन से ही जीपीएस लोकेशन अपने परिचितों को लगातार भेजती रहें ताकि उन्हें पता चल सके कि आप कहां तक पहुंच चुकी हैं, घर से कितनी दूर हैं.
• आप कैब के सफर के दौरान अपने दोस्तों और घरवालों से बात करती रहें ताकि ड्राइवर को लगे कि आप अपने परिचितों के संपर्क में बनी हुई हैं.
• सफर के दौरान अपने बैग में पैपरस्प्रे जरूर रखें.
• कैब में सफर करते वक्त आप को नींद न आए, इस के लिए आप अपने परिचितों से फोन पर बातें करती रहें.
• अगर कैब में आप के साथ और भी कोई यात्री सफर कर रहा हो तो उस की भी जानकारी आप अपने परिचितों को देना न भूलें.
खुद बनें अपनी बौडीगार्ड
जानकार मानते हैं कि किसी भी हादसे के लिए 3 चीजें जरूरी होती हैं पहला अपराधी, दूसरा शिकार और तीसरा मौका. इन में से अगर एक भी न हो तो हादसा नहीं होगा. इन में से सब से आसान लेकिन जरूरी है मौका देने से बचना. फिर आता है खुद को शिकार बनने देने और अपराधी से निबटना. जानें कि अपराधी को मौका देने से कैसे बच सकती हैं आप?
• आत्मविश्वास से भरपूर दिखें.
• आप की बौडी लैंग्वेज से कौन्फिडैंस झलकना चाहिए.
• जमीन में सिर झुका कर चलने के बजाय
अलर्ट और जागरूक दिखते हुए सामने देखते हुए चलें.
• अगर किसी इलाके के या रास्ते के बारे में पता नहीं है, तो अनजान लोगों को यह न बताएं.
• कभी अनजान लोगों से लिफ्ट न लें, भले ही कितनी ही मजबूरी क्यों न हो.
• ट्रैफिक के उलटी दिशा यानी सड़क के उस ओर चलें कि ट्रैफिक आप को सामने से आता दिखे. ऐसे में पीछे से हमला नहीं हो सकेगा.
• अगर कोई पीछा करता दिखता है तो जो भी घर सामने दिखे उस की कौलबैल बाजा दें और उन्हें सारी स्थिति के बारे में बताएं, झिझकें नहीं. रात हो या दिन अपनी सूझबूझ से खुद को बचाने की कोशिश करें.