भारतीय टैनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस जब अभिनेता संजय दत्त की पूर्व पत्नी रिया पिल्लै के साथ लिव इन पार्टनर के रूप में रह रहा होगा, तो उसे लगा होगा कि वह कोई ट्रौफी अपने से ज्यादा चमत्कारी पैसे वाले से छीन लाया है. उसे क्या पता था कि वह एक जंजाल में फंस रहा है. अब लगभग 8 साल से लिव इन पार्टनर रह रहे उन का मुकदमा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है जहां अदालत ने भी हाथ झाड़ से लिए हैं. दरअसल, 2014 में रिया ने पेस के खिलाफ डोमैस्टिक वायलैंस ऐक्ट के तहत केस किया था.
रिया पिल्लै अब अलग होने के लिए 20 करोड़ और एक मकान मांग रही है. मजेदार बात यह है कि एक मकान वह संजय दत्त से भी तलाक के समय हथिया चुकी है. सुप्रीम कोर्ट के जजों ने चैंबर में बुला कर दोनों को समझानेबुझाने की कोशिश भी की पर बेकार, क्योंकि भूखी शेरनी को मालूम है कि उसे मनचाहा शिकार उस की शर्तों पर मिल जाएगा.
अदालतों में चल रहे हाई प्रोफाइल तलाक के मामलों में ज्यादातर में पत्नियां ही हावी होती हैं और उन का रुख होता है कि चाहे कुछ भी हो जाए उस पति को तो सबक सिखाना होगा जिस ने उस जैसी सुंदर, स्मार्ट औरत को छोड़ने की बात भी सोची. आखिर यों ही तो उस के बीसियों दीवाने नहीं हैं और दीवानों में अच्छीखासी हैसियत वाले भी हैं जो घर, पत्नी, धंधा छोड़ कर उस पर मंडराते रहते हैं और उसे साथ ले चलने में उन की गरदन शुतुरमुर्ग जैसी ऊंची हो जाती है. करिश्मा कपूर के साथ भी ऐसा ही हुआ था. सुनंदा पुष्कर भी उसी श्रेणी में आती है.
सुंदर स्मार्ट होने का मतलब यह नहीं होता कि उसे जहां चाहो भुना लो. यह एक जिम्मेदारी भी है अपने प्रति ही सही. ज्यादा अकड़ अकसर महंगी पड़ती है. जवानी अब ठीक है 4 दिन की नहीं होती या फिर साल भर तक चल जाती है पर उस के बाद जो तनाव व अकेलापन होता है वह शराब की बोतलों से दूर होता है. कितनी ही ट्रौफी पत्नियां अकसर अकेलेपन और निराशा की शिकार होती हैं. हां, जिन के बच्चे मां के प्रति अनुग्रहित होते हैं, वे जरूर आखिर तक अपने तेवर बनाए रख पाती हैं पर भारी कीमत देनी होती है.
पतिपत्नी संबंध में ऊंचनीच नहीं तो बराबरी तो है ही. सुंदरता के बल पर औरतें अपने को विशिष्ठ समझेंगी तो पछताएंगी. रिया पिल्लै की मांग चाहे कितनी तार्किक हो पर अगर सुप्रीम कोर्ट के जज भी उसे समझा न पाएं तो मान लें कि वह कुछ अति दंभी ही है. बेचारा लिएंडर पेस.