‘‘करीब 50 वर्षीय उस व्यक्ति ने जब मेरी बाइक के पास से अपनी कार निकाली और फिर अपनी विंडो का ग्लास नीचे किया तो मुझे उस का गुस्से वाला चेहरा साफसाफ दिखाई दिया. मुझे उस के द्वारा कहे जा रहे अपशब्द भी साफ सुनाई दे रहे थे. फिर अचानक वह मेरे नजदीक आया और गुस्से से ऊंचे स्वर में बोला कि यू बिच, रुक जाओ वरना मैं तुम्हें बहुत मारूंगा.

‘‘मैं ने अपनी बाइक रोकी और कहा कि ठीक है शुरू हो जाओ, पर जो भी करना है जल्दी करो. मुझे काम पर जाना है. फिर जैसे ही मैं ने अपना हैलमेट उतार कर अपने लंबे बालों को लहराया तो मुझे देख कर उस के होश उड़ गए. उस समय उस का चेहरा देखने लायक था. फिर बिना एक पल रुके मेरी नजरों से वह ओझलहो गया.’’

यह आपबीती न्यूयौर्क के प्रोफैशनल बीएमएक्स रेसर और औटो जर्नलिस्ट जैक बरुथ की है. जैक बरुथ कहते हैं कि जब से उन्होंने अपने बालों को लड़कियों की तरह लंबा रखना शुरू किया तब से जाना कि कैसे अमेरिकी सड़कों पर कायर रोड रेजर्स महिलाओं की बुलिंग करते हैं. इस घटना में जैक बरुथ के लंबे बालों को देख कर उस कार ड्राइवर को उन के महिला होने का मुगालता हो गया था, इसलिए उस ने जैक बरुथ के साथ दुर्व्यवहार किया था.

जैक बरुथ कहते हैं, ‘‘मेरे साथ ऐसी घटनाएं कई बार घटित हो चुकी हैं, जब सड़क पर मुझे महिला समझ कर मेरे साथ दुर्व्यवहार हुआ है. हालांकि मेरे लंबे बालों को देख कर अगर किसी को मेरे महिला होने का धोखा होता है तो यह उस की गलती है, क्योंकि मैं 6 फुट 2 इंच लंबा और करीब 109 किलोग्राम वजन का बांका जवान हूं.’’

आगे वे कहते हैं, ‘‘दरअसल, होता यह है कि जब मैं सड़क पर पुरुष ड्राइवरों को परेशान करने के लिए उन के सामने से लेन चेंज करते हुए उन्हें ओवरटेक करता हूं तो पीछे से मेरे लंबे बालों को देख कर वे बरदाश्त नहीं कर पाते कि एक महिला भला इतनी अच्छी ड्राइविंग कैसे कर सकती है और फिर वे मेरा पीछा करते हैं, हौकिंग करते हैं, मेरा ध्यान बंटाने की कोशिश करते हैं. लेकिन जैसे ही मैं अपना हैलमेट उतारता हूं और वे अपने सामने एक पुरुष को देखते हैं तो डर कर बिना कुछ कहे आगे निकल जाते हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो.

‘‘अमेरिकी सड़कों पर महिलाओं के साथ बुलिंग की एक और घटना मैं आप के साथ शेयर करना चाहता हूं. एक बार मैं अपने औफिस की पार्किंग से अपनी गाड़ी निकालने की कोशिश कर रहा था. मेरी गाड़ी तीसरे नंबर पर थी. मेरे आगे की गाड़ी में एक महिला ड्राइवर और उस के आगे एक पुरुष ड्राइवर अपनी गाड़ी में था. पुरुष ड्राइवर पर्याप्त जगह होने के बावजूद अपनी गाड़ी निकाल नहीं पा रहा था. मैं परेशान हो कर हौर्न बजा रहा था. तभी मैं ने देखा कि वह पुरुष ड्राइवर बाहर निकला और पिछली कार में बैठी महिला ड्राइवर की कार की खिड़की को गुस्से से जोरजोर से पीटना शुरू कर दिया. तभी मैं अपनी गाड़ी से बाहर निकला और उसे समझाया कि हौर्न मैं बजा रहा था न कि यह महिला. मुझे समझ नहीं आता कैसे कुछ पुरुष ट्रैफिक जोन का फायदा उठा कर महिलाओं को परेशान करते हैं और उन्हें डरातेधमकाते हैं.’’

जैक बरुथ का कहना है, ‘‘मैं कोई सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाला क्रांतिकारी नहीं हूं, लेकिन अपने लंबे बालों की वजह से जो मैं ने देखा और महसूस किया उस का खंडन नहीं किया जा सकता कि कैसे अमेरिकी सड़कों पर भी पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं रोजरोज अपशब्दों की मार का शिकार होती हैं. मेरे दोस्त मुझे कहते हैं कि मैं अपने बाल छोटे करवा लूं और अपना गर्ली हैलमेट बदल लूं, लेकिन मैं ऐसा हरगिज नहीं करने वाला हूं सिर्फ इसलिए कि मैं महिलाओं के साथ होने वाले बर्ताव और विद्वेष से बच सकूं, बल्कि मैं तो चाहूंगा कि मेरे लंबे बालों की वजह से जो मेरे साथ घटित होता है उस से पुरुष एक सबक लें और महिलाओं के प्रति अपना व्यवहार बदलें, उन्हें सम्मान दें.’’

भारतीय सड़कों पर महिलाओं की स्थिति

अगर भारतीय सड़कों पर महिला ड्राइवरों के साथ होने वाले व्यवहार की बात की जाए तो यहां भी हालात अमेरिका से कुछ इतर नहीं हैं. भारत जैसे पुरुषप्रधान देश में पहले महिलाएं घर की जिम्मेदारियां संभालती थीं और पुरुष के हाथों में स्टेयरिंग होता था. लेकिन अब समय बदल गया है. महिलाएं घर और बाहर दोनों जिम्मेदारियां उठाने लगीं, तो उन्हें स्टेयरिंग संभालने का भी अवसर मिला. लेकिन महिला ड्राइवरों को देख कर पुरुषों को उन की यह आजादी पची नहीं और आज भी जब वे किसी महिला ड्राइवर को ड्राइव करते देखते हैं तो उन से बरदाश्त नहीं होता और उन के मुंह से एक ही बात निकलती है कि पता नहीं क्यों दे देते हैं इन्हें गाड़ी चलाने को? अगर वह धीरे गाड़ी चला रही है तो कहेंगे कि अच्छा अभी नईनई सीखी है और अगर वह कौन्फिडैंटली स्पीड में गाड़ी चलाए तो उस का पीछा कर के उसे ओवरटेक करने की कोशिश करते हैं, उस के साथ रेस लगाते हैं.

जरूरत सोच बदलने की

40 वर्षीय आकृति बंसल जो कालेज टाइम से ड्राइविंग कर रही हैं और परफैक्ट ड्राइविंग करती हैं, का इस बारे में कहना है, ‘‘सड़कों पर महिला ड्राइवरों के प्रति पुरुषों का रवैया बहुत खराब होता है. वे हमेशा महिला ड्राइवरों का ध्यान बंटाने की कोशिश करते हैं. अगर पुरुष ड्राइवर उन के साथ रेस लगा रहे हों और उन्हें अपनी स्पीड कम कर के आगे बढ़ने दे दिया जाए तो वे खुश हो कर इसे अपनी जीत समझते हैं. कई पुरुष तो महिला ड्राइवर को ड्राइविंग सीट पर देख कर उस का फोटो खींचने लगते हैं. इस के पीछे उन की मंशा महिला को ड्राइविंग सीट पर देख कर हैरान या तारीफ करने के बजाय उसे विचलित करने की होती है. उन के इस चाइल्डिश व्यवहार पर हंसी आती है. ड्राइव करती महिला कोई अजूबा नहीं है. वह भी आप ही की तरह है. ऐसे में उस का हौसला बढ़ाने के बजाय अंडरएस्टिमेट करने की कोशिश उन के छोटेपन को दर्शाती है. जरूरत है कि पुरुष महिला ड्राइवरों के प्रति अपनी सोच में बदलाव लाएं और उन्हें कमतर न समझें.’’

सड़कों पर झेले जाने वाले झटके

सलाम है उन लड़कियों और महिलाओं को जो पुरुषों की बुलिंग के बाद भी सक्षमता से सड़कों पर ड्राइविंग कर रही हैं. पुरुषों को महिलाओं का ड्राइविंग करते देखना बरदाश्त नहीं होता. महिलाओं के आत्मविश्वास को कम करने के लिए वे सड़कों पर ऐसी हरकतें करते हैं, जो महिला ड्राइवरों के लिए किसी झटके से कम नहीं होतीं.

आइए, जानते हैं भारतीय सड़कों पर पुरुषों द्वारा महिला ड्राइवरों के साथ किए जाने वाले आम दुर्व्यवहार के कुछ नजारे:

– अगर कोई महिला ड्राइवर पुरुष ड्राइवर की गाड़ी को ओवरटेक कर ले तो उस के अहम को ठेस पहुंचती है और वह भिन्नभिन्न तरीकों से महिला ड्राइवर के मन में घबराहट पैदा करने की कोशिश करता है. मसलन, वह ओवरटेक करता है, बिना सिग्नल दिए मुड़ जाता है, भले ही इस में उस की जान को भी खतरा क्यों न हो. लेकिन महिला ड्राइवर के मन में घबराहट पैदा करने में उसे मजा आता है और वह उसे अपनी जीत समझता है.

– अगर कोई महिला एक बार में पार्किंग में गाड़ी पार्क कर दे तो पुरुष उसे ऐसे घूरते हैं कि उस ने इतनी आसानी से गाड़ी कैसे पार्क कर दी. यहां भी वे महिलाओं को कम आंकते हैं. महिलाओं का परफैक्ट ड्राइव करना उन्हें पचता नहीं.

– अगर कोई महिला ड्राइवर पुरुष की गाड़ी को ओवरटेक कर दे तो यह उस के लिए प्रैस्टिज इश्यू बन जाता है और वह स्पीड बढ़ा कर महिला ड्राइवर को जरूर ओवरटेक करता है. जब कोई महिला लेन चेंज करती है, तो उसे जज करते हैं और सभी पुरुष ड्राइवर उस की तरफ हैरानी से देखते हैं जैसे उस की काबीलियत पर भरोसा न हो.

– अगर कोई महिला ड्राइवर गाड़ी को पार्किंग में लगा रही होती हो तो पुरुष उस की मदद के लिए आ जाते हैं. उन्हें लगता है कि यह काम उस के बस का नहीं. वे उसे दिशानिर्देश देने लगते हैं. अगर महिला जाल में फंस जाए तो सुनने को मिल जाएगा कि आप से नहीं होगा, मैं कर देता हूं.

– कुछ पुरुष तो बस इस मौके की तलाश में रहते हैं कि महिला ड्राइवर कोई गलती करे और उन्हें उस का मजाक उड़ाने का मौका मिले.

– कुछ सड़कछाप तो पीछा करने तक से बाज नहीं आते. इस चक्कर में भले ही वे अपना रास्ता भूल जाएं.

– कुछ पुरुष ड्राइवर सड़क पर साथ चलती महिला ड्राइवर को देख कर उस की गाड़ी के पास अपनी गाड़ी ला कर विंडो से कमैंट पास करने से भी बाज नहीं आते, तो कुछ पुरुष अपना म्यूजिक सिस्टम हाई वौल्यूम पर कर के महिला ड्राइवर का ध्यान बंटाने की कोशिश करते हैं.

– कुछ पुरुष सड़क पर यह तय नहीं कर पाते कि उन्हें महिला ड्राइवर का पीछा करना है या ओवरटेक, बस वे अपनी गाड़ी उस की गाड़ी के पीछे रखते हैं और लगातार डिपर मारते रहते हैं और दिन हो तो हौकिंग कर के परेशान करते हैं.

सुरक्षित ड्राइवर

हाल ही में न्यू साउथ वेल्स ट्रांसपोर्ट और रोड सेफ्टी यूनिट द्वारा हुई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि महिला ड्राइवर अधिक सुरक्षित ड्राइविंग करती हैं. यातायात के नियमों का पालन करती हैं. कम ओवरटेक करती हैं. पुरुषों की तरह तेज स्पीड में गाड़ी नहीं चलातीं. सीट बैल्ट और हैलमेट पहनने में भी महिलाएं पुरुषों से आगे हैं. वे पूरी सतर्कता के साथ

महिलाओं की ड्राइविंग पर जोक्स

मैं लड़कियों की ड्राइविंग के हरगिज खिलाफ नहीं, लेकिन ऐक्सीडैंट के समय ब्रेक मारने की जगह चीख मारना, यह कहां का इंसाफ है?

डाक्टर: जब तुम्हें पता था कि कार एक लड़की चला रही है तो तुम्हें सड़क से दूर चलना चाहिए था.

मरीज: कौन सी सड़क, डाक्टर साहब? मैं तो बाग में बैठा भुट्टा खा रहा था.ड्राइविंग करती हैं. यही कारण है कि सड़क दुर्घटनाओं में महिलाओं की अपेक्षा पुरुष अधिक दुर्घटनाग्रस्त होते हैं.

VIDEO : प्री वेडिंग फोटोशूट मेकअप

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