आज के समय में जहां सबकुछ आराम से मिल जाता है, वहीं रिश्तों की कीमत घटती जा रही है। प्यार और शादी के मायने बदल रहे हैं, हर किसी के पास बहुत सारे औप्शन हैं. ‘तू नहीं तो और सही’ के फौर्मूले के चलते शादीशुदा रिश्ते कमजोर पड़ रहे हैं. इस रिश्ते में भी विश्वास और वफादारी, घर की जिम्मेदारियां सभी कुछ ताक पर रख कर अपनी स्वार्थ सिद्धि ज्यादा देखने में आ रही है, जिस की वजह से कई सारे शादीशुदा रिश्ते 20-20 साल बाद भी तलाक में बदल रहे हैं.
ऐसे में, जब एक पत्नी अपनी पूरी जिंदगी अपने बच्चे, परिवार और पति की सेवा में लगा देती है, उस औरत की दुनिया अपने घरपरिवार तक ही सीमित रह जाती है.
मगर एक दिन जब उस को पता चलता है कि उस के पति (Husband )ने दूसरी शादी कर ली है और अपना दूसरा घर बसा लिया है तो उस औरत के पैरों तले से जमीन खिसक जाती है क्योंकि न तो वह मानसिकतौर पर मजबूत होती है और न ही आर्थिक तौर पर. ऐसे में जब उसे यह एहसास होता है कि इतने साल शादी होने के बाद अचानक फिर से अकेली हो गई है, यहां तक की बच्चों को पालने की जिम्मेदारी भी उस पर आ गई है, तो उस को दिन में ही तारे नजर आ जाते हैं.
ऐसे हालत में अगर पत्नी शिक्षित और कामकाजी है, आर्थिक तौर पर सशक्त है, तो एक बार वह पति की बेवफाई को झेल भी लेती है. लेकिन अगर वहीं दूसरी ओर पति के कहने पर ही यदि पत्नी घर तक ही सीमित, बाहर की दुनिया से बेखबर और अशिक्षित है और 2-3 बच्चों की मां भी है, तो ऐसे में पति के तलाक के बाद उस की आगे की जिंदगी मुश्किल हो जाती है. वह सदमाग्रस्त हो जाती है क्योंकि ज्यादातर लड़कियां शादी होने के बाद इतना ज्यादा बेपरवाह हो जाती हैं कि घर तक की सीमित रहती हैं। वे पहले की तरह सजनासंवरना छोड़ देती हैं.
न तो वे पति को रिझाने के लिए पहले की तरह सजतीसंवरती हैं और न ही घर से बाहर जा कर पैसा कमाने के बारे में सोचती हैं क्योंकि उन के खुद के पति ही अपनी पत्नियों को नौकरी करने से रोकते हैं और घरपरिवार और बच्चों को संभालने की सलाह देते हैं. ऐसे में, जब वही पति तलाक देने की बात कहता है तो ऐसी पत्नियों का दिमाग हिल जाता है.
आज के समय में कई सारे ऐसे पति हैं जिन्होंने अपनी पत्नियों को 15 से 20 साल बाद तलाक दे कर बीच मंझदार में छोड़ दिया.
ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है फिल्म इंडस्ट्री में ही कितने ऐक्टर ऐसे हैं जिन्होंने अपनी पहली पत्नी को कई सालों की शादी के बाद तलाक दे दिया और दूसरी शादी कर ली.
गायक और संगीतकार हिमेश रेशमिया, सैफ अली खान, बोनी कपूर, रितिक रोशन, अरबाज खान आदि कई हीरो ने अपनी पत्नियों को कई सालों की शादी के बाद मंझदार में छोड़ दिया और दूसरी शादी कर के अपना घर बसा लिया.
फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसी नायिकाएं भी हैं जिन्होंने शादी कर के फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी थी और बाद में तलाक होने के बाद फिर से ऐक्टिंग लाइन में वापसी की जैसे श्वेता तिवारी, करिश्मा कपूर, उर्मिला मातोंडकर आदि.
ऐसे नाजुक वक्त पर पति की छोड़ी और सताई पत्नियों को क्या कदम उठाना चाहिए कि वे अपनी आगे की जिंदगी पूरे आत्मसम्मान के साथ आत्मनिर्भर हो कर हंसीखुशी गुजार सकें, आइए जानते हैं :
शिक्षित और आत्मनिर्भर बनें
आज के समय में जब महंगाई चरम सीमा पर है और सिर्फ एक के दम पर घर चलाना मुश्किल है, तो ऐसे नाजुक मौके पर हर औरत का शिक्षित और आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर कोई औरत शिक्षित और आत्मनिर्भर रहती है तो वह अंदरूनी तौर पर मजबूत होती है क्योंकि उसे पता होता है कि उस में इतना दम है कि बुरे वक्त में पैसे कमाने की ताकत रखती है. इस के अलावा औरतों को खासतौर पर शादीशुदा पारिवारिक औरतों को कुछ पैसे बुरे वक्त के लिए बचा कर रखना चाहिए ताकि अचानक से अगर कोई मुसीबत आती है तो उस को किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े.
हीनभावना का शिकार होने से बचें
प्यार में धोखा और शादीशुदा जिंदगी में अवहेलना एक औरत को आर्थिक तौर पर ही नहीं मानसिक तौर पर भी कमजोर बना देता है. पति या प्रेमी द्वारा रिजैक्शन एक औरत को आसमान से जमीन पर ला पटकता है.
ऐसे में अगर कोई शादीशुदा 2-3 बच्चों की मां किसी दूसरी औरत के लिए पति द्वारा ठुकराई जाती है तो वह हीनभावना का शिकार हो जाती है. उस का अपने प्रति आत्मविश्वास कम हो जाता है. ऐसे नाजुक वक्त में अपनेआप को कम समझने की गलती न करें, निडर और आत्मविश्वासी बनें और नए सिरे से जिंदगी की शुरुआत करने का जोश अपने अंदर पैदा करें.
ध्यान रखें कि तलाक जीवन का अंत नहीं है बल्कि नए जीवन की शुरुआत भी हो सकती है.
हुनर को पहचानें
आप अपने हुनर और अपनी काबिलियत को पहचानें. पति के लिए रोनेधोने के बजाय पैसा कमाने के बारे में सोचें क्योंकि जब कोई साथ नहीं देता तब पैसा ही साथ देता है. अपने बच्चों को भी दुनियादारी सिखाएं और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश करें ताकि जो आप के साथ हुआ वह आप के बच्चों के साथ न हो।
सच बात तो यह है कि एक शादीशुदा जिंदगी में जिम्मेदारी का बोझ पति से ज्यादा पत्नी पर होता है। पति अगर बाहर जा कर पैसा कमाता है तो पत्नी घर और बाहर का सारा काम करने के साथसाथ बच्चों की भी परवरिश करती है. परिवार के अन्य लोगों की भी सेवा करती है जैसे सासससुर ननद, देवर आदि। इस के बाद भी अगर आप का पति आप का सम्मान नहीं करता, आप की बेइज्जती करता है, ताने मार कर या मारपीट कर के आप को दुख पहुंचाता है, तो ऐसे आदमी से रिश्ता रखने से अच्छा उस को तलाक देना ही सही है. कम से कम आप शांति का जीवन तो जी पाएंगी.
जिंदगी की नई शुरुआत करें
यों तो हर रिश्ता हमारी जिंदगी में बहुत जरूरी होता है। खासतौर पर पतिपत्नी का रिश्ता जिंदगी की डोर से जुड़ा होता है. लेकिन इस रिश्ते में अगर आप को अपने पति द्वारा अपमानित होना पड़े तो इस जबरदस्ती के रिश्ते से दूर हो कर जीवन की नई शुरुआत करना ही समझदारी है क्योंकि कोई भी रिश्ता जबरदस्ती में नहीं निभाया जा सकता उस में प्यार विश्वास और सम्मान का होना बहुत जरूरी है.