महिलाओं का जीवन जिम्मेदारियों व उतारचढ़ाव से भरा होता है. परिवार व बच्चों की खातिर उन्हें कई बार ऐसे समझते भी करने पड़ते हैं, जो उनके सपनों से जुड़े होते हैं यानी अच्छीखासी नौकरी करने के बावजूद उन्हें कई बार किन्हीं कारणों से जौब छोड़नी पड़ती है या फिर जौब से ब्रेक लेना पड़ता है, जो सीधे तौर पर उनके आत्मविश्वास को कम करने के साथसाथ उनके मनोबल को तोड़ने का भी काम करता है. वे मन ही मन यही सोचती हैं कि कैरियर से ब्रेक तो आसानी से ले लिया, लेकिन क्या कैरियर में वापसी भी उतनी आसानी से हो पाएगी. यही सवाल उन्हें मन ही मन परेशान करता है.

महिलाओं की इसी परेशानी को समझते हुए 2019 में एमजी मोटर इंडिया की पहल पर ‘ड्राइव हर बैक’ (डीएचबी) कैंपेन की शुरुआत हुई, जिस से कैरियर में वापस लौटने वाली महिलाओं को जोड़ कर उन्हें न सिर्फ रोजगार दिया बल्कि उनके आत्मविश्वास व कोन्फिडेन्स को भी वापस लौटाने का काम किया.

तो आइए जानते हैं इसके बारे में

एमजी मोटर इंडिया कुछ समय से उन प्रतिभावान व अनुभवी महिलाओं की मदद करना चाहता था, जो परिवार, बच्चों व प्रेग्नेंसी इत्यादि कारणों की वजह से कैरियर से ब्रेक ले चुकी थीं, लेकिन अब दोबारा से अपनी कारपोरेट यात्रा को शुरू करना चाहती थीं. उनकी भावना व परेशानी को अपनी परेशानी समझते हुए एमजी मोटर इंडिया ने 2019 में ‘ड्राइव हर बैक’ कैंपेन की शुरुआत की ताकि ऐसी महिलाओं के हुनर को प्रशिक्षण से और निखार कर वे कामयाबी की ऊंचाइयों को छूने में सफल हो सकें. उनका खोया हुआ कोन्फिडेन्स वापस लौटे और वे अपने अधूरे सपनों को इस प्लेटफार्म के जरिए पूरा कर सकें.

‘ड्राइव हर बैक’ कैंपेन के पहले सीजन में 250 महिलाओं ने भाग लिया, वहीं दूसरे सीजन में इनकी संख्या दोगुनी होकर 500 पहुंच गई है. जिसके माध्यम से अब तक 42 महिलाओं को दोबारा से अपना कैरियर शुरू करने में सहयोग मिल चुका है. जो इस कैंपेन की बड़ी सफलता को दर्शाने का काम करता है. बता दें कि जिन महिलाओं ने कैरियर से ब्रेक लिया था, उनमें आत्मविश्वास पैदा करने के लिए इसके अंतर्गत उनके लिए कार्यशालाएं चलाई जाती हैं. ये कार्यशालाएं प्रवेश कार्यक्रम के दौरान होती हैं, जहां टीम के हर सदस्य को एक उपयुक्त संरक्षक दिया जाता है.

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महिलाओं को ट्रेनिंग

हमारे आफलाइन वार्षिक कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को कुशल संरक्षकों द्वारा जरूरी ट्रेनिंग दी जाती है ताकि उन्हें कॉरपोरेट सेक्टर में उतरने के लिए स्ट्रौंग ट्रेनिंग दी जाने के साथसाथ वे वर्क व जीवन में बैलेंस बनाना भी सीख सकें.

इसके लिए हमने गुजरात के आसपास से योग्य महिला अभ्यर्थियों को खोजा और उन्हें एमजी इंडिया की सपोर्ट टीम में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया. महिलाएं के इस प्रशिक्षण में हिस्सा लेने पर उन्हें कई बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं व मिल रहे हैं.

एमजी मोटर इंडिया ‘ड्राइव हर बैक’ कैंपेन की टीम में प्रोफेशनल्स को नियुक्त करता है, जो हमेशा कंपनी के मिशन व विजन को ध्यान में रखकर काम करें. छोटेबड़े हर स्तर पर पहल करने की कोशिश की जा रही है ताकि इस कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके. यहां तक कि अपने कर्मचारियों के लिए तरहतरह के डी एंड आई सत्रों (डाइवर्सिटी एंड इनक्लूसन) सत्रों का आयोजन भी किया जाता है ताकि कहीं कोई कमी न रहने पाए और समावेशी संस्कृति को भी बढ़ावा मिले.

एक उपयुक्त मंच है

इसके अंतर्गत हर कर्मचारी के लिए लचीली समयसारणि व रणनीतियां तैयार करते हैं ताकि उनका व्यक्तिगत व प्रोफेशनल तरीके से विकास हो. इसके अनुसार डीएचबी की महिला सदस्याएं प्रशिक्षण व मेहनत के अनुसार अपना कॉरपोरेट कैरियर शुरू कर सकती हैं. हम जमीनी स्तर पर भी सीख देते हैं ताकि कहीं भी किसी भी तरह की कोई दिक्कत न आए.

‘ड्राइव हर बैक’ प्रोग्राम महिलाओं में कुशलताओं का निर्माण करने के अलावा सीखने और विचारों का आदानप्रदान करने के लिए भी एक बहुत ही उपयुक्त मंच है ताकि वे इसका हिस्सा बनकर खुद को बेहतर साबित करने में सफल हो सकें.

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इसके दो सीजन की सक्सेस को देखते हुए एमजी मोटर इंडिया इसके तीसरे सीजन में कुछ और बदलाव कर रहा है. विभिन्न स्तरों और कुशलताओं के आधार पर नियुक्ति होगी और कई उद्योगों से महिलाओं को आमंत्रित किया जाएगा. इस कार्यक्रम से जुड़कर महिलाएं खुद में काफी सुधार महसूस कर

रही हैं. शुरुआत में उनमें विचारों को व्यक्त करने में जो हिचकिचाहट थी, वे प्रशिक्षण से दूर होकर खुद को अब कोन्फिडेन्स से भरपूर पा रही हैं, क्योंकि मेहनत, प्रशिक्षण के दम पर उनकी जोरदार तरीके से कैरियर में वापसी जो हो रही है.

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