Saloni Anand : त्राया की सह संस्थापक सलोनी आनंद पति के समय से पहले झड़ रहे बालों के इलाज के लिए एक ऐसे अभियान पर निकलीं जहां उन्हें इस का समाधान मिल सके.
इसी जर्नी के दौरान सलोनी ने एक खास इलाज की खोज की जिस में 3 विज्ञानों की शक्ति थी- आयुर्वेद, न्यूट्रिशन और डर्मैटोलौजी. हेयर फौल के रिसर्च बेस्ड समाधान की तलाश में किए गए गहन अध्ययन और इस में मिली सफलता ने सलोनी को एक इंजीनियर और एमबीए पोस्ट ग्रैजुएट से व्यवसायी में बदल दिया जिस ने भारत के पहले हैल्थ टेक ब्रैंड त्राया की शुरुआत की.
यह अब हेयर फौल के समाधान के क्षेत्र में भारत के सब से तेजी से बढ़ते स्टार्टअप में से एक है और देशभर में 800+ कर्मचारियों के कार्य बल के साथ पिछले 3 सालों में 8 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान कर रहा है.
हाल ही में सलोनी को हुरुन इंडिया द्वारा सम्मानित किया गया और प्रतिष्ठित अंडर 35 ऐंटरप्रन्योर सूची में भी स्थान मिला जो डाइरैक्ट टू कंज्यूमर क्षेत्र में एक महिला संस्थापक के रूप में उन के योगदान को मान्यता देती है. इन वर्षों में उन्हें ईकौमर्स श्रेणी में शीदपीपल डिजिटल वूमन अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया, योर स्टोरी की 100 उभरती महिला नेताओं में नामित किया गया और हील फाउंडेशन द्वारा अंडर 45 हैल्थकेयर चेंजमेकर्स अवार्ड से भी सम्मानित किया गया. इस के अतिरिक्त कैंपेन इंडिया वूमन लीडिंग चेंज अवार्ड से भी सम्मानित किया गया.
सलोनी उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं जो व्यवसाय की दुनिया में आने की ख्वाहिश रखते हैं.
सलोनी का जन्म गुजरात के छोटे से शहर वापी में डाक्टर्स के परिवार में हुआ था. उन्होंने कमिंस कालेज औफ इंजीनियरिंग से बीटैक और आईबीएस हैदराबाद से एमबीए किया. फिर प्रोडक्ट मार्केटिंग और ईआईआर में काम किया. बिजनैस के क्षेत्र में जाना उन के लिए आसान नहीं था. उन की प्रोफैशनल जर्नी काफी उतारचढ़ाव से भरी रही है. त्राया शुरू करने से पहले वे सास कंपनी में प्रोडक्ट मार्केटिंग स्ट्रैटेजी पर काम कर रही थीं. उन की यह बिजनैस वूमन वाली जर्नी तब शुरू हुई जब उन के पति के बाल समय से पहले ?ाड़ने लगे और वे उस का समाधान खोजने निकलीं.
पेश हैं, उन से की गई बातचीत के मुख्य अंश:
आप ने इस फील्ड में आने की कब और कैसे सोची?
मेरे पास एक टेक कंपनी में अच्छी नौकरी थी और मेरे पति अल्ताफ सह संस्थापक, त्राया अपने स्टार्टअप को लेकर उत्साहित थे. मगर जैसेजैसे उन का स्टार्टअप बढ़ता गया उन का काम भी बढ़ता गया. वे दिन में लंबे समय तक काम करते. इस वजह से अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे सके. वे न ठीक से खाना खाते और न ही नींद पूरी लेते जिस का असर उन के पूरे स्वास्थ्य पर पड़ा. उन के थायराइड और यूरिक ऐसिड के स्तर में समस्या हो गई, वजन बढ़ गया और बालों के झड़ने के लक्षण दिखाई देने लगे. मेरे लिए उन्हें इस से गुजरते हुए देखना आसान नहीं था. हम ने आयुर्वेदिक इलाज कराया, डर्मैटोलौजिकल ट्रीटमैंट और यहां तक कि कैमिकल ट्रीटमैंट भी ट्राई किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. हमें इंडियन मार्केट में हेयर फौल के इफैक्टिव ट्रीटमैंट की बेहद कमी महसूस हुई. तब हम ने हेयर फौल के समाधान के लिए कुछ नया करने की जरूरत को सम?ा कर त्राया की स्थापना की. त्राया लगभग 93त्न मामलों में प्रभावी रहा है.
आप के अनुसार महिलाओं के अंदर सब से बड़ी शक्ति क्या होती है?
महिलाओं की सब से बड़ी ताकत परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल लेना, लचीलापन और मुश्किल से मुश्किल चुनौतियों से पार कर आगे बढ़ते रहने की क्षमता है. चाहे व्यवसाय हो, व्यक्तिगत जीवन हो या समाज हम में एकसाथ कई काम करने की क्षमता होती है और हम अपने निर्णयों पर दृढ़ रहने की ताकत भी रखती हैं और वहीं हम संवेदनशील भी होती हैं. बाधाओं को अवसरों में बदलने की क्षमता, दूसरों का सहयोग और मदद, दृढ़ संकल्प के साथ कई भूमिकाओं को संतुलित तरीके से निभाने की हमारी क्षमता हमें वास्तव में शक्तिशाली बनाती है.
बिजनैस वूमन बनने के लिए किसी महिला के लिए क्या जरूरी है?
महिलाएं अपनी उपलब्धियों के बारे में बात करने से झिझकती हैं लेकिन एक ऐंटरप्रेन्योर के तौर पर आप को अपना प्रोडक्ट खुद ही बेचना होगा. अपनी जीत का जश्न मनाएं और सुनिश्चित करें कि आप इस के बारे में जितना जरूरी हो प्रचार और बात करें.
भविष्य में आप और क्या करना चाहती हैं?
मेरा लक्ष्य है त्राया को एक ऐसा ब्रैंड बनाना जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए इफैक्टिव हेयर फौल के समाधान का पर्याय बन जाए. एक ऐसा ब्रैंड जो विज्ञान पर आधारित समाधान को चुनने की समझ देता है. मेरा लक्ष्य है कि त्राया पीसीओएस, मेनोपौज और डिलिवरी के बाद बालों के झड़ने जैसी महिलाओं से संबंधित समस्याओं पर फोकस करें.
अपने बिजनैस के बारे में विस्तार से बताइए?
त्राया को बालों के झड़ने की समस्या से निबटने के लिए एक अलग और नई सोच के आधार पर बनाया गया है. तुरंत समाधान पेश करने के बजाय हम बालों के झड़ने के मूल कारणों की पहचान करने और उन से निबटने पर ध्यान केंद्रित करते हैं. हम ने आयुर्वेद, डर्मैटोलौजी और न्यूट्रिशन इन 3 विज्ञानों को एकीकृत कर एक संपूर्ण ढांचा तैयार किया है जो कई पहलुओं से समस्या का समाधान करता है.
इस एकीकरण की आधारशिला त्राया का हेयर टैस्ट है जो एक डेटा संचालित, एआई संचालित डायग्नोस्टिक टूल है जिसे अल्ताफ, हमारे डाक्टरों की टीम और मेरे द्वारा कोविड महामारी के दौरान विकसित किया गया था. यह टूल उन खास कारणों की पहचान करता है जिन की वजह से बाल झड़ते हैं जैसे तनाव, हारमोनल असंतुलन या पोषण संबंधी कमी. यह जानकारी हमें हर व्यक्ति के लिए उस के अनुरूप समाधान तैयार करने में सक्षम बनाती है. त्राया में एक मजबूत इन हाउस सीआरएम प्रणाली है जो हमारे अपने सर्वर पर उपभोक्ताओं के संवेदनशील डेटा को सुरक्षित रूप से स्टोर करती है. हम अपने ग्राहकों की गोपनीयता के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और यह समर्पण ग्राहकों के विश्वास को मजबूत करता है.
त्राया 93त्न प्रभावी है और 8 लाख से अधिक सफलता के किस्सों के साथ यह मौडल साबित करता है कि आयुर्वेद, पोषण और त्वचाविज्ञान की मिलीजुली शक्ति न केवल काम करती है बल्कि दीर्घकालिक परिणामों को भी बढ़ावा देती है.
त्राया को एफैक्स डिजीज अवार्ड्स
2025- यूट्यूब का सर्वश्रेष्ठ उपयोग, इंक42 के 30 स्टार्टअप्स टू वाच आउट फौर और इंडिया डी2सी समिट ऐंड अवार्ड्स हासिल हुआ है.
आप की सफलता का सीक्रेट क्या है?
मैं जिज्ञासु स्वभाव की हूं. हमेशा सीखने के लिए तैयार रहती हूं और एक समय में एक ही कदम उठाती हूं. मैं चुनौतियों को अवसर के रूप में देखती हूं और समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने के लिए हमेशा तैयार रहती हूं. मैं जो हो रहा है उस पर भरोसा करती हूं और असफलताओं के बावजूद निराश नहीं होती. इस के साथ ही मदद मांगने में कभी संकोच नहीं करती. मैं अपनी क्षमताओं के विकास पर जोर देती हूं और अपनी सोच पर विश्वास करती हूं. सब से महत्त्वपूर्ण बात यह है कि मैं अपने हर सफर का आनंद लेती हूं.